विवादों के साये में आयोजन खेल के आड़ में पैसा कमाने का बना जरिया दूसरे गावों से आये टीमों को लड़ झगड़ कर कमिटी द्वारा किया जा रहा बाहर अगर आप जनप्रतिनिधि हैं और लिमतरा में चल रहे टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में प्राइज मनी देने जा रहे हैं तो एक बार जरूर सोचें जाने सब कुछ पढ़े पूरी खबर




बिलासपुर//विवादों के साए में लिमतरा में चल रहा टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता यहां कहने को तो खेल को बढ़ावा देने का कार्य हो रहा है पाम्प्लेट में भी लिखा गया है कि यहां टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है और कई गांव के खिलाड़ी यहां अपनी खेल का हुनर दिखाने पहुंच भी रहे हैं पर खिलाड़ियों के साथ यहां गुंडागर्दी हो रही है छोटे छोटे बच्चे जो खेलने आते है उनको डरा धमका कर बाहर किया जा रहा है कुछ टीम के खिलाड़ी बताते हैं कि यहां दो टीमों के बीच एक मैच चल रहा था जिसमें से एक टीम को कमेटी फाइनल में पहुंचा कर मोटा रकम अंदर करने की जुगाड़ में लगी हुई थी पर पासा उल्टा पड़ गया और कमेटी के सपोर्ट से खेल रही टीम को पहाड़ जैसे स्कोर को चेस करना पड़ गया और शुरुआत में ही उसको दो बड़े झटके लग गए दोनों ही ओपनर पहले ही ओवर में चलते बने जिसके वजह से टीम मुसीबत में फंसती नजर आ रही थी तब शुरू हुआ कमिटी का चीटिंग गुण्डागर्दी का खेल अपनी टीम को हारते देख पिच पर मौजूद बल्लेबाज नई गेंद की मांग करने लगे और कमिटी ने स्वीकार भी कर लिया पर दूसरी टीम ने ऐतराज जताते हुये मैदानी अम्पायर से पूछा की गेंद न फूटा है न छिला है न ही कही छेद हुआ है फिर क्यों बॉल बदला जा रहा है तो अम्पायर बोलते है की बल्लेबाज के हिसाब से बॉल दिया जायेगा मतलब फील्डिंग करने वाली टीम यहाँ सिर्फ तमाशा और कमिटी की हीटलर शाही देखने आई है आपको जान कर ताज्जुब होगी की उसी पुरानी बॉल से दूसरी टीम ने भी पुरे 8 ओवर खेले थे और 100+ स्कोर भी खड़ा किया था अब आपको इसका दूसरा पहलु समझाते है टेनिस बॉल में एक टेट्रोन बॉल आती है जिसमे नई स्थिति में बहुत छक्के चौके लगते है और यही कारण है की लिमतरा की कमिटी चाहती थी की उनकी सपोर्ट वाली टीम को नई बॉल देकर सामने वाली टीम को हराया जाये यहाँ का क्रिकेट टूर्नामेंट सिर्फ पैसा कमाने का एक जरिया बन गया है खिलाड़ी बताते है की इनसे जब बॉल बदले का कारण पूछा गया तो कुछ नहीं बता सके बस इतना बोले की जो बल्लेबाज चाहेगा वही बॉल मिलेगी मतलब साफ है यहाँ जनप्रतिनिधियों से खेल के नाम पर पैसा लेकर कमिटी सब कुछ अपने जेब में भरना चाह रही है वही विवाद बढ़ने पर दूसरी टीम मैच छोड़ कर चली गई कमिटी द्वारा साफ बोला गया जिसको खेलना है खेले नहीं तो वापस जाये यहाँ खेल कम और गुण्डागर्दी ज्यादा हो रहा है अब जनप्रतिनिधियों को भी लिमतरा में प्राइज मनी देने के पहले एक बार जरूर सोचना होगा क्यों की ये छूट भइये न सिर्फ अपनी गांव का बल्कि उन नेताओ को भी बदनाम कर रहे है जो यहाँ खेल को बढ़ावा देने प्राइज मनी देते है और ऐसे जगह क्रिकेट खेलने को भी बाई कौट करना चाहिए जहां सिर्फ और सिर्फ खेल के नाम पर बिजनेस हो रहा है