CG में 35 हाथियों का दल नन्हे शावक के साथ जंगल मे विचरण कर रहे है....पांच दिनो से एक अस्वस्थ हाथी अपने दल से अलग....वन कर्मी हडताल पर चौकीदारो के सहारे हाथी...कभी भी हो सकता है घटना ... पढ़िए पूरी खबर

CG में 35 हाथियों का दल नन्हे शावक के साथ जंगल मे विचरण कर रहे है....पांच दिनो से एक अस्वस्थ हाथी अपने दल से अलग....वन कर्मी हडताल पर चौकीदारो के सहारे हाथी...कभी भी हो सकता है घटना ... पढ़िए पूरी खबर

छत्तीसगढ़ धमतरी जिले.....नगरी सितानदी उदन्ती अम्यारण के अरसीकन्हार रेन्ज मे आज लगभग पाच दिनो से एक अस्वस्थ हाथी अपने दल से अलग हो विचरण कर रहा है लेकिन वन विभाग के अधिकारियो द्वारा अभी तक हाथी के चेकअप की व्यवस्था नही की गई..... उल्लेखनिय है की नगरी ब्लाक के रिजर्व फारेस्ट मे आज लग भग दो माह से पैतीस हाथियो का दल अपने नन्हे शावक के साथ जंगलो मे अराम से विचरण कर रहा है जहा पत्रिका टीम को जानकारी मिली की एक हाथी बिमार अवस्था मे अपने दल से अलग है जिसके बाद पत्रिका टीम ने अरसीकन्हार रेन्ज के कक्ष क्र 206 मे जाकर जहा एक अकेला हाथी था वहा निरिक्षण किया तो वहा फारेस्ट के चौकीदार मौजूद थे पत्रिका टीम ने हाथी के लगभग 200 मीटर की दूरी से मुआयना किया जहा अकेला हाथी सुस्त खडा था था वही वन चौकीदारो ने बताया की हाथी गर्भवती है और ऐसा लगता है की बच्चे देने का समय आ गया है प्रसव पीडा की वजह से चल नही पा रही जो यही आसपास।पानी के ही पास।विचरण कर अराम कर रही है वही उनसे पूछे की आप कैसे कह सकते हो वो गर्भवती है जाच किये हो तो कहने लगे अंदाजा बता रहे है मादा होने के चलते गर्भवती हो इनका झुण्ड दो तीन दिन मे आते है और देखकर फिर चले जाते है 

वन कर्मी हडताल पर चौकीदारो के सहारे हाथी ड्यूटी...... 

वही वन विभाग के कर्मचारी हडताल पर चले गये जिसके चलते अब हाथियो का ट्रेकिग चौकीदार फायर वाचर कर रहे वही बुधवार को चार चौकीदार बिमार हाथी के पास मौजूद रहे तो आठ चौकीदार पैतीस हाथियो के निरिक्षम मे दो सौ तेईस क्र मे हाथियो को ट्रेक कर रहे थे 

   कभी भी हो सकता है घटना........

वही फायर सिजन के चलते जंगलो मे आगजनी की घटनाए आम हो गई व जंगलो मे महुआ बिनने भी काफी मात्रा मे ग्रामकण नजर आते है हाथियो का मनपसंद भोजन महुआ है ऐसे मे आगजनी व महुए के चलते कोई अप्रिया घटना की संभावना से भी इन्कार नही किया जा सकता......हाथियो का दल विचरण कर रहा है अगर कोई हाथी बिमार या अस्वस्थ है उन्हे कोई तकलीफ है तो डाक्टर को भेज कर जाच करवाते है हाथियो की निगरानी मे ट्रकिग दल लगा हुआ है जो हर पल की जानकारी देते है 

वरूण जैन उप निदेशक सितानदी अभ्यारण गरियाबंद