जन आंदोलन से दूर होगा कुपोषण एवं एनीमिया जनसामान्य को पोषण के महत्व से करवाया जाएगा परिचित 1 सितम्बर से मनाया जा रहा 5वां राष्ट्रीय पोषण माह




सुकमा :- जिले मे कुपोषण एव एनीमिया के स्तर मे कमी लाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान के तहत 1 सितम्बर से 30 सितंबर तक 5वां राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रमुख रूप से 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और शिशुवती माताओं में पोषण को बढावा देने का अभियान चलाया जाएगा।
इस सम्बन्ध में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी बिस्मिता पाटले ने बताया: " बच्चों में व्याप्त कुपोषण एवं एनीमिया के स्तर में उल्लेखनीय कमी लाने एवं अन्य गतिविधियों के अलावा जनसमुदाय तक स्वास्थ्य पोषण संबंधित व्यापक प्रचार हेतु जन आंदोलन के रूप में वर्ष 2018 से प्रतिवर्ष “राष्ट्रीय पोषण माह“ का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष जिले में 1 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य जनसामान्य को पोषण के महत्व से परिचित करवाना एवं सुपोषित आहार से स्वास्थ्य व्यवहार को विकसित करना है। इस बार पोषण माह कोविड नियमों के पालन के साथ ही विभिन्न विभागों की सामूहिक सहभागिता के जरिए मनाया जाएगा।"
इस बार इन गतिविधियों पर रहेगा फोकस
हर वर्ष विशेष थीम के आधार पर राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है। इस वर्ष भी महिला एवं स्वास्थ्य, बच्चा एवं शिक्षा- पोषण भी पढ़ाई भी, जेंडर संवेदी जल संरक्षण एवं प्रबंधन तथा आदिवासी क्षेत्र के महिलाओं एवं बच्चों हेतु परंपरागत आहार की थीम पर का पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। ये सारी गतिविधियां प्रतिदिन आयोजित होंगी तथा समस्त गतिविधियों को जनआंदोलन के डैशबोर्ड पोर्टल पर प्रतिदिन अपडेट किया जाएगा।
प्रतिदिन होंगी गतिविधियां
प्रतिदिन विविध कार्यक्रम होंगे। इनमें मुख्य रूप से वजन त्योहार में छूटे हुए बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापन, ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन द्वारा पोषण संदेशों पर आधारित नारा लेखन, गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उनके पोषण देखभाल संबंधित परिचर्चा होगी। महिला स्वास्थ्य विषय पर कार्यशाला तथा आंगनबाड़ी और स्कूल स्तर पर खेल-खेल में पोषण ज्ञान एवं स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित होगा। ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम एवं रैली निकाली जाएगी। स्वसहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ बाल संदर्भ शिविर लगेगा और पंचायत स्तर पर एनीमिया से बचाव एवं प्रसव पूर्व , प्रसव पश्चात जांच पर संवेदीकरण किया जाएगा। इस दौरान पोषण वाटिका विकास एवं एनीमिया जांच कैंप भी लगेगा। खराब जीवनशैली से उत्पन्न बीमारियों मोटापा, मधुमेह के प्रति जागरूकता कार्यक्रम एवं ऑनलाइन योगासत्र भी आयोजित होगा।