शराब-मांस बुराइयों की जड़ है, इन्हें त्यागो.................... बाजार की मिलावटी, जहरीली चीजों को खाने से क्रोध ज्यादा आता है, खान-पान सुधारो.....................




एक को क्रोध आवे, दूसरा चुप हो जाये तो झगड़ा-झंझट टल जाता है
गजियाबाद (उ. प्र.)। आजकल घरों में बढ़ते लड़ाई-झगड़ों के मूल कारण और उससे बचने के सरल उपाय को समझाने वाले, व्यक्तिगत व पारिवारिक सुख शांति दिलाने वाले, जीते जी मुक्ति मोक्ष प्राप्ति का मार्ग नामदान देने वाले, लोक-परलोक दोनों बनाने वाले इस समय के पूरे समर्थ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता त्रिकालदर्शी परम दयालु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 24 जून 2022 को गाजियाबाद (उ.प्र.) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि कम खाओ, गम खाओ यानी बर्दाश्त करो और किसी की निंदा मत करो। कम खाओगे तो खाना पचेगा और सफेद कोट डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा, आपरेशन की नौबत नहीं आएगी। गम खाओगे यानी बर्दाश्त करोगे तो काले कोट, वर्दी वालों के चक्कर में नहीं पड़ोगे।
शराब-मांस बुराइयों की जड़ है, इन्हें त्यागो
आजकल घरों में बड़ा झगड़ा-झंझट हो रहा। एक बोला, दूसरा दो बोला, फिर तीन फिर वो छ बोल गया फिर घुसम-घुसा चालू। पहले जबान की लड़ाई फिर हाथ-पैर की फिर तलाक, दहेज के मुकदमे चालू हो जाते हैं। ऐसी नौबत क्यों आवे? मांसाहारीयों को क्रोध जल्दी आता है क्योंकि शरीर का मैदा मांस के पाचन के लिए नहीं बना। देर से पचेगा, सड़ेगा, खून में गर्मी आती, ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। सिर दर्द है, लड़का बोल दिया तो सोच नहीं पाता, इतना गुस्सा करता कि लोग कहते हैं कि दुश्मन का लड़का होगा। इसीलिए कहते हैं कि शराब-मांस बुराइयों की जड़ है, इन्हें त्यागो। ये ही आजकल देखो भ्रष्टाचार, हिंसा-हत्या, अपराध करा रहे हैं। अब आप कहोगे हमारे यहां तो सब शाकाहारी हैं। यहां तक कि बहु और उसके खानदान वाले भी शाकाहारी रहे हैं तो हमारे लोगों में गुस्सा क्यों आता है?
नीयत खराब होने से तली-गली चीजें, मछली, चर्बी के तेल से मिलावट की बनी चीजें बाजार में उतार दिया
अब बाजारों में खाने की आदत बन गई। चटचट जीभ करने लगती है। कुछ लोग ऐसे हैं जो होटलों में न खाएं तो पेट ही न भरे। घर में नहीं, बाहर दबा के खाते हैं। कौन से तेल में कौन बनाता है? क्या चीज उसमें पड़ती है? पैकेट के ऊपर अंग्रेजी में लिखा रहता है, किसी को पता चलता है? कौन डिक्शनरी लेकर चेक करके देखता है कि इसका मतलब क्या होता है? आजकल लोगों की नीयत खराब हो गई पैसे के लिए कि कुछ भी कर देते हैं, कुछ भी डाल देते हैं, नशे की चीजों को डाल देते हैं कि जिससे इसी चीज को खाने की आदत बन जाए।
चाय, अन्य नशीली चीजें, सादा पान मांगो तो थोड़ा तंबाकू डाल देते कि आदत बन जाए
चाय में भी डाल देते हैं, अन्य नशीली चीजों को डाल देते हैं। सादा पान मांगो तो थोड़ा से तंबाकू लगा देते हैं जिससे आदत बन जाए। पान तो जब चाहेगा छोड़ देगा। लेकिन तंबाकू की आदत पड़ जाएगी तो पान खाएगा ही खाएगा। उन चीजों की अगर आदत बनी तो गुस्सा आना ही आना है।
खेतों में डली कीटनाशक दवाएं और केमिकल वाली खाद का असर दाने पर भी जाता है
सबसे शुद्ध भोजन हाथ से पकाओ, खाओ। शुद्ध चीजों को अपने खेतों में पैदा करो। अब तो जहरीली चीजों को किसान भी खाने लग गए। खेतों में तमाम कीटनाशक दवाएं, केमिकल खाद, जहरीली दवा डाल देते हैं जिससे वो जहरीला हो जाता है, असर दाने पर भी जाता है। पत्तियों, दाने पर कीड़े तो नहीं बैठते लेकिन उसका असर चला जाता है।
भैंस को इंजेक्शन लगाने से दूध तो उतार देती है लेकिन उस जहर वाले इंजेक्शन का असर जाता है दूध पर
दूध न देने वाली भैंस को जो इंजेक्शन लगाते हैं वो अंदर उत्तेजना, तेज, जहर पैदा करने वाला होता है जिससे उस चीज को वो निकाल दे। उसका असर दूध पर जाता ही जाता है। इसका असर होता है और क्रोध आता है। इसलिए खान-पान का ध्यान रखो।