अवैध उत्खनन :नारधी व परपोडा के आसपास क्षेत्रों में हो रही अवैध मुरम खनन, प्रशासन जान कर भी बन रहे अनजान ग्रामीण के शिकायत के बाद भी नही हो रहे है कार्यवाही

अवैध उत्खनन :नारधी व परपोडा के आसपास क्षेत्रों में हो रही अवैध मुरम खनन, प्रशासन जान कर भी बन रहे अनजान  ग्रामीण के शिकायत के बाद भी नही हो रहे है कार्यवाही



संजू जैन
बेमेतरा:बेरला.अनुविभागीय क्षेत्र में मुरम खनन का अवैध कारोबार जमकर फल-फूल रहा है। अवैध मुरुम को सरकारी निर्माण कार्यों में खपाया जा रहा है। इसकी जानकारी विभागीय अफसरों को होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार मुरूम का बेजा दोहन कर रहे हैं। छोटे-छोटे किसानों को पैसे का लालच देकर उनकी जमीन को समतल करने के बहाने मुरूम निकाल रहे हैं। जिसकी ना कोई परमिशन है ना कोई रायल्टी दी जा रही है। 

खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय हाथ में हाथ धरे बैठे हुए हैं। क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं, जहां सुबह चार बजे से मुरूम खनन शुरू हो जाता है जो देर रात तक चलते रहता है।

नगर के अधिकतर ग्रामों, नारधी,परपोडा, लालपुर,सहसपुर, देवरी, भरनी, काचरी, सहित ग्रामीण इलाकों के गांवों में सड़क निर्माण का कार्य जारी है। इस मार्ग में अवैध रूप से मुरूम खापाया जा रहा है। खनिज माफियाओं द्वारा तालाबों को बेतरतीब ढंग से खोदकर बर्बाद किया जा रहा है। पंचायतों की सांठगांठ के चलते भी पंचायत के रजिस्टर में प्रस्ताव बनाकर बिना खनिज विभाग की अनुमति लिए धड़ल्ले से मुरूम निकाला जा रहा है। गांवों में जेसीबी और हाइवा से मुरम का अवैध उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है।

हादसे की आशंका बढ़ी अब तक कई गांवों के तालाबों, खेतों में सात से 10 फीट तक गहरा गढ्ढा बन चुका है। जिससे कभी भी अनहोनी घटना घट सकती है।

रेवे में सरपंच प्रतिनिधि द्वारा अवैध खनन माफियाओं का सरंक्षण प्राप्त है और हर ट्रैक्टर के पीछे 500 से 700 रूपये प्रति ट्रैक्टर के हिसाब से लेता है 


रेत खनन में पंचायत प्रतिनिधि और सड़क ठेकेदारों की संलिप्तता देखी जा रही। संबंधित विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता के परिणाम स्वरूप खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। गांव के सुख चुके तालाबों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफियाओं द्वारा तालाब को बेतरतीब ढंग से खोदकर मुरुम निकाला जा रहा है। जिससे चलते गढ्ढे में मवेशियों व ग्रामीणों के गिरकर चोटिल होने की संभावना बनी हुई है।

*बेरला एसडीएम से जब पत्रकारों द्वारा फोन लगाया जाता है वर्शन के लिए तो उल्टा पत्रकारों को बोलते हैं आप लिखित शिकायत करो फिर.कार्यवाही करता हूँ*

*गौरतलब हो कि बेरला के रेवे,ताकम,नारधी,खिसोरा,परपोड़ा.में अवैध खनन का एसडीएम को.पुरा.जानकारी है लेकिन कार्यवाही नही करना पुरे.चर्चा में है*
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इस संबंध में जानकारी मिली है जिस पर इंस्पेक्टर को भेजकर जांच करवा कर कार्यवाही की जावेगी

अर्चना ठाकुर
जिला खनिज अधिकारी बेमेतरा