मसीही मानने वाले के जीवन यापन हित हेतू किया था अप्रेल के अचारसहिता मे आंदोलन, न्याय तो मिला नहीं,पर अपने साथियों के साथ धारा 143,341, और 188 के तहत हुवे कार्यवाही पर गिरफ़्तारी देने पहुंचा थाना लोहाण्डीगुडा, हुवा मुचलका मे जमानत - नरेन्द्र भवानी /छ. ग. यु. म.

मसीही मानने वाले के जीवन यापन हित हेतू किया था अप्रेल के अचारसहिता मे आंदोलन, न्याय तो मिला नहीं,पर अपने साथियों के साथ धारा 143,341, और 188 के तहत हुवे कार्यवाही पर गिरफ़्तारी देने पहुंचा थाना लोहाण्डीगुडा, हुवा मुचलका मे जमानत - नरेन्द्र भवानी /छ. ग. यु. म.
मसीही मानने वाले के जीवन यापन हित हेतू किया था अप्रेल के अचारसहिता मे आंदोलन, न्याय तो मिला नहीं,पर अपने साथियों के साथ धारा 143,341, और 188 के तहत हुवे कार्यवाही पर गिरफ़्तारी देने पहुंचा थाना लोहाण्डीगुडा, हुवा मुचलका मे जमानत - नरेन्द्र भवानी /छ. ग. यु. म.

मसीही मानने वाले के जीवन यापन हित हेतू किया था अप्रेल के अचारसहिता मे आंदोलन, न्याय तो मिला नहीं,पर अपने साथियों के साथ धारा 143,341, और 188 के तहत हुवे कार्यवाही पर गिरफ़्तारी देने पहुंचा थाना लोहाण्डीगुडा, हुवा मुचलका मे जमानत - नरेन्द्र भवानी /छ. ग. यु. म.

अप्रेल माह 2024 मे मे मसीही मानने वालों की जीवन यापन पर गैर संवैधानिक फरमान पर मांगे थे न्याय, मिला धाराओ से भरा कार्यवाही, दिए गिरफ़्तारी हुई मुचलका जमानत मंजूर - नरेन्द्र भवानी /छ. ग. यु. म

जगदलपुर : मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थाप नरेन्द्र भवानी नें कहा हैँ की अप्रेल माह वर्ष 2024 अचारसंहिता के समय पर लोहाण्डीगुडा ब्लॉक अंतर्गत चार पंचायत के मसीह मानने वालों पर गैर संवैधानिक फरमान किया गया था जारी ग्राम सभा करके, जिसके कारण हजारो मसीही मानने वाले लोगो का जीवन यापन अस्त व्यस्त की स्थिति थी।

ग्राम सभा प्रस्ताव अनुसार आदेश था की किसी भी मुलभुत सुविधा से वंचित जैसे फरमान था मसीही मानने वाले सम्बंधित गांव के लोगो को अब ऐसी स्थिति मे जहां लोगो का जीवन यापन पर खतरा आजाए तो फिर न्याय माँगना तो जायज होता ही हैँ, और हमने आंदोलन तय कर बकायदा प्रशासन अनुमति हेतू प्रारूप ऐ. और प्रारूप बी, नियमानुसार प्रक्रिया को पूरा किये और आंदोलन की अनुमति मांगे, चुनाव आयोग से किन्तु हमारे उक्त आंदोलन के दो दिन पूर्व राजनीति महासभा का आयोजन हुवा, और हमे भेदभाव करते हुवे अपने मौलिक अधिकारो के लिए आंदोलन जो कर रहें थे, उसे नहीं करनें का शासकीय फरमान चुनाव आयोग द्वारा लिखित आदेश जारी कर दिया गया, बावजूद हमने यह आंदोलन किया क्यूंकि आंदोलन पर जो मांगे थी वाह मानवता को बचाने का था तात्कालीन स्थिति मसीही मानने वालों की जानवरों जैसी थी, ना गांव मे रहने दें रहें थे, ना सार्वजनिक पानी स्तेमाल करने दें रहें थे, ना रोजगार करने दें रहें थे, ना नौकरी करने दें रहें थे, ना मौत पर लाश कफ़न दफन करने दें रहें, बच्चों को स्कुल तक जाने नहीं दिया जा रहा था, ऐसी स्थिति हमारे पास आंदोलन करना ही मात्र एक रास्ता था।

वही भवानी नें कहा हैँ की हमने आंदोलन कर बकायदा हुवे ग्राम सभा मे प्रस्ताव आदेश जारी का जांच कर कार्यवाही हेतू ज्ञापन भी दिए, पर बड़ी विडंबना हैँ दिए आवेदन ज्ञापन पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं लेकिन पीड़ित लोगो के न्याय की मांगे करने वालों पर कई धाराओ के साथ लार्यवाही किया गया, जिसका हमने स्वागत भी किया और मेरे साथ और कई साथियों के नाम कार्यवाही मे जोड़ा गया, जिसके बाद नोटिस के आधार पर हम सभी थाना लोहाण्डीगुडा पहुंचे अपनी अपनी गिरफ़्तारी दिए हालांकी कुछ समय बाद मुचलका मे हमारी जमानत मंजूर किया गया, जिसके लिए पोलिस प्रशासन का हम आभार व्यक्त करते हैँ और साथ ही साथ बस्तर जिला प्राशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से प्रश्न भी करना चाहते हैँ हमारे आवेदन ज्ञापन पर कब होगा जांच कब दिखाएंगे यह अधिकारी अपनी कलम की ताकत या हमेशा निर्दोषों पर ही होते रहेंगी कार्यवाही।