CG - तैयार धान की फसल हुई खराब किसानों का फूटा गुस्सा ग्राम पंचायत रांधना का मामला...




तैयार धान की फसल हुई खराब किसानों का फूटा गुस्सा ग्राम पंचायत रांधना का मामला
माकडी / रांधना : ग्रामीण इलाके के भोले-भाले किसानों को दुकानदार अपनी बातों में फसाकर निम्न श्रेणी व गुणवत्ताहीन बीज बेचकर बंपर पैदावार की बात तो कहते है, लेकिन जब फसल पकने की बारी आती है तब मामला कुछ और ही सामने आता है। ऐसा ही एक मामला माकड़ी विकासखंड के ग्राम राधना से सामने आया है। जहाँ शंकर कृषि सेवा केंद्र के संचालन ने किसानों बेची धान बीज में गड़बड़ी सामने आई, इसके बाद किसान बड़ी संख्या में दुकान पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। वरिष्ठ कृषि अधिकारी ने शांत करवाया मामलाः कृषि विस्तार अधिकारी मीना नेताम भी मामले की।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची और किसानों ने व्यथा बारी-बारी से सुनी जहाँ किसानों ने अपने हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिलाने के लिए बात कही। किसानों के परेशानियों को देखते हुए वरिष्ठ कृषि अधिकारी माकडी ने किसानों को आवेदन देने व जांच करवाने की बात कही साथ ही तत्काल उच्च।
दुकानदार ने कंपनी पर छोड़ दिया
दुकानदार संचालक से अपनी फसल का हुए नुकसान की भरपाई के करने लिए बात रखी। दुकानदार ने किसानों को संतुष्ट करने में सफल नहीं हुए और कंपनी को शुक्रवार तक आने का इंतजार करने की बात कही।
तैयार धान फसल की बाली टूटकर गिरने लगी
कृषि सेवा केंद्र के संचालक ने कहा कंपनी वाले जाकर देखेंगे कई किसानों ने लगातार दुकानदार से शिकायत करते रहे पर अपनी जवाबदेही से वो पल्ला झाड़ते रहे। जिससे तंग आकर सभी किसान एकजुट होकर बड़ी संख्या में दुकान पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
अधिकारियों को सूचित करने की बात कही। वही किसानों को समझाइए कि, कोई भी सामान खरीदते हो दी या चाहे कृषि दुकान हो या राशन दुकान हो बिल जरूर लेना और तब तक रखें रहना जब तक उसका उपयोग पूरी तरह से समाप्त न हो तब कहीं जाकर किसानों ने शांत होकर आवेदन देने की बात पर मामला शांत हुआ।
पीड़ित किसानों का कहना है कि, धान पौधे बहुत अच्छा हैं पूरा धानबाल निकल गया और दूध भरने के दौरान गले के पास से धान बाली के गले के पास से सूखने से टूटकर गिरने लगी। जिस पर समस्या को किसानों ने दुकानदार से अपनी समस्या बताई और उसी का दिया दवा से उपचार।
छिड़काव कर लिया बावजूद इसके नियंत्रण नहीं हो पाया। जब एक ही किस्म के बीज लगाए किसानों ने एक ही प्रकार की धान बीज से हुए नुकसान को देखते हुए गांव के जितने भी लगाए किसानों ने अपनी समस्या रखने दुकानदार पास आए इसपर दुकानदार ने अपना पल्ला झाड़ लिया।