CG Politics : जनसभा में बीजेपी पर बरसे सीएम बघेल, नगरनार प्लांट के निजीकरण को लेकर कही ये बात.....
जगदलपुर में चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए बीजेपी के दावों पर प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह यह कहते तो हैं कि नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण नहीं होगा, लेकिन उसका आदेश नहीं दिखाते हैं।




रायपुर। जगदलपुर में चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए बीजेपी के दावों पर प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह यह कहते तो हैं कि नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण नहीं होगा, लेकिन उसका आदेश नहीं दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि नगरनार प्लांट क्या बस्तर से एक मुट्ठी मिट्टी भी ले जाने की ताकत बीजेपी के नेताओं में नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, पांच साल पहले भी दावा किया गया था कि नगरनार प्लांट का निजीकरण नहीं होगा लेकिन प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बनी समिति ने नगरनार प्लांट को निजी हाथों में बेचने का फैसला किया है। कल ही पांच कंपनियों के लोग नगरनार प्लांट का निरीक्षण करके गए हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गृहमंत्री भ्रष्टाचार करने वालों को उल्टा लटकाने की बात करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचारियों के नामांकन में आते हैं। रमन सिंह ने नान घोटाला, चिंडफंड घोटाला किया, उनके बेटे का नाम पनामा केस में आया लेकिन गृहमंत्री कांग्रेस के लोगों को उल्टा लटकाने की बात कहते हैं। बीजेपी को छत्तीसगढ़ की जनता से कोई लेना देना नहीं है। वह सिर्फ बदला लेना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, वह दौर भी हमने देखा है जब पहले लोग बस्तर आने से डरते थे। एक तरफ नक्सलियों की गोली और दूसरी तरफ पुलिस का खौफ होता था। बीजेपी की सरकार बस्तर के लोगों के साथ दुश्मन की तरह व्यवहार करती थी। फर्जी एनकाउंटर कराए जाते थे, फर्जी मुकदमों में जेल भेजा जाता था। आदिवासियों की जमीनें छीन ली जाती थीं। राशन दुकानें, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करा दिए जाते थे।
किसानों को बाजार से लोन लेना पड़ता था। राशन 35 के बजाय 7 किलो कर दिया गया था। किसान अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर थे। लेकिन बुरे से बुरे दौर में भी बस्तर की जनता ने हमेशा कांग्रेस का साथ दिया। 2018 में जब परिवर्तन का दौर आया तो कांग्रेस हर मुद्दे पर संघर्ष करती रही। उसका परिणाम यह रहा कि कांग्रेस बस्तर की 12 में से 11 सीटें जीती।
किसानों के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, बीजेपी की वादा खिलाफी के कारण उनकी सरकार में किसानों की संख्या घट गई। डबल इंजन की सरकर में प्रति एकड़ 15 के बजाय 10 क्विंटल धान खरीदी का फैसला किया गया। बोनस नहीं दिया गया। जबकि कांग्रेस की सरकार ने दो घंटे में किसानों का कर्ज माफ किया।
कोदो, कुटकी, रागी का समर्थन मूल्य तय किया। भूमिहीन श्रमिकों के खाते में पैसे भेजने का काम किया। रमन सिंह की सरकार में 12 लाख किसान धान बेचते थे। कांग्रेस की सरकार में राजीव गांधी किसान योजना लागू की गई। बीते साल साढ़े 24 लाख किसानों ने धान बेचा। अब प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी होगी तो किसानों की संख्या 26 लाख हो गई है।