CG प्रेम-कहानी का दर्दनाक अंत: सुसाइड पर खत्म हुई प्रेमी-प्रेमिका की प्रेम कहानी…..साथ जीने साथ मरने की खाई थी क़सम…जहां प्रेमी ने तीन दिन पहले दी थी जान वही लौटकर उसी मोबाइल टावर पर प्रेमिका भी फांसी पर झूली….सुसाइड नोट में…पढ़े दर्दनाक प्रेम कहानी…….




डेस्क :अंबिकापुर में एक प्रेम कहानी का दुखद अंत हो गया। प्रेमी ने तीन दिन पहले मोबाइल टावर से लटककर खुदकुशी की थी। सोमवार को प्रेमिका ने भी उसी टावर से फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें प्रेमिका ने लिखा कि अब जीकर क्या करूंगी? मामला शहर से लगे ग्राम केपी का है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है।
जानकारी के मुताबिक, 26 साल की सविता अपने मायके में थी। रात को घर के सभी लोग खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने घर के पास ही लगे मोबाइल टावर से सविता का शव लटकते देखा। सविता ने नाइलोन की रस्सी के सहारे फांसी लगाई थी। रात को सभी लोग साथ थे और महिला सो रही थी। ऐसे में आशंका है कि उसने तड़के खुदकुशी की है।
कलाई पर लिखा प्रेमी के नाम, सुसाइड नोट में मांगी माफी
सविता ने अपनी कलाई पर प्रेमी का नाम लिखा है। साथ ही सुसाइड नोट में परिजनों से माफी मांगी है। प्रेमी का जिक्र करते हुए सविता ने लिखा कि जिसमें मेरी सांस बसती थी और वह मुझे छोड़कर चला गया तो अब मैं सिर्फ ये शरीर लेकर क्या करती। परिजनों ने मुझे समझाया, लेकिन मैं नहीं समझी। क्या करूं मेरा सब कुछ खत्म हो गया है। वह नहीं तो कोई नहीं। मैं बहुत जगह देखी, वह कहीं नहीं मिला। अब कभी नहीं आएगा, इसलिए मुझे ही जाना पड़ेगा।
प्रेमी की मौत के बाद से ही प्रेमिका परेशान थी। रात में सारे लोग खाना खाकर साथ सोये थे, लेकिन सुबह वो घर पर नहीं मिली। परिजनों ने तलाश शुरू की तो उसकी लाश उसी मोबाइल टावर के उसी जगह पर मिली, जहां शुक्रवार को उसके प्रेमी ने फांसी लगायी थी।
पुलिस को सूचना के बाद जब प्रेमिका की लाश को उतारा गया, तो प्रेमिका की कहाई और हथेली पर प्रेमी का नाम लिखा था। दो पन्ने के सुसाइड नोट में युवती ने परिजनों से माफी मांगी है। अपने मां, बाप और भाई-बहन को संबोधित करते हुए लड़की ने लिखा है कि जब वो नहीं था, जिसमे मेरी सांसे बसती थी, तो फिर मैं जीकर क्या करूंगी। सुसाइड नोट में युवती ने अपने प्रेमी का नाम लिखा है। प्रेमी का जिक्र करते हुए युवती ने लिखा है कि सबने मुझे समझाया, लेकिन मैं नहीं समझी। क्या करूं मेरा सब कुछ खत्म हो गया है। वह नहीं तो कोई नहीं। मैं बहुत जगह देखी, वह कहीं नहीं मिला। अब कभी नहीं आएगा, इसलिए मुझे ही जाना पड़ेगा। उसने सुसाइड नोट में एक गाना लिखा है… गवाह है…चांद तारे गवाह हैं…..अपने करीबियों को उसने कहा है कि अगर उसे याद करना हो तो ये गाना गा लेना। जब भी प्रेमी से मिलती थी, तो दोनों यही गाना गाते थे।
हालांकि लड़की ने उस वक्त भी खुदकुशी की कोशिश की थी, जिस वक्त प्रेमी ने आत्महत्या की थी। गुरुवार की रात गुरूवार को घर से निकला और मोबाइल टावर पर चढ़कर सविता के सामने फांसी लगा ली। सविता ने पहले अमितेश के घर जाकर उसके परिवार वालों को बताया। इसके बाद दौड़ते हुए वापस टावर के पास पहुंची और फांसी लगाने लगी, लेकिन गांवों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
दरअसल युवक-युवती दोनों अलग-अलग जाति के थे, जिसकी वजह से दोनों की शादी नहीं हुई। 6 साल पहले युवती की शादी दूसरे जगह पर करा दी गयी थी। लेकिन शादी के बाद से युवती मायके में रह रही थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध जारी था। इसी बीच इसी साल युवक की भी शादी परिवारवालों ने करा दी थी, लेकिन दोनों के रिश्ते जारी थे।