जवान लड़के जब नशे में मस्त रहेंगे तो कैसे आजाद, भगत, अशफाक, राजेंद्र लाहिड़ी जैसे देश भक्त बन पाएंगे...

जवान लड़के जब नशे में मस्त रहेंगे तो कैसे आजाद, भगत, अशफाक, राजेंद्र लाहिड़ी जैसे देश भक्त बन पाएंगे...
जवान लड़के जब नशे में मस्त रहेंगे तो कैसे आजाद, भगत, अशफाक, राजेंद्र लाहिड़ी जैसे देश भक्त बन पाएंगे...

जवान लड़के जब नशे में मस्त रहेंगे तो कैसे आजाद, भगत, अशफाक, राजेंद्र लाहिड़ी जैसे देश भक्त बन पाएंगे

सन्त बाबा उमाकान्त ने बताया कैसे पूरा होगा नशा मुक्त भारत का सपना

करनाल (हरियाणा)। निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, प्रकृति को खुश करने का तरीका बताने वाले, शाकाहार, सदाचार व नशा मुक्ति के कट्टर समर्थक, इस समय के महापुरुष, पूरे समरथ सन्त सतगुरु, परम दयालु, त्रिकालदर्शी, दुःखहर्ता, लोकतंत्र सेनानी, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त महाराज ने 17 जून 2023 सायं करनाल (हरियाणा) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि पहले काश्तकार अपने खेत में खड़ा होकर हाथ जोड़कर पानी मांगता था बादल बरस जाते थे, हनुमान जी गरिमा महिमा शक्ति प्रकट करके पूरा पहाड़ उठा लाये थे। यह अणिमा, महिमा, गरिमा, लघुमा सिद्धियां, कामधेनु, कल्पवृक्ष यह सब कुछ यहीं मौजूद हैं। लेकिन इनको अगर लाया जाए, जल, पृथ्वी, अग्नि, वायु और आकाश को खुश किया जाए तो समय पर जाड़ा गर्मी बरसात होने लग जाए, लोगों की खाने रहने की समस्या दूर हो जाए।

अपहरण बलात्कार आदि भारतीय संस्कृति में हैं अवैध

अब देखो, "अकाल मृत्यु जग माही व्यापै, प्रजा बहुत मरे।" अकाल मृत्यु बहुत हो रही है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली जा रही है। कारण यही है कि लोगों का खान-पान गलत हो गया, विचार भावनाएं गलत हो गई। चोरी, डकैती, आगजनी, अपहरण, बलात्कार जो भारतीय संस्कृति में अवैध है, वह बढ़ता चला जा रहा है। सर्व विदित हो गया कि (मांसाहार से) खून के बेमेल होने की वजह से तरह-तरह की बीमारियाँ आ रही हैं। इसके लिए, शरीर को निरोग बनाए रखने के लिए भी सबको मिलकर योजना बनाने की जरुरत है।

देश में जितने भी जिम्मेदार हैं, सबकी ड्यूटी बनती है

भ्रष्टाचार और अपराध की जननी शराब है। अभी हमारे संतोष पासवान जी ने कहा कि इतने लोगों को नशा मुक्ति का संकल्प दिला दिए हैं लेकिन अब यह है कि बगीचा तो यह लोग लगा रहे हैं लेकिन अगर रखवाली नहीं की जाएगी तो फिर ये नशेड़ी को नशेड़ी मिल जाएंगे, वह फिर से खाने-पीने लग जाएंगे। देश के सभी जिम्मेदारों की ड्यूटी बनती है कि अपने-अपने स्तर से लोगों को समझाएं, (नशा) छुड़वाएं और जो छोड़ दिए हैं उनकी फिर से आदत न बन जाए, इसलिए सबका कर्तव्य बनता है।

कैसे नशा मुक्त भारत का सपना होगा पूरा

देखिए कौशल किशोर जी जो केंद्रीय मंत्री हैं उनसे पहले हमारा कोई परिचय नहीं था। वह हमारे पास आए कहा कि मैं नशा मुक्ति का अभियान चला रहा हूं, इसमें आपके सहयोग की जरूरत है। आपके लोग मेहनती हैं, इस अभियान में तेजी ला सकते हैं। हमने उनसे कहा कि हमारा भी तो यही काम है। उन्होंने बताया कि मेरा लड़का नशे का आदी हो गया, बहुत प्रयास किया उसको बचाने का, शादी ब्याह भी कर दिया लेकिन उसके अंदर सुधार नहीं आया और मेरा लड़का खत्म हो गया, नशा ही उसको पी गया, खा गया। तब से मेरी विधायक पत्नी समेत पूरा परिवार लग गया। यह टीम उन्होंने बना लिया। यह समस्या किसी के भी सामने आ सकती है तो जड़ को ही क्यों न खत्म किया जाए। इसके लिए एक ठोस योजना बने। तब सब लोग अपनी-अपनी ड्यूटी महसूस करने लगेंगे, सब लोगों का साथ जब हो जाएगा तो नशा मुक्त भारत का सपना पूरा हो जाएगा। बुद्धि ही खराब हो जाए, मां-बहन की पहचान ख़त्म हो जाए तो आदमी क्या कर सकता है? भारत का क्या होगा?  नौजवान बच्चे और बच्चियों के चरित्र का गिरना बहुत बड़ी चिंता की बात है। समझाने से मन गलत दिशा से हटेगा।
 
इतिहास साक्षी है कि गोस्वामी जी को उनकी पत्नी ने बैराग्य दिला दिया

भारत देश का यह इतिहास बता रहा है कि इतनी आ शक्ति थी कि संत गोस्वामी महाराज में, जो पत्नी के लिए कैसे-कैसे बरसात में पहुंचे थे लेकिन एक ही बात से उन्होंने संतुष्ट किया और बैराग दिला दिया- अस्थि चरम मय देह मम, तामै ऐसी प्रीत। जो काहू होते राम मय, तो होत न भव भीत।। यह बताया कि हमारे शरीर से इतना प्रेम है, यदि यही प्रेम तुम प्रभु से करने में लग जाओ, प्रभु तुमको मिल जाए तो सब बात बन जाय। तो गृहस्थ में रहते हुए ही मन को हटाने की बात है।

अच्छे लोगों की टीम तैयार करें

देखो जहां जितना दुष्टता, अपराध, भ्रष्टाचार बढ़ता चला जा रहा है, उससे कहीं अधिक देश में अच्छे लोग हैं। अच्छे लोग अगर अपनी टीम बना लें, अपने काम को उजागर करने लग जाएं तो उसके आगे अपराध और धृष्टता दब जाएगा। उसकी कोई कीमत नहीं रह जाएगी। जब एक-एक आदमी को 10-10 आदमी समझाने लग जाएंगे तो उसके समझ में आ जाएगा, विचार भावना बदल जाएगी और जैसा सन्तों ने कहा है, इस कलयुग में ही सतयुग का नजारा दिखने लग जाएगा। इस समय पर इसकी जरूरत है।