Tulsi Plant: इन देवताओं को तुलसी पत्र अर्पित करने से टूट पड़ता है मुसीबतों का पहाड़....करना पड़ता है क्रोध का सामना, आता है दुर्भाग्य....
Tulsi Plant: By offering Tulsi leaves to these deities, a mountain of troubles breaks down.... One has to face anger, misfortune comes.... Tulsi Plant: इन देवताओं को तुलसी पत्र अर्पित करने से टूट पड़ता है मुसीबतों का पहाड़....करना पड़ता है क्रोध का सामना, आता है दुर्भाग्य....




Tulsi Niyam :
नया भारत डेस्क : धार्मिक कार्यो में पूजी जाने वाली तुलसी एक बहुत ही फायदेमंद औषधि भी है। आदिकाल से ही तुलसी का प्रयोग बहुत सी आयुर्वेदिक दवाईयों में किया जाता है। अपने धार्मिक महत्व के कारण तुलसी का पौधा हर हिंदू परिवार में रखा जाता है। भगवान विष्णु से लेकर हनुमान जी तक को तुलसी पत्र अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं. लेकिन कुछ देवता ऐसे भी हैं, जिन्हें शास्त्रों में तुलसी पत्र अर्पित करना वर्जित है. मान्यता है कि इन्हें तुलसी पत्र अर्पित करने से वे नाराज हो जाते हैं और व्यक्ति का जीवन मुश्किलों से घिर जाता है. (Tulsi Niyam)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की पूजा तुलसी पत्र के बिना अधूरी मानी जाती है. वहीं, कुछ देवताओं को तुलसी अर्पित करने से वे रुष्ट हो जाते हैं. आइए जानते हैं किन देवी-देवताओं को तुलसी अर्पित नहीं करनी चाहिए. (Tulsi Niyam)
इन देवताओं को भूलकर भी अर्पित न करें तुलसी
धार्मिक शास्त्रों में हर देवी-देवता की कुछ प्रिय चीजें होती हैं. इन प्रिय चीजों को देवताओं को अर्पित करने से व्यक्ति को जल्द ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है और उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण और श्री हरि का तुलसी पत्र बेहद प्रिय है. लेकिन भगवान शिव और गणेश जी को भूलकर भी तुलसी पत्र अर्पित न करें. (Tulsi Niyam)
इसलिए अर्पित नहीं करते तुलसी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक बार गणेश जी गंगानदी के तट पर तपस्या कर रहे थे और धर्मात्मज की पुत्री तुलसी विवाह की इच्छा लिए भ्रमण पर निकलीं थी. गणेश जी को देख वे मोहित हो गईं और उनकी तपस्या भंग कर दी. इसके बाद गणेश जी के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा. उन्होंने तुलसी का प्रस्ताव ये कहकर ठुकरा दिया कि मैं ब्रह्मचारी हूं. इसी बात से क्रोधित होकर तुलसी ने गणेश जी को दो शादियों को श्राप दिया. (Tulsi Niyam)
इतना ही नहीं, ये भी कहा कि गणेश जी की शादी असुर से होगी. तुलसी की ये बात सुनकर गणेश जी परेशान हो गए और तुलसी से माफी मांगने लगे. ऐसे में गणेश जी ने तुलसी से कहा कि तुम भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की प्रिय मानी जाओगी लेकिन गणेश जी की पूजा में तुलसी अर्पित करना अशुभ माना जाएगा. (Tulsi Niyam)