राजस्थान की राजधानी जयगुरुदेव भक्तों के सैलाब से हुई गुलाबी...




राजस्थान की राजधानी जयगुरुदेव भक्तों के सैलाब से हुई गुलाबी
ये ऐतिहासिक क्षण जब लाखों लोग ने एक साथ बैठकर उस प्रभु को याद किया - बाबा उमाकान्त महाराज
जयपुर (राजस्थान)। जयपुर के ठीकरी स्थित जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे गुरु पूर्णिमा के तीन दिवसीय आध्यात्मिक समागम में देश-विदेश से भक्तों का जन सैलाब उमड़ रहा है न केवल भारत के कोने-कोने से बल्कि दुबई,अमेरिका,अफ्रीका समेत अनेक देशों से अनेक भक्त, गुरु बाबा उमाकान्त महाराज के दर्शन के लिए एकत्र हुए। ना केवल आम जन बल्कि केंद्रीय मंत्री नवल किशोर समेत अनेक जनप्रतिनिधियों भी महाराज जी के दर्शन के लिए आ रहे है।
देश में बने नियम-कानूनों का पालन करो - महाराज
अपने सतसंग सन्देश में महाराज ने पांडाल में मौजूद लाँखो लोगों से आह्वान किया कि देश के नियमों का पालन करो। देश भक्ति बहुत बड़ी चीज है। देश की संपत्ति आपकी अपनी संपत्ति है तो आंदोलन,तोड़फोड़ में उसका नुकसान मत करो। किसी जाति की, किसी भाषा की, किसी धर्म की बुराई मत करो वरना कर्म कर्ज़ से दब जाओगे।
पेट को कब्रस्तान मत बनाओ।
अपने सतसंग के माध्यम से देश और दुनियां में जीवों पर दया करने की प्रार्थना करते हुए कहा कि आप मुर्दा मांस अंडा डालकर इस पेट को कब्रस्तान मत बनाओ वरना ये मंदिर गन्दा हो जाएगा। किसी भी जीव की हत्या का कारण मत बनो। अंडा,मांस, मछली मत खाओ। हमारी तो आप सबसे बस यही प्रार्थना है कि "हाथ जोड़कर विनय हमारी, तजो नशा बनो शाकाहारी"
कलयुग में सतयुग आयेगा।
अपने संदेश में महाराज ने कहा हमारे गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने कहा था कि कलयुग में कलयुग जायेगा और कलयुग में सतयुग आयेगा और धर्म की किताबों में भी इसका उल्लेख है। तो समय से आयेगा ही, लेकिन अगर आप मेहनत कर ले जाओ तो ये जल्दी आ जाएगा, तो आपको करना क्या है? आपको लोगों को सतयुग के लायक बनाना है। क्योकि जब-जब युग परिवर्तन होता है तब-तब बहुत जनहानि हुई। त्रेता गया तब बहुत मरें। जब द्वापर गया तो देखों 18 दिन की महाभारत में 11 अक्षरणी सेना खत्म हो गई। तो जब कलयुग जाएगा तब ज्यादा जनहानि ना हो इसके लिए लोगों को सतयुग के लायक बनाओ की मानव मंदिर को गन्दा ना करें,ख़ून बेमेल हो जाएगा तो बीमारियां आ जायेगी। तो इस शरीर को साफ रखो वरना कुछ हो नहीं पाएगा।
गुरु दक्षिणा में अपनी बुराइयों को यही छोड़ जाओ।
गुरु पूर्णिमा के सतसंग में लोगों को नामदान देते हुए महाराज ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु दक्षिणा में अपनी बुराइयों को यही छोड़ जाइये । अब तक जो अपने अंडा खाया, मांस खाया, मछली खाई, मुर्गी खाई, दूसरी स्त्री के साथ बुरा काम किया अब मत करना।जिसको बना नहीं सकते उसे मारने का कोई हक नहीं है।
"जो गल काटे और का अपना रहा कटाये साहब के दरबार में बदला कहीं ना जाये।"
शाकाहारी और नशामुक्ति का एक विशेष अभियान चलाओ
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महाराज ने कहा कि प्रेमियों इस पूर्णिमा से अगली राखी पूर्णिमा तक लोगों को शाकाहारी,सदाचारी और नशामुक्त बनाने का विशेष अभियान चलाओ।
भव्य समापन
बाबा उमाकान्त महाराज के सतसंग,नामदान और दया के साथ इस भव्य आयोजन का समापन हो गया और भक्तगण गुरु आदेश से अपने गंतव्य के लिए रवाना होने लगे है।