बिरगांव: शगुन मैरिज पैलेस में रविवार को छत्तीसगढ़ प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज का तीज मिलन व शिक्षक सम्मान कार्यक्रम संपन्न
Birgaon: Teej meeting and teacher honor program of Chhattisgarh Provincial Akhand Brahmin Samaj concluded on Sunday at Shagun Marriage Palace.




बिरगांव शगुन मैरिज पैलेस में रविवार को प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ का तीज मिलन व शिक्षक सम्मान कार्यक्रम संपन्न .
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संगठन की प्रदेश स्तरीय तीज मिलन आयोजन के वेद पाठी ब्राह्मण के द्वारा आरम्भ में दीप प्रज्वलित सहित स्वस्ति वाचन, श्रीगणेश वंदना, भगवान श्री परशुराम पूजन हुआ उसके बाद प्रान्ताध्यक्ष भारती किरण शर्मा जी के दिशा निर्देश मे बिरगांव ईकाई अध्यक्ष पं. हेमलाल शर्मा बिरगांव सचिव पं.कमलेश शुक्ला कार्यक्रम की रुपरेखा से सम्माननीय अतिथियों को अवगत कराया.
मंच से संचालन करते हुए श्री प्रदेश सह संयोजक पं. अजय शुक्ला ने बताया कि "प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज की स्थापना मूलतः ब्राह्मण समाज स्वजनों के समूह या समाज एवं धर्म के प्रति नि:स्वार्थ भाव से समर्पित प्रतिनिधियों के सामूहिक नेतृत्व के माध्यम से संगठन का संचालन होना मूल उद्देश्य है. संगठन के सभी सहयोगियों का एकसमान महत्व और उनके द्वारा सुझाये गये समायोपयोगी प्रस्ताव पर वैचारिक तथा धरातल स्तर पर क्रियान्वयन ही "संगठन" की कार्यप्रणाली की विशिष्टता दर्शाती है.
मुख्य अतिथि श्रीसत्यनारायण शर्मा जी विधायक ग्रामीण रायपुर अपने संबोधन में कहा आज आधुनिकता के रंग में जिस प्रकार सभी त्यौहार , व्रत / उपवास रंग गए हैं उसी प्रकार भादों शुक्ला पक्ष तीज व्रत भी आधुनिक हो गया है परंतु आधुनिक होने के बाद भी प्राचीन परंपरा स्वयं में समेटे रखना ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति का गौरव है |
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित आशीष दुबे ने अपने संबोधन में संगठन के तीज मिलन, युवक युवतियों परिचय सम्मेलन उद्देश्य एवं संगठन संचालन कार्यशैली की सराहना करते हुए सामाजिक संगठन के रुप में प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज की छत्तीसगढ़ के कार्यों को अभिनव प्रयास बताया.
विशिष्ट अतिथि डां श्रीमति सरिता दुबे जी प्रदेश संयोजक ने संबोधन में कहा प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज की स्थापना के सात वर्षों में संगठन द्वारा किये गये कार्यों को समाजोपयोगी बताते हुये संगठनात्मक प्रयासों में यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया. विशिष्ट अतिथि महापौर श्री नन्दलाल देवाँगन जी ने अपने उद्बोधन में समाज के वर्तमान परिवेश पर चिंता व्यक्त करने हुये बैठक में उपस्थित मातृशक्ति से परिवार में ब्राह्मणोंचिंत संस्कार को बनाये रखने का आव्हान किया.
विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री निशा तिवारी प्रदेश अध्यक्ष नारी प्रकोष्ठ ने कहा कि समाज भी हमारे परिवार की तरह होता है। जब हम किसी समाज में जन्म लेते हैं तो स्वत: ही हमें कुछ अधिकार प्राप्त हो जाते हैं। समाज हमें संस्कार देता है। जीवन जीने की शैली सिखाता है।
श्रीमति प्रीति शुक्ला जी ने कहा की कुल मिलाकर समाज हमें असभ्य नागरिक से सभ्य नागरिक बनाता है, वरना हम जब इस दुनिया में आते हैं तो क्या होते हैं। समाज में रहकर ही तो हम मानव से सभ्य मानव बनते हैं। हमारा ये परम कर्तव्य है कि समाज के प्रति अपने दायित्व को पूरी तरह से निभाएं।
आदरणीय श्री मेघराज तिवारी जी ने अपने संबोधन में कहा मनुष्य के जीवन में संगठन का बड़ा महत्व है। अकेला मनुष्य शक्तिहीन है, जबकि संगठित होने पर उसमें शक्ति आ जाती है। संगठन की शक्ति से मनुष्य बड़े-बड़े कार्य भी आसानी से कर सकता है।
विप्र बिरगांव ईकाई अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ अजय शुक्ला जी एवं वि.जा.प्र. पं.सूर्यानंद महराज ने कहा कि संगठन में ही मनुष्य की सभी समस्याओं का हल है। जो परिवार और समाज संगठित होता है वहां हमेशा खुशियां और शांति बनी रहती है और ऐसा देश तरक्की के नित नए सोपान तय करता है।नारी शक्ति प्रकोष्ठ अध्यक्ष चन्द्र किरण पाठक जी अपने संबोधन में कहा समाज के संस्कार संस्कृति एवं परंपरा को बनाये रखने तथा समाज के उत्थान के लिए विशेष बल दिया
अतिथि उद्बोधन के पश्चात ब्राह्मण सामाज की बालिकाओं ,मेघा तिवारी एवम अन्य बच्चो द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया
अपने उद्बोधन में प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज की नारी शक्ति प्रकोष्ठ बिरगांव ईकाई प्रमुख श्रीमति नलिनी तिवारी " ने संगठन प्रतिनिधियों को संगठन के दायित्व को ब्राह्मण समाज के प्रति जिम्मेदारी और विश्वास के रूप में अपनाने की बात कही, उन्होंने का कि सामाजिक संगठन का दायित्व कोई सम्मान या अधिकार नहीं है बल्कि यह समाज और सनातन धर्म के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प है अतः दायित्व का उपयोग कभी भी वर्चस्व स्थापित करने या एकाधिकार करने के उद्देश्य से बिल्कुल नहीं होना चाहिए. प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ की कार्यशैली सामूहिक सहभागिता पर आधारित है और इस संगठन में दायित्व स्वयं को सुशोभित करने के लिये नहीं बल्कि ब्राह्मण समाज के लिये स्वयं संकल्पित कर्तव्यों की पूर्ति के लिये ही बनाये गये हैं.
पंडित श्याम लाल शर्मा, पंडित कमलेश शुक्ला, पंडित फत्तेप्रसाद दुबे, पंडित नारद तिवारी, पंडित लक्ष्मीकांत महाराज अध्यक्ष वि.प्र.बीरगांव, पंडित अजय शुक्ला हितेश दीवान , श्रीमती सरिता तरुण शर्मा, श्रीमती सुनीता मिश्रा, श्रीमतिकविता तिवारी , श्रीमती सरज तिवारी,श्रीमती मथुरा तिवारी श्रीमती विजय लक्ष्मी शर्मा श्रीमति रत्ना तिवारी, श्री आई पी शर्मा, कमलेश शर्मा, अभिनव पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय ,पंडित दीपक दीवान, पंडित सुरेंद्र उपाध्याय ,पंडित कृष्णा द्विवेदी, पंडित मोनू दुबे,पंडित मुकेश तिवारी, पंडित श्री योगेश्वरानंद महाराज, पंडित संतोष पाण्डेय , पंडित आनंद पाण्डेय,नृकेश तिवारी, पंडित सुरेन्द्र उपाध्याय , पंडित पंडित गजेन्द्र पाण्डेय,पंडित भागवत प्रसाद पाण्डेय जी,चन्द्रशेखर शर्मा जी बसंत शर्मा जी, पंडित ईश्वर प्रसाद तिवारी, मिडिया प्रभारी ज्ञानेन्द्र तिवारी जी एवं समस्तसम्मानित सक्रिय कार्यकर्ता व सदस्य, बिरगांव कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संपूर्ण मार्ग दर्शन संजय शुक्ला प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज द्वारा किया गया।कार्यक्रम में समाज के गणमान्य लोगों की अच्छी उपस्थिति रही।