CG बिग न्यूज़ :- डॉक्टर पर बीबी ने लगाया गंभीर आरोप, कहा- एम्स में पोस्टेड पति और उनके दोस्त कई लड़कियों को घर पर लाते है, पति गांजा-दारू पीकर मेरा अश्लील VIDEO बनाने की कोशिश करते हैं…और इतना ही नही ये भी……




रायपुर 29 जुलाई 2021। एम्स के डाक्टर पर पत्नी से रेप की कोशिश और अश्लील वीडियो बनाने सहित कई गंभीर आरोप लगे हैं। महिला आयोग से हुई शिकायत के बाद आयोग ने इस मामले में पूरे दस्तावेज के साथ पति को उनके परिवार के साथ अंबिकापुर तलब किया है। इस मामले में एम्स के डाक्टर की पत्नी ने ही आयोग में शिकायत दर्ज करायी है।
आयोग को की गयी शिकायत में पत्नी ने डाक्टर पति ही नहीं, बल्कि उसके दोस्तों पर घर पर लड़की लाने और अन्य आरोप लगाये हैं। दर्ज शिकायत में पत्नी ने बताया है कि उनके पति एम्स में पोस्टेड हैं। 2 महीने पहले ही उनकी शादी हुई है। पत्नी के मुताबिक उनके डाक्टर पति शराब और गांजा पीकर उनके साथ अश्लील गाली गलौज करते है। पति द्वारा उसके साथ रेप की कोशिश के साथ-साथ अश्लील वीडियो बनाने की भी कोशिश करते हैं।
पत्नी ने शादी को लेकर भी पति पर आशंका जतायी है। पत्नी के मुताबिक उन्होंने बताया कि महज 2 माह पहले ही उनकी शादी हुई है।इस विवाह में अनावेदक के परिवार से कोई शामिल नही हुआ था तथा आज तक उसने स्वयं भी अपने ससुराल पक्ष के लोगो से नही मिली है।विवाह का सारा खर्च आवेदिका द्वारा व्यय किया गया है।इसके साथ ही उन्होंने अध्यक्ष को अवगत कराया कि वर्तमान में मेकाहारा में इन्टरशिप कर रहे उनके साथी, पति की सभी गलती को छुपाते और उसे सहयोग करते है।
इससे उनकी शादी शुदा जिंदगी को खराब हो रही हैं।पति और उनके दोस्त द्वारा अन्य लड़कियों को घर पर भी लाया जाता हैं। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष डॉ नायक ने कहा कि नशा कर पत्नि के साथ अश्लील हरकत करना मानसिक असंतुलन है।पति को ऐसी हरकतों को बंद करने की हिदायत देते हुए समस्त दस्तावेजो के साथ उनकी माँ और भैया-भाभी तथा उनके दोस्त को उनकी विश्रामपुर(अम्बिकापुर) में पदस्थ पत्नी के साथ आयोग की सदस्य श्रीमती नीता विश्वकर्मा के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिये।
आज हुई सुनवाई के एक प्रकरण में 70 महिला सफाईकर्मी ने सुपरवाइजर द्वारा अभद्र व्यवहार करने की शिकायत पर अध्यक्ष ने आगामी सुनवाई में समस्त अनावेदकगण को थाना प्रभारी के माध्यम से उपस्थित करने कहा। अनावेदकगण प्लेसमेंट एजेंसी जो कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। अनावेदकगण से पूछने पर प्लेसमेंट एजेंसी वर्कऑर्डर को लेकर नही आये है आगामी सुनवाई में आवश्यक रूप से पुराने के साथ नए संसोधित दस्तावेजो को लाने के निर्देश अध्यक्ष ने दिए। इस स्तर पर आवेदिकागणों ने निवेदन किया कि उनके द्वारा अप्रेल माह में प्रस्तुत आवेदन मे सुपरवाइजर का नाम उल्लेखित था जिसे दूसरे जगह स्थानांतरित कर दिया गया उसके जगह दूसरे को सुपरवाइजर बनाया गया है। सुपरवाइजर के माध्यम से सभी सफाईकर्मी महिलाओं के साथ अश्लील गाली गलौज और दुर्व्यवहार किया जाता है। अध्यक्ष डॉ नायक ने समझाइश दिया कि जब तक इस प्रकरण का निराकरण नही हों जाता तब तक आवेदिकागणों के साथ दुर्व्यवहार न करे साथ ही अगर अनावेदकगण के द्वारा किसी भी प्रकार से दुर्व्यवहार किया जाता है तो आवेदिकागण लिखित शिकायत करे।
एक प्रकरण में उभय पक्ष उपस्थित पिछली सुनवाई में स्थानीय परिवाद समिति से जांच रिपोर्ट मंगाए जाने के लिए समय दिया गया था आज सुनवाई में जांच रिपोर्ट लिखकर जिला कार्यक्रम अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, उपस्थित हुए उनके द्वारा परिवाद समिति का रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया साथ ही इनके द्वारा बताया गया कि इस परिवाद समिति की बैठक में उनकी उपस्थिति अनिवार्य नही थी इस रिपोर्ट में क्या है वह उससे अनभिज्ञ है रिपोर्ट का अवलोकन किया गया जिसमें आवेदिका के पति घटना दिनांक को उपस्थित थे और आवेदिका के खिलाफ पर झूठी शिकायत पर कार्यवाही किये जाने का उल्लेख है परंतु परिवाद समिति ने उक्त आपत्ति का कोई उल्लेख नही किया वरन लेखापाल को समझाइश देकर छोड़ दिया और आवेदिका के पति का अन्यत्र स्थान पर पदस्थापना करने की अनुशंसा कर दिया । प्रारम्भिक तौर पर परिवाद समिति की कार्यवाही में यह गम्भीर अनियमितता परिलक्षित होता है। चूंकि परिवाद समिति के यह रिपोर्ट कलेक्टर बलौदाबाजार को प्रेषित किया है। आयोग की ओर से विस्तृत पत्र और इस प्रकरण की दस्तावेज की प्रति कलेक्टर बलौदाबाजार को भेजा जाएगा और इस पूरी परिवाद समिति की जांच को निरस्त किये जाने की अनुशंसा भी किया गया क्योंकि लैंगिक उत्पीड़न कानून 2013 के स्पष्ट 5 बिंदुओं में से किसी भी एक बिंदु का उल्लेख इस रिपोर्ट में नही है और आवेदिका के पति के द्वारा ली गयी आपत्ति का निराकरण भी नही किया गया है, परिवाद समिति का रिपोर्ट पूर्णतः दूषित और अविधित प्रतीत होती है आवेदिका चाहे तो इस बिंदु को कलेक्टर बलौदाबाजार के समक्ष भी रख सकती है इस निर्देश के साथ प्रकरण को निराकृत कर दिया गया।