Sachin Pilot Visit CG : कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जारी किया बयान, बोले - पहले झारखंड में हुआ, अब दिल्ली की बारी.....
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट प्रदेश के दौरे पर हैं। सचिन पायलट का मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी पर बड़ा बयान सामने आया है। बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पायलट ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।




बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट प्रदेश के दौरे पर हैं। सचिन पायलट का मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी पर बड़ा बयान सामने आया है। बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पायलट ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त की। पायलट ने कहा कि एजेंसियों का उपयोग कर विपक्षियों को निशाना बनाया जा रहा है। इलेक्टेड चीफ मिनिस्टर को रात के अंधेरे में गिरफ्तार किया गया, कल की घटना निंदनीय है। पहले झारखंड में हुआ फिर दिल्ली में हुआ, अब और न जानें कहां कहां ऐसा किया जाएगा।
वहीं, एक दिन पहले रायपुर पहुंचे पायलट ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र सरकार कांग्रेस के खाते सील कर रही है। कांग्रेस को चुनाव में रोकने की कोशिश हो रही है। आयकर का नोटिस देना, प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई कर रही है। लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। प्रमुख विपक्षी दल पर अंकुश लगाया जा रहा है। निर्वाचन आयोग को इस पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रत्याशियों को लेकर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शेष सीटों पर जल्द प्रत्याशी घोषित किये जाएंगे। जो प्रत्याशी घोषित हैं उनका जबरदस्त प्रचार चल रहा है। छत्तीसगढ़ में इस बार पहले से कहीं ज्यादा बेहतर परिणाम आएगा।
इलेक्टोरल बॉन्ड पर हो रही सियासत पर सचिन ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध घोषित किया। राहुल गांधी ने कहा कि यह वसूली का तंत्र बन गया है। दुनिया ने पहला प्रकरण देखा जब सरकार के तंत्र के तहत ऐसा व्यापक घोटाला हुआ। भाजपा के खातों को सीज किया जाना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार कांग्रेस के खाते सीज कर रही है। देश में स्वतंत्र पारदर्शी चुनाव कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। निर्वाचन आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए। इलेक्टरल बॉन्ड्स की नीति और नियत में फर्क आया है।