मारेंगा में ग्रामीणजनों को नेत्रदान के प्रति किया जागरूक

मारेंगा में ग्रामीणजनों को नेत्रदान के प्रति किया जागरूक

सुकमा 15 अक्टूबर। आँखें हमारे शरीर के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्णहैं। यह बहुत ही नाजुक होती है, इसलिए इनकी देखभाल करना जरूरी है। इसी क्रम में इस विषय पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सुकमा के ग्राम मारेंगा में एक दिवसीय नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 10 मरीजों की नेत्र संबंधी जांच की गई व कुछ मरीजों को निःशुल्क चश्मे और दवाओं का भी वितरण किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणजनों की नेत्र जांच के साथ-साथ,नेत्रदान एवं नेत्र सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया। 

 

आर.एम.ए डॉ. जायसवाल ने बताया “प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस एवं नेत्र जन जागरण अभियान मनाया जाता है । इस साल वर्ल्ड साइट डे की थीम है, “अपनी आंखों से प्यार करो” ये थीम हमारी आंखों की हेल्थ के बारे में जागरूकता फैलाने और हमारी आईसाइट की देखभाल करने की आवश्यकता पर बल देती है इस उद्देश्य के लिए, हमें अपनी आंखों का टेस्ट करवाना चाहिए और जिन्हें हम जानते हैं, उन्हें भी इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.इसके तहत ग्राम मारेंगा में जागरूकता कार्यक्रम एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया । इस शिविर का मुख्य उद्देंश्य लोगों में आँखों की बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना है। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने बताया, सभी लोगों को अपनी आंखों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। आंखों में कोई भी परेशानी होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर दवा लें और उपचार कराएं। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी तरह के ड्रॉप आंख में न डालें और न ही कोई दवा लें। यह आंख की रोशनी के लिए दिक्कत कर सकता है। अपनी आंखों को ठीक रखने के लिए अपने खानपान, दिनचर्या में बदलाव, खुद का काम खुद करने की आदत डालनी होगी। उन्होंने नेत्रदान के बारे में जानकारी देते हुए बताया , अपनी आंखें दान करना जीवन का सबसे अनमोल दान है, आंखें दान कर दो लोगों की जिंदगी में रोशनी दी जा सकती है। अपनी स्वेच्छा से नेत्र दान कीजिये और अन्य लोगों को भी इसके लिये प्रेरित करें।“

 

शिविर में आरएमए महेंद्र जायसवाल, नेत्र सहायक अनिता मरकाम, सुपरवाइजर आर.ए. यादव, एम.पी.डब्ल्यू. सीताराम कश्यप द्वारा नेत्र परीक्षण कर लोगों का उपचार किया गया।