छत्तीसगढ़ के 3 विभूतियों को पद्मश्री: उषा बारले, अजय कुमार मंडावी और डोमर सिंह कंवर पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित... CM भूपेश ने दी बधाई.....

मुख्यमंत्री बघेल ने पद्मश्री सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ से चयनित तीन विभूतियों उषा बारले, मंडावी और कंवर को दी बधाई छत्तीसगढ़ के कला जगत सहित पूरा प्रदेश हुआ गौरवान्वित

छत्तीसगढ़ के 3 विभूतियों को पद्मश्री: उषा बारले, अजय कुमार मंडावी और डोमर सिंह कंवर पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित... CM भूपेश ने दी बधाई.....
छत्तीसगढ़ के 3 विभूतियों को पद्मश्री: उषा बारले, अजय कुमार मंडावी और डोमर सिंह कंवर पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित... CM भूपेश ने दी बधाई.....

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित छत्तीसगढ़ की तीन विभूतियों उषा बारले, अजय कुमार मंडावी और डोमर सिंह कंवर को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए इनके चयन पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के कला जगत सहित पूरा प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। भारत सरकार द्वारा आज पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है। 

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की तीन हस्तियों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा जायेगा। इनमें दुर्ग की उषा बारले कोे पंडवानी गायन के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इन्होंने पंडवानी का प्रशिक्षण प्रख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्मविभूषण तीजन बाई से प्राप्त किया है। उषा बारले लंदन एवं न्यूयार्क जैसे शहरों में पंडवानी की प्रस्तुति दी है।

डोमर सिंह कंवर को नाचा कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। डोमर सिंह कंवर ने सामाजिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने कई बाल विवाह की कुप्रथा को रोकवाने में मदद की है। 

कला के क्षेत्र में जाने माने नाम डोमर सिंह ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 5000 से ज्यादा प्रस्तुति दी है। वहीं अजय कुमार मंडावी को कलाकृतियों का बेजोड़ नमूना तैयार करने के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। लकड़ी पर कला का शानदार नमूना उकेरने वाले मंडावी कांकेर के रहने वाले हैं।

 

पंडवानी गायिका ऊषा बारले को पद्मश्री सम्मान, गौरवशाली उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन गणतंत्र दिवस के मौके पर करेगा सम्मानित 

 

पंडवानी गायिका ऊषा बारले को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। यह पूरे दुर्ग जिले का गौरव है उन्हें इस गौरव के लिए जिला प्रशासन द्वारा गणतंत्र दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ऊषा ने पंडवानी का प्रशिक्षण प्रख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण तीजनबाई से प्राप्त किया है उन्होंने लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में पंडवानी की प्रस्तुति दी है। 

पंडवानी के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गुरु घासीदास सामाजिक चेतना पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन द्वारा दाऊ महासिंह चंद्राकर सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। गिरोधपुरी तपोभूमि में भी वे छह बार स्वर्ण पदक से सम्मानित की जा चुकी है।