सिर्फ पीएम मोदी को घेरना है, अडानी तो बहाना है, आज विपक्षी पार्टियों के लिए राजनीतिक सुनहरा मौका है, देश की जनता के मन में भ्रम पैदा करने का, आने वाले चुनाव में वोट लेने का, और मोदी को हराने का .
Only PM Modi has to be surrounded, Adani




NBL, 07/02/2023, Lokeshwer Prasad Verma, Raipur CG: Only PM Modi has to be surrounded, Adani is just an excuse, today is a political golden opportunity for the opposition parties, to create confusion in the minds of the people of the country, to get votes in the coming elections, and to defeat Modi.
आज देश में जितना भी छोटे बड़े व्यापारी वर्ग है, इन व्यापारीयो का कोई न कोई कर्ज है, राष्ट्रीय बैंकों से या प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से, लेकिन कर्ज जरूर है कुछ न कुछ यहाँ तक भारत की आम लोग भी कर्ज लेकर मकान व कार व मोटर साइकिल के साथ साथ अन्य जरूरतों के लिए कर्ज लेकर चलता है, अपने उन्नति के लिए, कुछ लोग सरकारी संस्थाओ में नौकरी पेशा लोग है जो अपने लोन कर्ज को अपने सैलरी में अपडेट कर हर महीने एम आई भरते हैं, लेकिन प्रायः प्रायः देश के लोग कर्ज लेते हैं अपने जरूरतों के लिए...
लेकिन व्यापारी लोग तो अपने बिजनेस के इनकम से इन बैंकों के कर्ज का एम आई भरते हैं, अगर महीने के बिजनेस में आमदानी कम हुआ तो ड्यू चार्ज के साथ अगले महीने एम आई देते हैं, लेकिन देते जरूर है, क्योकि सभी कर्ज दार ये चाहते हैं, हमारे क्रेडिट सिविल स्कोर लेबल बढ़े और आने वाले समय में बैंक हमें और कर्ज दे सके बिना टेंशन के यू ही ये सिलसिला चलते रहते हैं। लेकिन सौ में से एक व्यक्ति ऐसा होता है जिसका किस्मत ही खराब हो जाता हैं, जो कर्ज के एम आई चुकाने में असमर्थ हो जाते हैं, ये तो बैंकों के नजरों में ऐसा ही ब्लाॅक हो जाते हैं, यही ई इकोनामी सिस्टम।
अब ये कामन सेंस बात है, अगर आप कर्ज लेते हो तो आप अपने सारे लीगल डाक्युमेंट समिट करते हैं आप उन संस्थाओ में जहाँ से आप कर्ज लेते हैं, और आपसे बैंक या फाइनेंस कंपनी इनकम आफ सोर्स का गारंटी ऐप्रुवल मांगते है आपको कर्ज देने के लिए और आप देते हो तब कही जाकर वैरीफाई होने के बाद आपको कर्ज देती है ये संस्थाएँ।
आप अगर बैंक या बीमा कंपनी के योजनाओ से जुड़ते है, और वहाँ आप उन योजनाएं के अनुसार हर महीने किस्त के रूप मे या फिक्स डिपाजीट करते है, तो आपको नियम अनुसार वह संस्थाएँ आपको आपके उस योजनाएं का फल देते है समय सीमा के अनुसार लेकिन कभी आपने ये कभी सोच विचार किया है, की एक लाख रुपिया मैंने दो साल या तीन साल तक जमा किया उस संस्था में और फिर मुझे डबल या तिबल फायदा दिया मेरे समय सीमा के अनुसार लेकिन यह सब कैसे दिया होगा करके।
आप जो बैंक या बीमा या फाइनेंस या इंसुरेंस कंपनी में रुपिया जमा किया उनको ये संस्थाये मार्केट में लगा देते है शेयर बाजार में या किसी अच्छे ताकतवर कंपनी को कर्ज देकर अच्छे ब्याज के साथ अपना रुपिया लेती है ये बैंक और बीमा या फाइनेंस व इंश्योरेंस कंपनी तब कही आपको ये संस्थाएँ अतिरिक्त रकम देती है। लेकिन हर कंपनी आपके साथ लीगल रूप से एक बंधन कारी है, नियम व शर्तो के साथ और आपको ये संस्थाएँ योजनाएं का फल को देता है यही इन संस्था और हमारे विश्वास है, जो अपने रकम का वापसी व सुरक्षित रखने का भरोसा देती हैं और हम करते है।
वर्तमान में अडानी ग्रुप आफ कंपनी में घाटा या मुनाफा हुआ तो हम भारत के आम आदमी को क्या फायदा या नुकसान होगा क्योकि इनके मालिक तो गौतम अडानी इन ग्रुप है, तो इनके रुपिया पैसा तो इनके हुए और नुकसान हुआ तो इनका हुआ अब बैंकों ने इनको कर्ज दिया तो बैंक ही वसूल करेगा इन कंपनी से अब पीएम नरेंद्र मोदी को पूछकर तो कर्ज नहीं दिया होगा बैंक वालों ने अडानी कंपनी को जो विपक्षी दलों के नेताओं के द्वारा देश के लोगों को गुमराह कर रहे हैं, पीएम मोदी सरकार जवाब दो कैसा जवाब देगा पीएम मोदी और किस हिसाब से जवाब देगा पीएम मोदी क्योकि बैंकों से कर्ज लेने के लिए आदानी ग्रुप आफ कंपनी का लीगल डाक्युमेंट समिट किया होगा बैंकों में और इतना बड़ा रुपिया रकम दिया बैंकों ने अडानी कंपनी को तो इनकम आफ सोर्स तो देखा ही होगा बैंकों के द्वारा तब इतना बड़ा रकम मुहैया कर दिया अडानी ग्रुप को। तो इतना बड़ा रकम देने और लेने का जवाबदारी तो बैंकों का है, अब इसमें पीएम नरेंद्र मोदी कहाँ से आ गया इतना बेतुकी बात विपक्षी दलों के नेताओं के द्वारा आज देश में की जा रही हैं, जो बैंकों व बीमा कंपनी के देश के लोगों के अंदर जो विश्वास है उनको तोड़कर भ्रम पैदा कर रहे हैं, और देश के बहुत से लोगों को मारने या हार्ट अटैक कराने का काम विपक्षी दलों के नेताओं के द्वारा की जा रही है।
क्योकि देश के लोग बैंक व बीमा कंपनी पर ही ज्यादा भरोसा करते हैं, लेकिन आज विपक्षी दलों के गंदी राजनीति के कारण आज देश के लोग भ्रम मे पड़ गया है कि हमारे कड़ी मेहनत से कमाई गई रुपिया रकम कही डूब ना जाएं क्योकि देश के लोग इन रूपियों को अनेक प्रकार के सोच के साथ जमा करते है, कोई बेटियो के शादी के लिए तो कोई अच्छे मकान बनाने के लिए और कोई बुरे वक्त के काम के लिए और तरह तरह के सोच के साथ बैंक या बीमा योजना में अपने रुपिया लगाते हैं और इनसे ज्यादा रकम पाने की उम्मीद रखते हैं। जबकि ऐसा कुछ भी गलत होने वाला नहीं है जो आप लोगों को नुकसान होगा इन अफवाह बातों से बचे और पीएम मोदी सरकार और अडानी के साथ कोई भी गठबंधन नहीं है, यह सब एक राजनीतिक दोषारोपण है, जो अपने निजी स्वार्थ के लिए देश के लोगों मे भ्रम पैदा कर रहे हैं, विपक्षी दलों के नेताओं के द्वारा।
अक्सर विदेश के कंपनी हमारे भारत देश के कंपनी व व्यापारीयो को टारगेट कर हमला व कमजोर कर रहे हैं, और इन विदेशी कंपनी का समर्थन अपने देश के कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं के द्वारा मिल जाता हैं, और आज पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए बेबुनियाद आरोप वाले मुद्दा विपक्षी दलों को मिल गया है, जिसका कोई आधार नहीं है, केवल और केवल देश में भ्रम फैला रहे हैं, सावधान इंडिया।