NSA एक्ट: नकलची हो जाएं सावधान! परीक्षा में नकल करने पर लगेगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून... संपत्ति होगी जब्त... जानिए कानून में क्या प्रावधान?....

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NSA एक्ट: नकलची हो जाएं सावधान! परीक्षा में नकल करने पर लगेगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून... संपत्ति होगी जब्त... जानिए कानून में क्या प्रावधान?....
NSA एक्ट: नकलची हो जाएं सावधान! परीक्षा में नकल करने पर लगेगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून... संपत्ति होगी जब्त... जानिए कानून में क्या प्रावधान?....

NSA Act, National Security Act will be imposed on cheating in examination, Property will be confiscated

 

UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने परीक्षा में नकल रोकने के लिए बड़ा ऐलान किया है। यूपी में अब 10वीं और 12वीं की परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़े जाने पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 ) लगेगा। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। परीक्षा में नकल करने वाले छात्रों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन पर NSA लगाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 16 फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं हैं। 

 

साथ ही नकल करने वाले, इसमें मदद करने वाले शिक्षक या अन्य के शामिल होने पर संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी। बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए यूपी सरकार ने तमाम तैयारियां की हैं। नकल में शामिल पाए जाने वाले परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक कक्ष निरीक्षक के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। यूपी में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून बेहद सख्त कानून माना जाता है। NSA 'देश की सुरक्षा के लिए खतरा' होने जैसी स्थिति पर लगाया जाता है। 

 

इस कानून के तहत पुलिस संदिग्ध व्यक्ति को 12 महीनों तक हिरासत में रख सकती है। हिरासत में रखने के लिए बस बताना होता है कि इस व्यक्ति को जेल में रखा गया है। नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) या राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका), एक ऐसा कानून है जिसके तहत किसी खास खतरे के चलते व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। अगर प्रशासन को लगता है कि किसी शख्स की वजह से देश की सुरक्षा और सद्भाव को खतरा हो सकता है, तो ऐसा होने से पहले ही उस शख्स को रासुका के तहत हिरासत में ले लिया जाता है।

 

इस कानून के तहत किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को 3 महीने तक बिना जमानत के हिरासत में रखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि 3-3 महीने के लिए बढ़ाई जा सकती है। इस कानून के तहत हिरासत में लिए गए व्यक्ति को 12 महीने तक जेल में रखा जा सकता है। हिरासत में रखने के लिए संदिग्ध पर आरोप तय करने की जरूरत भी नहीं होती।