New Wage Code : नया वेज कोड लागू होने के बाद जाने क्या -क्या होगा बदलाव और आपकी किन चीजो पर होगा असर ...
New Wage Code: After the implementation of the new Wage Code, what will be the changes and what will be the effect on your ... New Wage Code : नया वेज कोड लागू होने के बाद जाने क्या -क्या होगा बदलाव और आपकी किन चीजो पर होगा असर ...




New Wage Code 2022 Implementation:
नया वेज कोड देश भर में जल्द लागू किया गया है. इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी से लेकर पेंशन तक सब पर असर पड़ने वाला है. नए वेज कोड में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिसको जानना आपके लिए बहुत जरूरी है. सबसे बड़ी बात जब भी कोई पॉलिसी लागू होती है, तो उसका नोटिफिकेशन कम से कम 15 दिन पहले जारी कर दिया जाता है. इसलिए 1 जुलाई से इसके लागू होने का सवाल ही नहीं है. (New Wage Code)
क्या है न्यू वेज कोड ?
वेज कोड एक्ट (Wage Code Act), 2019 के मुताबिक, किसी कर्मचारी का मूल वेतन (Basic Salary) कंपनी की लागत (CTC) का 50 परसेंट से कम नहीं हो सकता है. अभी कई कंपनियां बेसिक सैलरी को काफी कम करके ऊपर से भत्ते ज्यादा देती हैं ताकि कंपनी पर बोझ कम पड़े. (New Wage Code)
सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाएगा :
वेज कोड एक्ट (Wage Code Act), 2019 के लागू होते ही कर्मचारियों का सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाएगा. कर्मचारियों की ‘(Take Home Salary’ घट जाएगी, क्योंकि Basic Pay बढ़ने से कर्मचारियों PF ज्यादा कटेगा यानी उनका भविष्य ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा. पीएफ के साथ साथ ग्रैच्युटी (Monthly Gratuity) में भी योगदान बढ़ जाएगा. (New Wage Code)
टेक होम सैलरी घटेगी, रिटायरमेंट सुधरेगा :
मूल वेतन (Basic Pay) बढ़ने से कर्मचारियों (Employees) का पीएफ (PF) ज्यादा कटेगा, तो उनकी टेक-होम सैलरी (Take Home Salary) घट जाएगी. लेकिन, उनका भविष्य ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा. इससे उनकी सेवानिवृत्ति (Retirement) पर ज्यादा लाभ मिलेगा, क्योंकि भविष्य निधि (PF) और मासिक ग्रैच्युटी (Monthly Gratuity) में उनका योगदान बढ़ जाएगा. (New Wage Code)
कंपनियों के लिए होगी मुश्किल :
आपको बता दें कि कर्मचारियों का सीटीसी (CTC) कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है. जैसे बेसिक सैलरी, मकान का किराया (HRA), PF, ग्रेच्युटी, LTC और मनोरंजन भत्ता वगैरह. नया वेतन कोड नियम लागू होने पर कंपनियों को यह तय करना होगा कि बेसिक सैलरी को छोड़कर (CTC) में शामिल किए जाने वाले दूसरे फैक्टर 50 परसेंट से ज्यादा न होने पाएं. ये कंपनियों का सिरदर्द बढ़ा सकता है. (New Wage Code)
ऊंची सैलरी वालों की बढ़ेगी चिंता :
टेक-होम सैलरी में कटौती का असर निम्न और मध्यम आय वालों के लिए बहुत कम होगी. लेकिन ऊंची आय वालों को बड़ा झटका लग सकता है. ऊंची कमाई वालों का पीएफ योगदान ज्यादा बढ़ जाएगा तो उनकी टेक होम सैलरी भी काफी हो जाएगी, क्योंकि जिन कर्मचारियों का वेतन ज्यादा होगा उनकी बेसिक सैलरी भी ज्यादा होगी इसलिए पीएफ योगदा भी ज्यादा कटेगा. (New Wage Code)