मल्हार स्थित मध्य नगरीय स्कूल में चार दिवसीय भावातीत ध्यान शिविर का हुआ समापन जानें क्या होता हैं और कैसे करें घर पर पढ़े पूरी ख़बर




मध्य नगरीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मल्हार में चल रहें चार दिवसीय भावातीत ध्यान शिविर में इस क्षेत्र से जुड़े कई नाम चिन्ह ब्यक्तियों नें अपना अनुभव बच्चों के साथ बांटा और चार दिनों तक इन बच्चों नें अनुभवी शिक्षकों से बहुत कुछ सीखा वहीं स्कूल प्रिंसिपल नें समापन समारोह में कहा की ये हम सबके लिए सौभाग्य की बात हैं की हमारे बीच इस योग क्षेत्र के हमारे अनुभवी गुरु शामिल हुए और हम सबको उनको सुनने देखने और उनसे सिखने का मौका मिला इससे सभी शिक्षकों और बच्चों की जीवन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा,
क्या होता हैं भावातीत कैसे करें ?
नाध्यान एक अभ्यास है जिसमें मानसिक और शारीरिक तकनीकों के संयोजन का उपयोग करके अपने मन को केंद्रित या साफ़ किया जाता है। आप जिस तरह का ध्यान चुनते हैं, उसके आधार पर आप आराम करने, चिंता और तनाव को कम करने और बहुत कुछ करने के लिए ध्यान कर सकते हैं। अपने मन को अंतर्मुखी करें और एकाग्रचित्त होकर ध्यान लगाएं, सामान्यतः भौंहों के बीच के स्थान पर। अपने एकाग्र मन को अपने गहरे आत्म या ईश्वर के किसी पहलू पर केंद्रित करें, जैसे कि प्रेम, आनंद या प्रकाश। यह स्वाभाविक रूप से आपकी चेतना का विस्तार करने में मदद करेगा।
ध्यान करते वक्त सोचना बहुत होता है। लेकिन यह सोचने पर कि 'मैं क्यों सोच रहा हूं' कुछ देर के लिए सोच रुक जाती है। सिर्फ श्वास पर ही ध्यान दें और संकल्प कर लें कि 20 मिनट के लिए मैं अपने दिमाग को शून्य कर देना चाहता हूं। अंतत: ध्यान का अर्थ ध्यान देना, हर उस बात पर जो हमारे जीवन से जुड़ी है।