रोड नहीं तो वोट नहीं मस्तूरी के केंवटाडीह भुतहा में सरपंच व ग्रामीणों में भारी आक्रोश पिछले 5 साल से रोड की समस्या से हैं परेशान लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की हैं तैयारी पढ़े पूरी खबर




बिलासपुर//मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोहारडीह से बिनौरीडीह केंवटाडीह पहुंच मार्ग की हालत किसी से छिपी नहीं हैं यह रोड नीचे बेल्ट की दर्जनों गांवों को जोड़ती हैं इसे गांव की जीवन रेखा भी कहीं जाती हैं क्यों की यही वो रोड हैं जो इन गाँवो के तक़रीबन 10 हजार से भी अधिक लोगों को मुख्य धारा से जोड़ती हैं मालूम हो की आसपास के सभी ग्रामीणों को छोटी बड़ी सभी जरुरत की सामान खरीदने चिल्हाटी या पचपेड़ी आना पड़ता हैं पर रोड की दयनीय स्थिति के कारण आधे घंटे की दुरी घंटो में तय होती हैं और कई लोग अनचाहे दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाते हैं चाहे बात करे ब्यापारियों की किसानो की शिक्षकों की या विद्यार्थियों की सभी इसी रोड से आना जाना करते हैं जो सभी के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं यह रोड पी डब्लू डी विभाग के अंतर्गत आता है जो पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। हालांकि कुछ महीने पहले रिपेरिंग के नाम पर लीपा पोती जरूर हुई थी जब इस रोड के गढ्ढो पर गिट्टी डाल कर छोड़ दिया गया था जो न काफी साबित हुई और यह पहले से और ख़राब अवस्था में पहुंच चुकी है ऐसा लगता है जैसे विभाग के अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं जो सड़क की हालत नहीं सुधरने पर कभी भी घट सकती हैं
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
सरयू किरण खरे
सरपंच केंवटाडीह भुतहा
हम लोग कई बार इस रोड की स्थिति को लेकर पी.डब्ल्यू.डी.विभाग के अधिकारीयों को बता चुके हैं पर वो हर बार जनता की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं अब लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे रोड नहीं तो वोट नहीं
नकुल जांगडे
युवा मतदाता केंवटाडीह भुतहा
छत्तीसगढ़ के नवनिर्वाचित सीएम ने राज्य के सभी गढ्ढे वाले सड़को को दुरुस्त करने कहा और मस्तूरी में सारे गड्ढे वाले रोड दुरुस्त कर दिए गए सिवाए बोहारडीह से बिनौरीडीह केंवटाडीह पहुच मार्ग को छोड़ कर अधिकारी इस पहुंच मार्ग की हालत को देख कर भी अनदेखा कर रहे है इस बार नो रोड तो नो वोट जब तक रोड नहीं तब तक वोट नहीं