नवाखाई एवं ठाकुर जोहरनी पर्व के दौरान कहा समाज प्रमुख मयाराम नागवंशी...जिनका भाषा नहीं उनका माता नही और जिनका धर्म नहीं उनका पिता भी नहीं...शिक्षा और आदिम संस्कृति को संरक्षित रखने पर दिया जोर..

नवाखाई एवं ठाकुर जोहरनी पर्व के दौरान कहा समाज प्रमुख मयाराम नागवंशी...जिनका भाषा नहीं उनका माता नही और जिनका धर्म नहीं उनका पिता भी नहीं...शिक्षा और आदिम संस्कृति को संरक्षित रखने पर दिया जोर..

नगरी विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में आदिवासी समाज इन दिनों भादों नवमी में आदिम परंपरा का पर्व,नवाखाई एवं ठाकुर जोहरनी पर्व गांवो में मनाने के पश्चात अपने समाजिक क्षेत्र में मिलन पर्व,बड़े ही धुमधाम से मना रहे हैं।विगत दिनों गोंड़वाना समाज उपक्षेत्र दुगली ने भी अपने 17 मुड़ा क्षेत्र के समाजिकजनों की उपस्थिति में कौहाबाहरा में परंपारीक पर्व मनाया।इस दौरान दुगली उपक्षेत्रिय अध्यक्ष मयाराम नागवंशी ने समाज को उद्बबोधन के दौरान शिक्षा और आदिवासी धर्म संस्कृति को संरक्षित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा जिनका भाषा नहीं उनकी माता नहीं और जिनका धर्म नहीं उनका पिता नहीं अपनी विचारों में कहा।इसीलिए गोंडी भाषा,धर्म संस्कृति को संरक्षित रखने की आज आवस्यकता है।आज पूरा विश्व आदिवासी समुदाय में जय सेवा का नारा का देन,दादा हीरासिंग मरकाम एवं मोती रावन कंगाली को कहा जिन्होंने पूरी जीवन आदिवासी समाज की गौंड़ी धर्म संस्कृति को संरक्षित और आदिवासियों की संवैधानिक अधिकार को धरातल में लाने के लिए जीवन जीआ। वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे सोपसिंग मंडावी एवं पूर्व समाजिक अध्यक्ष जयसिंह सोरी ने भी पुरातन आदिम धर्म संस्कृति की पहचान आदिवासी समाज को बताया और परंपारीक ब्यवस्था को बनाकर रखने हेतू समाजिकहित भरा विचार समाज के समक्ष रखे।कार्यक्रम के दौरान सर्व प्रथम क्षेत्र के समाजिक मुखिया जिनका समाजिक ब्यवस्था बनाने में,दिवंगत समाज प्रमुख स्व.मेहतरराम वट्टी, हलालसिंग नेताम,देवनाथ नेताम,मयाराम नेताम,तिहारुराम मरकाम का विशेष योगदान के मद्देनजर उनके परिजन अनूपचंद वट्टी, प्रेमलाल,आत्माराम और कुमार का सम्मान समाज की ओर से किया गया।उसके उपरांत ग्राम के पुजारी और ग्राम पटेल संवलूराम मंडावी, प्रताप मंडावी,जयलाल मरकाम,भोरमदेव मंडावी, ग्राम पटेल रजलाल नेताम,नरसिंग नेताम,आत्माराम का साल श्री फल भेंटकर समाज प्रमुखों व्दारा सम्मान किया गया।कार्यक्रम के दौरान पूरा दिनै समाजिकजनों ने समाजिक विकास उत्थान और भाषा संस्कृति को संरक्षित रखने को लेकर विशेष चर्चा परिचर्चा हुई।समाजहित मेंआगामी रणनीति पर भी विचार किया गया।इस दौरान आदिवासी समाज से चयनित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि दिनेश्वरी नेताम जनपद अध्यक्ष नगरी,बंशीलाल सोरी जनपद सदस्य दुगली,सरपंच शिवप्रसाद नेताम कौव्हाबाहरा, तुलसी मंडावी कोलियारी, महेन्द्र नेताम मुनईकेरा,उत्तरा मरकाम बाँधा का भी समाज की ओर से सम्मान कियाऐ गया।वहीं समाज प्रमुख बिच्छलराम मरकाम, मानसाय मरकाम,बालाराम मंडावी,भावसिंह कोर्राम,दशरत नेताम, नारायण मरकाम, मकसूदन ध्रुव,कन्हैया लाल मरकाम,शत्रुघन साक्षी,अशोक नेताम,हेमंत तुमरेटी,संतोष सोरी,मोहीत मरकाम,सुकचंद मरकाम,चंदुलाल मरकाम,संतोष मरकाम,की एवं समाजिक जनों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित हुई।कार्यक्रम का सफल संचालन अंत तक बुधराम नेताम ने की।