राजीव ग्राम दुगली के ग्रामीण आज भी नहीं भूले ओ पल,जब भारत रत्न का आगमन हुआ...विकास की उम्मीदें आज भी ग्रामीणों के जेहन में...राजीव ग्राम की तस्वीरें तो बदली मगर क्षेत्र वासियों की तकदीर नहीं बदली...

राजीव ग्राम दुगली के ग्रामीण आज भी नहीं भूले ओ पल,जब भारत रत्न का आगमन हुआ...विकास की उम्मीदें आज भी ग्रामीणों के जेहन में...राजीव ग्राम की तस्वीरें तो बदली मगर क्षेत्र वासियों की तकदीर नहीं बदली...

 

छत्तीसगढ़ धमतरी..

शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि,बिजली और रोजगार में ओ बदलाव नहीं हो पाया जिनकी ग्रामीणों को उम्मीद थी...

भूपेश सरकार से राजीव गांधी की सपना साकार होने की उम्मीद कायम...

धमतरी जिले के ग्राम पंचायत दुगली जहाँ देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री,जो 19 वीं सदी में ही 21 वीं सदी की भारत की कल्पना किया था।ऐसे भारत रत्न स्व.राजीव गांधी का आगमन अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान,उनका चरण दुगली ग्राम में पड़ा था। जिनकी स्मृति में कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार दो साल पूर्व 20 अगस्त को राजीव गांधी की मूर्ति अनावरण कर यादगार बनाया था।राजीव जी का आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में आने का एक बहुत बड़ा कारण इस क्षेत्र में निवास करने वाले कमार जनजाति के आदिवासी संस्कृति,जीवनशैली को जानने परखने के साथ संरक्षित रखने की उद्देश्य और एक उनकी अलग सोच उनकी जिज्ञासा बिहड़ वनांचल दुगली ग्राम तक लेकर आई थी। उनके आगमन के दौरान उनके साथ उनकी धर्म पत्नी सोनिया गांधी,तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा और क्षेत्रीय विधायक अशोक सोम भी इस दौरे के दौरान पूरा दिन मौजूद रहे।14 जुलाई 1985 के दिन 36 साल पहले दुगली वासियों के लिए एक बहुत ही बड़ा पर्व से कम नहीं था। बड़ी बड़ी उम्मीदें थी दुगली सहित क्षेत्रवासियों को,क्योंकि ऐसे प्रधानमंत्री का आगमन हो रहा था जिन्होंने देश की विकास में नई क्रांति का अगाज किया था चाहे पंचायती राज,संचार क्रांति,युवाओं को मताधिकार,समावेशी विकास की दूरदर्शिता 19 वीं सदी में 21 वीं सदी की कल्पना,राजीव जी के याद दिलाते हैं।मगर ऐसे महान हस्ती के आगमन से जैसा इस क्षेत्र और कमार आदिवासीयों का विकास होना चाहिए था,ओ आज तक नहीं हो पाया ये क्षेत्र के लिए दुर्भाग्य है। दुगली के कमार आदिवासी परिवार सुकालू कमार और सोनाराम कमार से राजीव जी रुबरु हूए थे जो आज नहीं हैं।जिनकी परंपरा अनुसार भोजन मड़िया पेज,करू कंद,चरोटा भाजी का स्वाद चखे थे। आज भी उनका परिवार दुगली में निवासरत है उस समय तकरीबन सात परिवार निवासरत थे। आज की स्थिति में लगभग 14 परिवार दुगली में निवास करते हैं सुकालू कमार की बेटी मोतीनबाई और उनके दामाद मैंकुराम कमार आज भी राजीव गांधी को याद करते हैं।वहीं 36 बरस बीत जाने के बाद भी आज भी कमार परिवार कच्चे मकानों में जीवन बसर कर रहे हैं प्रधानमंत्री आवास योजना की आस में हैं उनका मूल ब्यवसाय बाँस से दैनिक आवश्यकता की सामग्री तैयार कर,गांवो में बेचकर जिदंगी चलाना हैं।और अपनी परिवार का भरण पोषण करते हैं लेकिन ग्रामीण कमार आदिवासीयों ने बताया समस्या साधन की है आसानी से बाँस उपलब्ध न हो पाना,उनके लिए बड़ी समस्या है।वहीं मैकुराम कमार ने बताया गाँव के तीन ही परिवारों का प्रधानमंत्री आवास योजना तहत निर्माण हो पाया है बाकी परिवार आज भी शासन की योजना के इंतजार में लगे हुए हैं।वहीं शासन व्दारा वनाधिकार तहत कुछ खेती करने हेतु जमीन दी गई है जिनसे उनका आर्थिक स्तर में सुधार आए। जिनका मनरेगा तहत समतली करण भी हुआ है मगर खेती करने लायक तैयार अभी भी नहीं हो पाया हैं जिन कृषि भूमि को सुधार की आवश्यकता शासन से कमार परिवारों ने जाहिर किए हैं।ज्ञात हो ग्राम पंचायत दुगली राजीव के आने के उपरांत राजीव ग्राम दुगली में परिवर्तन हो गया इस ग्राम में भारत रत्न का नाम हमेशा हमेशा के लिए जुड़ गया। उस हिसाब से यह गांव और यह क्षेत्र विकास का एक नया आयाम लिखना था। मगर वैसा हो नहीं पाया।राजीव गांधी जिस प्राथमिक पाठशाला शैक्षणिक संस्था में 15 मिनट तक समय गुजारकर स्कूली बच्चों से रुबरु हुए थे चाकलेट भी बांटे थे तत्कालीन प्रधानपाठक रतीराम नाग से औपचारिक चर्चा भी की थी ऐसा पाठशाला 36 साल बाद भी अहाता के इंतजार में है एक सुविधा विहीन स्कूल के श्रेणी में आते हैं।पूर्व सरपंच सीताराम नेताम और बसंत कुमार टांडेश ने बताया ग्रामीणों की कई बरस की माँग थी उच्च शैक्षणिक संस्थाएं कालेज की सुविधा,किसानों को ऊपरी बारिश के भरोसे खेती पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा सोंढूर नहर का विस्तार दुगली क्षेत्र तक।बिजली की समस्या सब स्टेशन के बाद खत्म होगी,आसपास के छात्राओं को कन्या हास्टल,छात्रों के लिए छात्रावास भवन की सुविधाएं होंगी शिक्षा का स्तर बढ़ेगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं।किसानों को जिला सहकारी बैंक की सुविधाएं मिलेंगी मगर राजीव ग्राम दुगली आज भी विकास की राह देख रहा है आखिर कब होगा राजीवगांधी जी के सपना साकार। ज्ञात हो नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य में जैसे ही कांग्रेस की दोबारा सरकार बनकर आई प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी अपने केबिनेट के मंत्रिमंडल के साथ दो साल पूर्व राजीव ग्राम दुगली में ग्राम सुराज एवं वनाधिकार मड़ाई के रूप में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजन दौरान भारत रत्न राजीव जी के याद में आदमकद मूर्ति अनावरण कर राजीव ग्राम दुगली को नई संजीवनी प्रदान किया था। इस दौरान मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष,क्षेत्रीय विधायक डाँ. लक्ष्मी ध्रुव के साथ पूर्व विधायक स्व.माधवसिंह ध्रुव,अशोक सोम,अंम्बिका मरकाम भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।मगर दुगली वासीयों का कहना है जब तक दुगली क्षेत्र में कृषि के क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पानी की सुविधाएं,कृषि ऋण हेतू जिला सहकारी बैंक,शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शैक्षणिक संस्थाऐं,बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं,और निरंतर बिजली तब तक स्व.राजीव गांधी जी का सपना दुगली वासियो के लिए एक सपने के ही समान है। मगर उन सपनों को राजीव ग्राम दुगली के ग्रामीण,भूपेश सरकार से साकार होने की उम्मीदें आज भी अपनी जेहन में लिए हुए हैं