जामड़ीपाठ बालोद मामले सहित अन्य मुद्दों पर सर्व आदिवासी समाज का जेल भरो आंदोलन बालकदास की गिरफ्तारी की मांग......

जामड़ीपाठ बालोद मामले सहित अन्य मुद्दों पर सर्व आदिवासी समाज का जेल भरो आंदोलन 
बालकदास की गिरफ्तारी की मांग......
जामड़ीपाठ बालोद मामले सहित अन्य मुद्दों पर सर्व आदिवासी समाज का जेल भरो आंदोलन बालकदास की गिरफ्तारी की मांग......

धमतरी-सर्व आदिवासी समाज के प्रांतीय अवहान पर शुक्रवार को जामड़ीपाठ (पाटेश्वर धाम) डौंडी बालोद सहित अन्य मुद्दों पर जेल भरो आंदोलन किया गया। गोंड़वाना से दोपहर 3 बजे रैली की शक्ल में सर्व आदिवासी समाज के लोग गांधी चौक पहुंचे,जहां एसडीएम को ज्ञापन देने के पश्चात जिलेभर से आए आदिवासियों ने अपनी गिरफ्तारी दी। जेल भरो आंदोलन के माध्यम से सर्व आदिवासी समाज ने जामड़ीपाठ बालोद के मुददे के अलावा सरगुजा के हसदेव अरण्य परसा कोल ब्लॉक को रदद करने और सुकमा जिले के सिलगेर ग्राम में पुलिस एवं फोर्स के द्वारा मारे गए निर्दोष ग्रामीणों के परिवार को न्याय दिलाने सहित उनके परिवारों को अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग की है। सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष महेश रावटे ने कहा कि पाटेश्वर धाम के जो फर्जी बाबा है जिन्होंने आदिवासियों के ऊपर बलवा करवाया है उसको गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा सिगलेर में जो निर्दोष आदिवासियों को मारा गया है उनको न्याय दिया जाए। शासन के द्वारा उनके परिवार को अनुकंपा नियुक्ति और प्रशासन द्वारा कुछ राशि दिया जाए क्योंकि अभी तक 1 साल हो गया है और उनको कोई भी सहायता राशि नहीं दिया गया है। युवा प्रकोष्ठ के प्रमोद कुंजाम ने कहा कि जिला बालोद डौडी ब्लाॅक के तुएगोंदी में आदिवासी समाज के व्दारा पारंपारिक पूजा की जा रही थी,जहां बालकदास के गुंडो व्दारा लाठी-डंडो,कांच की बोतलों एवं पत्थरों से आदिवासियों पर हमला किया गया। इस मामले को समाज व्दारा लगातार आंदोलन किया गया,लेकिन उनके खिलाफ कोई एफआईआर एवं दंडात्मक कार्यवाही नहीं हुआ। समाज लगातार आंदोलन जारी रखेगा,जब तक उन पर कार्रवाई न हो जाए। उन्होने कहा कि हम किसी के भानवाओं को ठेस नही पहुंचाने चाहते है लेकिन कोई हमारी भावना भी आहत न हो। सर्व आदिवासी समाज के वरिष्ठ अशोक कुमार मेश्राम ने सरगुजा के हसदेव अरण्य परसा कोल ब्लॉक आंबटन के मामले में कहा कि आॅक्सीजन सबको मिल रहा है फिर भी आम आदमी की लड़ाई आदिवासी लड़ रहे है ये सिर्फ आदिवासी का मामला नही है। सरकार पेड़ काटने के बजाए पेड़ लगाए,नही तो आम जीवन बुरी तरह प्रभावित होगें। जेल भरो आंदोलन में प्रमुख रूप से कमलनारायण ध्रुव,इन्द्रावन कंवर,रूपेन्द्र नगारची,कोमल सिंह,भेपेन्द्र कंवर,देवराज नेताम,विजयेन्द्र मंडावी,उमेश देव,नीलू छैदेया,महेन्द्र नेताम,आशीष रात्रे,रामप्रसाद संभाकर,डाॅ.आनंद राम ठाकुर,जयपाल सिंह ठाकुर,अनिता ध्रुव,गायत्री कंवर,चन्द्रकला नेताम,राजेन्द्र मंडावी,कृष्णा नेताम,ओमप्रकाश कंवर,तिजेन्द्र कुंजाम,रामेश्वर मरकाम,हेमंत ध्रुव,टिकेश मंडावी आदि मौजूद रहे।