शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा को आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में परिवर्तित करने के विरुद्ध राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन -AIYF




सुकमा - छत्तीसगढ़ राज्य में 32 विद्यालयों को स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में परिवर्तित करने का आदेश पारित किया गया है, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा जिसे सुकमा जिले के प्रथम शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा होने का गौरव प्राप्त है ।सुकमा जिले की अनेकों सफल बुद्धिजीवियों, व्यवसायियों, सेवानिवृत्त , शासकीय सेवको राजनीतिक व्यक्तियों ने इसी विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की है एवं इस विद्यालय से सभी पूर्व छात्रों का बहुत पुराना व आत्मीय रिश्ता रहा है। जिसके चलते यह विद्यालय सुकमा जिला वासियों की शैक्षणिक एवं जन आस्था का मुख्य केंद्र है, इस विद्यालय में अध्ययनरत छात्र विद्यालय के वर्तमान स्वरुप से पूर्णतः संतुष्ट हैं। हम सभी इस विद्यालय के मूल स्वरुप में किसी भी तरह के परिवर्तन का पूर्णतः विरोध करते हैं।
शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा जो कि पूर्व से हिंदी माध्यमिक विद्यालय रहा है उसे आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय के रूप में परिवर्तित किया जाना कदापि उचित नहीं है हिंदी भाषा हमारा देश की राष्ट्रीय भाषा है,और हिंदी भाषा के अस्तित्व को बचाने बचाए रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। हमारे देश के सर्वोच्च न्यायालय एवं अनेकों उच्च न्यायालय में हिंदी भाषा में कार्य करने हेतु बल दिया जा रहा है, इस दृष्टिकोण से शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा का वर्तमान स्वरूप सर्वमान्य है।
विश्वस्त प्रशासनिक सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है कि आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में परिवर्तित होने के फलस्वरुप उपरोक्त विद्यालयों का संचालन निजी समितियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। एवं ऐसा ही साथ प्रति कक्षा में छात्रों की संख्या भी सीमित की जाने के तैयारी की जा रही है जिसके कारण वर्तमान अध्ययनरत छात्रों को आने वाले समय में अध्ययन अन्यत्र जाना होगा। जिससे उन्हें काफी मानसिक एवं आर्थिक नुकसान होने की पूर्णत: संभावना रहेगी।
उपरोक्त संबंध में हम सभी जिलेवासियों ,पूर्व छात्रों, वर्तमान छात्रों का विनम्र निवेदन है कि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा के वर्तमान स्वरुप में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न किया जावे ।शासन यदि पृथक रूप से नवीन आगमन हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय की स्थापना करती है, तो हमें किसी भी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है । किंतु शासन के द्वारा यदि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा मूल स्वरुप में परिवर्तन किया जाता है तो जिले के समस्त बुद्धि जीवियों, सामाजिक सामाजिक संगठनों एवं पूर्व छात्रों के द्वारा शासन निर्णय का पुरजोर विरोध किया जाएगा और निकट भविष्य में शासन के इस निर्णय के विरुद्ध हमें आंदोलन हेतु बाध्य होना पड़ेगा। इस दौरान राजेश नाग प्रदेश उपाध्यक्ष, शैलेन्द्र कश्यप जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।।