देर रात छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी पहुंचे जिला कांकेर के ग्राम ईरादाह, जहां समाजिक बहिस्कार,धार्मिक जात को आधार बना,गलत नियत से एक दर्जन लोगो का 50-40 वर्षो से कब्जे के जमींन पर कोई कब्ज़ा नहीं का गलत पंचनामा बना, आवेदको का अधिकारो का किया गया हनन....

देर रात छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी पहुंचे जिला कांकेर के ग्राम ईरादाह, जहां समाजिक बहिस्कार,धार्मिक जात को आधार बना,गलत नियत से एक दर्जन लोगो का 50-40 वर्षो से कब्जे के जमींन पर कोई कब्ज़ा नहीं का गलत पंचनामा बना, आवेदको का अधिकारो का किया गया हनन....
देर रात छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी पहुंचे जिला कांकेर के ग्राम ईरादाह, जहां समाजिक बहिस्कार,धार्मिक जात को आधार बना,गलत नियत से एक दर्जन लोगो का 50-40 वर्षो से कब्जे के जमींन पर कोई कब्ज़ा नहीं का गलत पंचनामा बना, आवेदको का अधिकारो का किया गया हनन....

देर रात छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी पहुंचे जिला कांकेर के ग्राम ईरादाह, जहां समाजिक बहिस्कार,धार्मिक जात को आधार बना,गलत नियत से एक दर्जन लोगो का 50-40 वर्षो से कब्जे के जमींन पर कोई कब्ज़ा नहीं का गलत पंचनामा बना, आवेदको का अधिकारो का किया गया हनन, तात्कालीन व वर्तमान पटवारी, सरपंच के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा आवेदको को दिलाएंगे न्याय बर्दास्त नहीं बेबस लोगो के साथ अत्याचार - नरेन्द्र भवानी / छ.ग.यु.म.

जिला कांकेर , तहसील कांकेर के ग्राम पंचायत ईरादाह के दर्जनो मूलनिवासी ग्रामीणों का कई वर्षो से काबिज भूमि को तात्काली अथवा वर्तमान पटवारी एवं स्थानीय सरपंच की मिलीभगत से जमींन मे कोई काबिज नहीं का गलत झूठा पंचनामा बना, शासन प्राशासन को गलत जानकारी देकर इन आवेदको का हक मारना बेहद निंदनीय कार्य, अपने पद का दुरूपयोग करने जैसा कृत्य जिला प्रशासन करें पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्यवाही एवं आवेदको को दिलाये न्याय नहीं तो होगा आंदोलन - नरेन्द्र भवानी /छ.ग.यु.म.

जगदलपुर : मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक के नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर बताया की कुछ दिन पहले कांकेर जिले के तहसील कांकेर ग्राम पंचायत ईरादाह के कुछ लोग मुझे लेटर लिख आवेदन दिए और न्याय दिलाने की बात कहते हुवे अपनी आप बीती उस पत्र मे लिखें जिसके बाद मै खुद पीड़ितों के पास जाके उनकी समस्या को पास देखने सुनने का निर्णय लिया और कांकेर जिला की ओर गया।

भवानी ने बताया की ग्राम पंचायत ईरादाह मे निवासरत दर्जनों आवेदक लोगो के साथ जमींन पट्टा बनाने मे हुई गड़बड़ी, जबकि वह लोग जीस भूमि मे काबिज है तो कोई 70 वर्षो से है तो कोई 60 वर्षो लगभग सभी आवेदक द्वारा कई वर्षो से उस काबिज भूमि पर खेती कर रहें है या तो घर बना के रह रहें है, बावजूद ज़ब आबादी भूमि के नाम पर पट्टा बनाने का समय आजाता है तो कुछ लोगो के पेट मे दर्द हो जाता है, वह भी जात धर्म को आधार बना, ऐसे मे कैसे लोकतंत्र रहेगा जीवित, सभी आवेदको द्वारा शासन से भूमि का पट्टा प्रदाय करने हेतु आवेदन भी दिया गया, और पट्टा प्रदाय करने हेतु शासन ने भी पहल कर कार्य किये, किन्तु पंचायत के सरपंच, पटवारी, कोटवार एवं वन समिति के कुछ सदस्य जो मुख्य पदों पर है उनके द्वारा धार्मिक जात का उल्लेख कर ऐसे लोगो का पट्टा नहीं बनना चाहिए इनका एक मात्र यही सोच विचार है जो गलत है, गैर संवैधानिक है, जिसका हम खुल के करेंगे पुर जोर विरोध,करेंगे।

भवानी ने जिला प्रशासन कांकेर से निवेदन करते हुवे कहाँ है की तहसील कांकेर के ग्राम पंचायत ईरादाह के भूमि पट्टा पाने वाले पात्र हितग्राहियो की आवेदन पर स्वयं जांच कर गरीब, मूलनिवासियों का न्याय करें पूर्व मे हुवे सरकारी कार्यवाही का निष्पक्ष जांच करें, पूर्व, तात्कालीन एवं वर्तमान मे हुवे पंचानामा का सच जमीनी स्तर मे जाके जांच करने का कष्ट करें और आवेदको को न्याय दिलावे, जिससे यह सभी लोग अपने परिवार के साथ अपना जीवन यापन कर संके, अन्यथा मजबूरन हमें इन आवेदको का हक अधिकारी हेतु जमीनी लड़ाई लड़नी ही होगी आंदोलन करना ही होगा, यह सब कृत्य किसी समाजिक बहिष्कार करने जैसा कृत्य है जो गंभीर जुर्म है।