Election 2024: जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, बजा चुनावी बिगुल, जानिए वोटिंग और रिजल्ट की तारीख....

Jammu-Kashmir and Haryana assembly election dates announced

Election 2024: जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, बजा चुनावी बिगुल, जानिए वोटिंग और रिजल्ट की तारीख....
Election 2024: जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, बजा चुनावी बिगुल, जानिए वोटिंग और रिजल्ट की तारीख....

Jammu-Kashmir and Haryana assembly election dates announced

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। हरियाणा में एक ही चरण में चुनाव होंगे। हरियाणा में सभी सीटों पर 1 अक्टूबर को मतदान होगा। मतगणना 4 अक्टूबर को होगी। जम्मू-कश्मीर में 3 चरणों में चुनाव होंगे। 18 सितंबर को पहले, 25 सितंबर को दूसरे चरण और 1 अक्टूबर को तीसरे चरण का मतदान होगा। 4 अक्टूबर को मतगणना होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार विधानसभा आम चुनाव 2024 के कार्यक्रम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किए। 

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा की जम्मू-कश्मीर में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्र हैं जिसमें से 74 जनरल, 9 ST और 7 SC हैं। मतदाताओं की संख्या कुल 87.09 लाख हैं जिसमें 44.46 लाख पुरुष और 42.62 लाख महिला मतदाता होंगे। जम्मू-कश्मीर में युवा मतदाताओं की संख्या 20 लाख है।हरियाणा में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्र हैं जिसमें से 73 जनरल, ST-0 और SC- 17 हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 2.01 करोड़ हैं, जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.06 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 0.95 करोड़ है।

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मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा की जम्मू-कश्मीर में पार्टियों ने एक और अनुरोध किया था, उनके जो उम्मीदवार हैं, और पार्टी के पदाधिकारी हैं, उन सभी को बराबर सुरक्षा मिले ऐसा ना हो किसी को कम सुरक्षा मिले। हमने इसे लेकर दिशा निर्देश दे दिए हैं कि सभी उम्मीदवारों को सुरक्षा मिले।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि पिछली बार महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे। उस समय जम्मू-कश्मीर कोई फैक्टर नहीं था, लेकिन इस बार इस साल 4 चुनाव हैं और इसके तुरंत बाद 5वां चुनाव है, जिसमें जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली शामिल हैं। सुरक्षा बलों की आवश्यकता के आधार पर हमने 2 चुनाव एक साथ कराने का फैसला किया है। दूसरा फैक्टर यह है कि महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई और कई त्यौहार भी आने वाले हैं।