भारत में महिलाओं के साथ बढ़ते दुष्कर्म के लिए जिम्मेदार सोशल मीडिया और राजनीति की गैरजिम्मेदार शासन व्यवस्था।

Irresponsible governance of social media and politics

भारत में महिलाओं के साथ बढ़ते दुष्कर्म के लिए जिम्मेदार सोशल मीडिया और राजनीति की गैरजिम्मेदार शासन व्यवस्था।
भारत में महिलाओं के साथ बढ़ते दुष्कर्म के लिए जिम्मेदार सोशल मीडिया और राजनीति की गैरजिम्मेदार शासन व्यवस्था।

NBL, 24/07/2023, Lokeshwer Prasad Verma Raipur CG: Irresponsible governance of social media and politics responsible for increasing rapes with women in India.

महिलाओं पर अत्याचार सदियों से होता आ रहा है और इस पर अंकुश लगाने के लिए राजा महाराजाओं द्वारा कानून बनाए जाते थे और उस राज्य में महिलाओं का सम्मान किया जाता था और महिलाओं को शक्ति के रूप में पूजा जाता था और महिलाओं के सम्मान से ही उस राज्य की प्रगति और विकास देखा जाता था, उनके राज्य की समृद्धि का पता दूसरे राज्यों के लोगों को चलता था कि यहां महिलाओं का सम्मान किया जाता है, इसलिए वे अपनी बहू-बेटियों की सुरक्षा के लिए उस राज्य में बस जाते थे और कड़ी मेहनत और व्यापार करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और उस युग की महिलाएं खुद भी सदाचारी थीं। नारी अपने सम्मान के लिए खुद मर्यादा में रहते थे, उनके पहनावे में गरिमा थी और शालीन भाषा में बात करते थे, बड़ों और छोटों के संबंधों का सम्मान करने का ज्ञान था, नारी के सम्मान की इसी गरिमा के कारण ही हमारे देश भारत माता कहलाती थी।लेकिन आज नए भारत का विज्ञान वरदान तो बन गया है लेकिन अभिशाप भी बन गया है, हम प्रगति तो कर रहे हैं लेकिन प्रगति के साथ-साथ हमारे आचार-व्यवहार में भी बड़ा बदलाव आया है, खान-पान, रहन-सहन और पहनावा बिल्कुल अलग हो गया है। बड़ों के पैर भी नहीं छूते, अगर छूते हैं तो घुटनों को छूते हैं और आजकल के माता-पिता भी इतने आदर्श हो गए हैं कि वे अपने बच्चों से हाथ मिलाते हैं, हैंडशेक करते हैं और इन्हीं भारतीय परंपराओं को त्यागने के कारण हमारे भारतीय महिलाएं/पुरुष अमर्यादित हो गए हैं और आज भारत में उनकी अश्लीलता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और इसी वजह से आज देश के महिलाओं के साथ अधिक बलात्कार हो रहे हैं।

आज भारत की आधुनिकता हदें पार करती जा रही है, देश में इंटरनेट सेवाएं सस्ती हैं, और मोबाइल फोन भी सस्ते हैं और उस फोन पर तरह-तरह के प्लेटफॉर्म हैं और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला प्लेटफॉर्म यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर है। देश के अधिकांश युवा यूट्यूब पर वीडियो और रील बना रहे हैं और लोगों को अच्छी और बुरी खबरें या नाच गाने या अश्लील डांस या अश्लील भाषा या अश्लील जानकारी देखने लोगों को मिल रही है, और लोगों को कुछ अच्छी ज्ञानवर्धक जानकारी भी मिल रही है, लेकिन ज्यादातर अश्लील वीडियो। आज देश के युवा कुछ फायदे के लिए सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का उपयोग कर कुछ अच्छे/बुरे वीडियो बनाकर देश-दुनिया में फैला रहे हैं, तो कुछ लोग मोबाइल कैमरे का उपयोग कर इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुनिया में चल रही अश्लीलता को वायरल कर रहे हैं, जो लोग उन पीड़ितों की अश्लील वीडियो को वायरल कर उनको आत्महत्या करने पर मजबूर कर देते हैं और उनका अश्लील वीडियो को पूरा देश देखता है और कई जगहों पर ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और हो भी रहा है,आज इतना खतरनाक हो गया है सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म देश के लोकतंत्र के लिए अभिशाप बन गया है, इस तरह की घटना हमारे देश के किसी भी परिवार में घट सकती है जो देश के राजसत्ता व देश के लोकतन्त्र के लिए चिंताजनक विषय है। 

भारत के हर राज्यों में हो रहे विकास को लेकर अपने राज्यों की गुणगान करने में लगा है देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री अपने किये गए विकासो का प्रचार प्रसार देश के नामी अखबारो में छपवा रहे है और देश के राष्ट्रीय न्यूज चैनलो पर दिखा रहे हैं कोई बोल रहा है डबल इंजन की सरकार कोई राजनीतिक दल अपने सरकार को भरोसे की सरकार बता रहे हैं और सबका साथ सबका विकास भारत सरकार का अच्छा है देश के लिए और अन्य राजनीतिक दलो के भरोसे का सरकार ठीक है उनके राज्यों के लिए लेकिन कौन सा विकास और कौन सा भरोसा को माने जब देश के बहु बेटी का ईज्जत नही बचा पा रहे हो और देश के लोकतन्त्र खतरे में है तो ईट गारे से बना विकास को सर की ताज माने की हमारे बहु बेटीयो की ईज्जत ना बचाने वाले सरकार को फिर क्या कहे मणिपुर के महिलाओ के साथ जो हुए अत्याचार पर बात न करे या वेस्ट बंगाल के घटना घटी उस पर बात न करे या राजस्थान में जो आये दिन बहू बेटी के साथ अत्याचार हो रहे है उस पर बात ना करे या जो भी घटना घट रही है देश के अन्य राज्यों में बहु बेटीयो के साथ हो रहे अत्याचार के उपर देश के लोकतन्त्र बात ना करे बस आप देश के राजनीतिक दल नेता प्रवक्ता ही बात कर सकते है। 

मणिपुर बीजेपी का है तो बीजेपी केंद्र सरकार पीएम नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराए जा रहे हैं और बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी सरकार जहाँ कांग्रेस या उनके गठबंधन में है उनके राज्यों में बहू बेटियों के साथ अत्याचार हो रहे है उनको लेकर राजनीति कर रहे है, ये कैसा राजनीति है? जबकि देश के हर राज्यों की बहू बेटियों की ईज्जत संपूर्ण भारत में एक ही ईज्जत है और उनकी रक्षा करना भारत के प्रधानमंत्री व देश के हर राज्यों के मुख्यमंत्री व उनके सरकारी तंत्र की दायीतत्व बनता है इस राज्य उस राज्य बोलकर देश के महिलाओ के उपर हो रहे अत्याचार को बाँट नहीं सकते ये गंदी राजनीति करना छोड़ दे और इनके सुरक्षा के लिए नये कड़े कानून का निर्माण किया जाना चाहिए जिससे देश के महिला सुरक्षित हो सके और इनके उपर अत्याचार करने वाले लोगों को सौ बार सोचना पड़े ऐसा कड़े कानून बनाये। 

और सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का गलत इस्तेमाल कर गलत मानसिकता के साथ अश्लील हरकत कर रहे लोगों के उपर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिये और बहुत से अश्लिल शब्दों या गलत हरकत कर वीडियो बनाने वालों पर देश के सरकार को बैन लगा देनी चाहिए और ऐसा कुछ अनाप शनाप वीडियो बनाकर डालने वाले लोगों को जेल भेजने का प्रावधान बनाए ताकि इन लोगों की गंदी हरकत थम जाए जो आज बिगड़ रहे युवा पीढ़ी में सुधार आये यह सब करना केंद्र व राज्य सरकारों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए तब देश के आगे का विकास संभव है लायन आर्डर टाइट करे ताकि गुनाह करने वाले अपराधी गुनाह करने से पहले अपने आप की कड़ी सजा भुगतने के बारे में सौ बार सोचे समझे तब देश में क्राइम करे इससे देश में क्राइम कम होगा।

और देश के महिलाओ की ईज्जत बचाने या देश के लोकतन्त्र की सुरक्षा के लिए पक्ष और विपक्षी दलों के नेताओं को मिलजुल कर सही रास्ता निकालनी चाहिए लेकिन पक्ष और विपक्षी दलों के नेताओं को एक साथ शांति से बैठना पसंद नहीं है अब तक देश के सांसदसभा सदन व राज्यसभा सदन ना ही राज्यों के विधानसभा सदन ठीक से देश में चल नही पा रहे हैं बल्कि इन सदनों में दंगल चल रहा है इन नेताओं की बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी ठीक नही है लोकतन्त्र के खतरा है और जिस राज्यों में अन्य दलों की सरकार है वहाँ बीजेपी उनके राज्य के सदनों में हो हल्ला मचा रहे हैं और बस अपने अपने राजनीतिक दलों के सर्वोपरी को लेकर वाद विवाद कर रहे हैं। 

देश के कोई भी अहम मुद्दाओ को लेकर बात चित नही हो पा रही है सदनो में तो देश के महिलाओ के उपर हो रही अत्याचार को लेकर पक्ष विपक्ष के नेता क्या बात करेंगे इन लोगों को अपने आप से राजनीति करने से फुरसत नहीं मिल पा रहे है जब फुरसत मिले तब तो बात करे देश के लोकतन्त्र को बचाने वाले इन विपक्षी नेताओं को इनको तो एक ही चिंता है 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को कैसे हटाएंगे कैसे हरायेंगे और हम सभी विपक्षी दलों के नेता मिलकर कैसे देश के राजसत्ता हासिल करेंगे। 

और मौका मिल गया है मणिपुर को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए भले ही इन विपक्षी दलों के राज्यों में मणिपुर जैसे जघन्य अपराध हो रही है उनको दुरुस्त करना या उस विषय पर बात करना इन विपक्षी दलों के नेताओं को बिल्कुल भी अच्छा नही लगता अभी तो केवल बीजेपी शाषित राज्य मणिपुर दिख रहा है इन विपक्षी दलों के नेताओं को मणिपुर के आग में घी का काम कर रहे हैं जब पुरा मणिपुर जल जायेगा और 2024 के चुनाव तक ये विपक्षी दलों के नेता हो हल्ला मचाते रहेंगे और पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को घेरते रहेंगे और बीजेपी से देश के लोकतन्त्र खतरे मे है बोलते रहेंगे काश पीएम नरेंद्र मोदी सरकार जीत गया 2024 लोकसभा चुनाव में तो सब ठण्ड पड़ जायेगा विपक्षी दलों के नेता और मणिपुर तरफ झाँकने भी नहीं जायेंगे अभी तो इन विपक्षी दलों के नेता मणिपुर जर्नी के लिए तैयार है। 

क्योकि सामने 2024 लोकसभा चुनाव है तो कुछ माहोल तो बनाना होगा इन विपक्षी दलों के नेताओं को अपने वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए देश में तभी तो पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को टक्कर दे पाएंगे कुछ मेहनत नही करेंगे तो कहा से टक्कर दे पाएंगे और पीएम नरेंद्र मोदी को भी भड़काते रहते है मणिपुर जल रहा है और वहाँ क्यों पीएम मोदी नहीं जा रहे हैं पीएम मोदी सरकार लोकतन्त्र की चिंता नही करते अभी देश की राजनीति गरम है और पीएम नरेंद्र मोदी सबसे बड़ा दुश्मन है इन विपक्षी दलों के नेताओं की जबकि यह सब दिल्ली के संसद भवन के सदन में बैठकर शांति ढंग से देश के बहु बेटीयो की सुरक्षा के लिए नये कड़े कानून बनाने की चर्चा कर सकते है, लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं को देश की बहू बेटियों व लोकतन्त्र की चिंता नहीं बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को हराने व हटाने की चिंता ज्यादा है तो कहा से बात करेंगे नये कानून बनाने के लिए अभी सामने चुनाव है 2024 चुनाव लोकसभा/विधानसभा की इसलिए इन विपक्षी दलों के नेता हो हल्ला मचाते रहेंगे सदनों में और बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी से देश के लोकतन्त्र खतरे मे है बोलते रहेंगे और देश के लोगों को गुमराह करते रहेंगे, जबकि सदनों में शांति के साथ बैठकर दोनों पक्ष मिलकर देश के बिगड़े हालातों पर चर्चा कर हल करने का उपाय निकाल सकते हैं।