भाजपा के नेता मुख्य विपक्षीय दल का रोल निभाना छोड़ भारतीय संविधान का अपमान कर धार्मिक माहौल खराब कर सत्ता की सेकना चाहते है रोटी - नरेन्द्र भवानी

भाजपा के नेता मुख्य विपक्षीय दल का रोल निभाना छोड़ भारतीय संविधान का अपमान कर धार्मिक माहौल खराब कर सत्ता की सेकना चाहते है रोटी - नरेन्द्र भवानी
भाजपा के नेता मुख्य विपक्षीय दल का रोल निभाना छोड़ भारतीय संविधान का अपमान कर धार्मिक माहौल खराब कर सत्ता की सेकना चाहते है रोटी - नरेन्द्र भवानी

भाजपा के नेता मुख्य विपक्षीय दल का रोल निभाना छोड़ भारतीय संविधान का अपमान कर धार्मिक माहौल खराब कर सत्ता की सेकना चाहते है रोटी - नरेन्द्र भवानी

बेमेतरा मे हुवे घटना का दुःख है एवं है जांच का विषय उसके आड़ मे सार्वजनिक धर्म विशेष का विरोध गैर सवेधानिक कृत्य - नरेन्द्र भवानी

जगदलपुर। मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा की हुवे बेमेतरा घटना के बाद नगर बंद का आदेश पर सभी वर्ग के लोग बंद को सफलता पूर्वक साथ दिए हुवा घटना का दुःख भी है व है जांच का विषय जो बेमेतरा मे घटा घटना किन्तु इन सब के आड़े जगदलपुर के लाल बाघ हाइवे सड़क जाम दौरान भाजपा ने खुलेआम मुस्लिम एवं ईसाई वर्ग के लोगो के साथ कोई ख़रीदारी नहीं करेंगे का सार्वजनिक कसम खिलाना यह बेहद चिंता का विषय है गंभीर विषय भारत अखंडता का देश कहलाने वाले गौरवशील विषय को चूर चूर करने जैसा कृत्य है आखिर इतना नफरत क्यूं !

जबकि भारतीय संविधान अनुसार इस प्रकार व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता पर राज्य निम्न आधारों पर निर्बंधन लगा सकता है !

सार्वजनिक व्यवस्था सदाचार और स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए।

धार्मिक आचरण से संबंधित किसी आर्थिक वित्तीय राजनीतिक या अन्य अलौकिक क्रियाओं को विनियमित और निर्बंधित करने के लिए।

भारतीय धर्मनिरपेक्षता क्या है ?

भारतीय संविधान में कहा गया है कि भारतीय राज्य धर्मनिरपेक्ष रहेगा। हमारे संविधान के अनुसार, केवल धर्मनिरपेक्ष राज्य ही अपने उद्देश्यों को साकार करते हुए निम्नलिखित बातों का खयाल रख सकता है कि -

1. कोई एक धार्मिक समुदाय किसी दूसरे धार्मिक समुदाय को न दबाए - पर जगदलपुर मे इसका उल्टा हो रहा है !

2. कुछ लोग अपने ही धर्म के अन्य सदस्यों को न दबाएँ !

3. राज्य न तो किसी खास धर्म को थोपेगा और न ही लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता छीनेगा।

इस तरह के दबदबे को रोकने के लिए भारतीय राज्य कई तरह से काम करता है। पहला तरीका यह है कि वह खुद को धर्म से दूर रखता है। भारतीय राज्य की बागडोर न तो किसी एक धार्मिक समूह के हाथों में है और न ही राज्य किसी एक धर्म को समर्थन देता है। भारत में कचहरी, थाने, सरकारी विद्यालय और दफ़्तर जैसे सरकारी संस्थानों में किसी खास धर्म को प्रोत्साहन देने या उसका प्रदर्शन करने की अपेक्षा नहीं की जाती है।

आगे भवानी ने कहा आखिर हो क्या रहा है छत्तीसगढ़ मे आखिर मे सही मायने मे कौन भारतीय संविधान का सम्मान कर रहा है और कौन अपमान क्या नहीं दिख रहा जिम्मेदारो को यह विषय बेहद गंभीर विषय इस घटना को सरकार गंभीरता से लेना चाहिए !