सुकमा जिले में बंजारा समाज के महिला प्रकोष्ठ की जिलास्तरीय बैठक..बैठक में बेटियों के पढ़ाई ( बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ )के साथ महिला आपने हक की लड़ाई कैसे लड़ी जाए इन बिंदुओं पर हुई चर्चा




सुकमा:- अखिल भारतीय बंजारा सेवा संघ महिला प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ की प्रदेश अध्यक्ष निर्मला नायक के निर्देश में सुकमा जिले के दोरनापाल में महिला प्रकोष्ठ की जिलास्तरीय बैठक आहूत की गई। जिसमे दोरनापाल, गोरगुंडा, कोसागुड़ा,चिकपाल, केरलापल,गादीरास,के बंजारा समाज के महिलाए शामिल रही सभी महिलाएं बंजारा समाज के धर्म गुरु संत श्री सेवालाल महाराज जी की पूजा अर्चना कर इस बैठक की शुरुवात की। इस दौरान दोरनापाल बैठक में उपस्थित माताए बहनें बंजारा समाज के उत्थान के लिए समूह बनाकर कार्य करने के लिए महिलाओं को आगे आने को कहाँ गया।
बेटियों की शिक्षा व बेटियों की कम उम्र में विवाह के संबंध में महिलाए मुख्य बिंदु रख कर सबको समझाइश दी गई
बैठक में मुख्य रूप से महिलाओं को संगठित करने,शिक्षा और बेटियां की कम उम्र में होने वाली शादी को रोकने सहित कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा किया गया बंजारा समाज की छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष निर्मला नायक के मार्गदर्शन पर बैठक की गई इस पर उपस्थित प्रदेश उपाध्यक्ष,राधा नायक ,जिला अध्यक्ष सरला नायक,पपीता नायक,चंद्रप्रभा नायक, रामी जरबला,कुन्ती अजमेरा,सारकी अजमेरा,भिखाड़ी अजमेरा,रामी नायक, फ़ालानी नायक, द्रोपती नायक, फूल्लीबाई नायक,जमुना नायक,सुखबती नायक,सुनीता नायक,ललिता नायक,भोजली, तुलसी नायक, कुमारी, सुशीला, संगीता, फुलो, रेशमा, निर्मला,और समस्त मातृशक्तियां उपस्थित थे। इस बैठक में सभी महिलाओं में उत्साह का माहौल था, प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने कहा कि आगामी दिनों में जिले के सभी टांडो में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम अभियान के रूप में चलाया जाएगा ।
मातृशक्ति सशक्त होकर समाज सेवा करेंगी-महिला प्रकोष्ठ
बैठक के दौरान महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने बैठक में शामिल हुए महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा की कर्तव्य और अधिकार दोनों ही मिलकर समाज को सशक्त बना सकते हैं, आज बेटियां बेटो से कम नही इन बातों को हर व्यक्ति को अपने जीवन में लाना होगा। कर्तव्य और अधिकारों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करना होगा। तभी सशक्त समाज का निर्माण हो सकेगा। महिलाओं को भी शिक्षित करना होगा, जिससे मातृशक्तियों सशक्त होकर समाज सेवा करेंगी। कर्तव्य और अधिकार का बोध हर किसी को होना जरूरी है। जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों और अधिकारों को जानेगा तो समाज सशक्त बनेगा।