CG हाईकोर्ट का फैसला: पत्नी का शराब पीकर और गुटखा खाकर पति को तंग करना क्रूरता, पत्नी शराब के नशे में पति व ससुराल वालों को झूठे मामलें में फंसवाने की देती थी धमकी, हाईकोर्ट ने तलाक की अर्जी की मंजूर.....

Chhattisgarh High Court decision, wife harass husband by drinking alcohol is considered cruelty, order of Family Court canceled, divorce petition approved डेस्क. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कोरबा के फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए तलाक की अर्जी मंजूर की. HC ने कहा कि पत्नी अगर पान मसाला, गुटखा खाती है और शराब के साथ नॉनवेज खाकर पति को तंग करती है तो वह क्रूरता है. नशे में पत्नी आत्महत्या की कोशिश कर ससुरालवालों को फंसाने की धमकी देने जैसी घटनाओं के सबूतों पर भी कोर्ट को विचार करना चाहिए. जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की बेंच ने कोरबा के फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए पति को तलाक के लिए हकदार माना है. 

CG हाईकोर्ट का फैसला: पत्नी का शराब पीकर और गुटखा खाकर पति को तंग करना क्रूरता, पत्नी शराब के नशे में पति व ससुराल वालों को झूठे मामलें में फंसवाने की देती थी धमकी, हाईकोर्ट ने तलाक की अर्जी की मंजूर.....
CG हाईकोर्ट का फैसला: पत्नी का शराब पीकर और गुटखा खाकर पति को तंग करना क्रूरता, पत्नी शराब के नशे में पति व ससुराल वालों को झूठे मामलें में फंसवाने की देती थी धमकी, हाईकोर्ट ने तलाक की अर्जी की मंजूर.....

Chhattisgarh High Court decision, wife harass husband by drinking alcohol is considered cruelty, order of Family Court canceled, divorce petition approved

 

डेस्क. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कोरबा के फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए तलाक की अर्जी मंजूर की. HC ने कहा कि पत्नी अगर पान मसाला, गुटखा खाती है और शराब के साथ नॉनवेज खाकर पति को तंग करती है तो वह क्रूरता है. नशे में पत्नी आत्महत्या की कोशिश कर ससुरालवालों को फंसाने की धमकी देने जैसी घटनाओं के सबूतों पर भी कोर्ट को विचार करना चाहिए. जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की बेंच ने कोरबा के फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए पति को तलाक के लिए हकदार माना है. 

 

हाईकोर्ट ने पत्नी की आदत, पति और ससुरालवालों को झूठे केस में फंसाने की धमकी, बार-बार खुदकुशी का प्रयास करना, बगैर अनुमति के गर्भपात कराने जैसे व्यवहार को पति और ससुरालवालों के साथ क्रूरता माना है. शादी के महज सात दिन बाद सुबह की पत्नी बिस्तर में अचेत पड़ी थी और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. परेशान पति उसे इलाज कराने के लिए लेकर गया, तब पता चला कि वह पान मसाला, गुटखा और शराब पीने के साथ ही नॉनवेज खाने की आदी है. शुरुआत में उन्हें लगा कि शादी के बाद पत्नी का व्यवहार बदल जाएगा. 

 

ससुरालवालों के प्रति उसका व्यवहार बदल गया और आए दिन दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया. पत्नी शादी के बाद भी शराब पीती रहीं और नॉनवेज खातीं रहीं. वह गुटखा खाकर बेडरूम में इधर-उधर थूक देती थी, उसे मना करने पर वह लड़ाई झगड़ा करने लग जाती थी. महिला ने अपने ऊपर आग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. ससुरालवालों ने आग बुझाकर उसकी जान बचाई. इसके बाद वह दो बार छत से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया और फिर दो बार कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर रही थी. 

 

हर बार घरवाले उसे बचाने के लिए मशक्कत करते रहे. इस दौरान महिला जब गर्भवती हुई, तब वह पति की जानकारी के बिना ही गर्भपात करा ली. इसके बाद ससुरालवालों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी. पति ने कोरबा के फैमिली कोर्ट में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(i-a) के तहत तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया. लेकिन कोर्ट ने उनके सबूतों को नजरअंदाज करते हुए आवेदन को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने कोरबा के फैमिली कोर्ट के निर्णय को खारिज करते हुए पति के तलाक के आदेवन को स्वीकार किया है. डिवीजन बेंच ने कहा है कि इस तरह के केस में सूबतों पर कोर्ट को विचार करना चाहिए.