Disadvantages of Artificial Earrings: आर्टिफिशियल इयररिंग्स पहनने से पक गये है कान, जाने दर्द से छुटकारा पाने का इलाज, अपनाएँ ये घरेलु टिप्स...
Disadvantages of Artificial Earrings: Ears have become sore due to wearing artificial earrings, know the treatment to get rid of the pain, follow these home tips... Disadvantages of Artificial Earrings: आर्टिफिशियल इयररिंग्स पहनने से पक गये है कान, जाने दर्द से छुटकारा पाने का इलाज, अपनाएँ ये घरेलु टिप्स...




Disadvantages of Artificial Earrings:
नया भारत डेस्क : महिलाएं अपने लुक को खूबसूरत बनाने के लिए कई तरह की ज्वेलरी पहनना पसंद करती हैं। इन ज्वेलरी में ईयररिंग शामिल है। ईयररिंग से आपका लुक काफी ज्यादा अलग और खूबसूरत लगता है। पर कभी कभी ये इयरिंग्स हमारे कानों को नुकसान भी पहुंचाते हैं. इससे हमें काफी दर्द और परेशानी होती है.
आज के समय में महिलाएं न सिर्फ सोने-चांदी, बल्कि कई तरह के ईयररिंग्स पहनती हैं। कई बार ऐसा होता है कि इन आर्टिफिशियल ईयररिंग की वजह से कान काफी ज्यादा पक जाते हैं। इसमें काफी ज्यादा दर्द और पस निकलते लगता है। अगर आपके भी कान ईयरिंग्स की वजह से काफी ज्यादा पक जाते हैं, तो परेशान न हों। आज हम आपको कुछ ऐसे आसान से तरीकों के बारे में बताएंगे, जिससे ईयररिंग्स की वजह से पकने वाले कानों की परेशानी को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
ईयररिंग्स की क्वालिटी पर दें ध्यान
अगर आप आर्टिफिशियल ईयरिंग्स पहनना पसंद करती हैं, तो सबसे पहले इसकी क्वालिटी पर ध्यान दें। अगर ईयररिंग्स की क्वालिटी अच्छी नहीं होती है, तो झुमके में काफी ज्यादा खुजली होने लगती है। मुख्य रूप से अगर आप ब्रास और कॉपर जैसे धातु की ईयररिंग्स पहनते हैं, तो इससे एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इन धातु के ईयररिंग्स न पहनें।
नारियल तेल का करें इस्तेमाल
अगर आपके कान पक गए हैं और काफी ज्यादा पस निकल रहा है, तो ऐसे में नारियल तेल लगाना फायदेमंद हो सकता है। यह कान के आसपास की स्किन को हाइड्रेट कर सकता है, जिससे घाव को भरने में मदद मिलती है। इसका प्रयोग आप ईयररिंग्स के बीच में रखें। कोशिश करें कि तेल को हल्का सा गर्म कर लें। इससे काफी जल्दी लाभ मिल सकता है।
नीम की डंडी या नीम का रस
आर्टिफिशियल ईयररिंग्स पहनने पर अगर आपके कान पक जाएं, तो इसमें नीम का रस लगाएं। नीम के रस में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो संक्रमण से आपके कानों को सुरक्षित रख सकते हैं। इसके अलावा आप कुछ दिनों के लिए ईयररिंग्स को निकाल लें और नीम की सूखी पतली डंडी पहन लें। इससे छेद बंद नहीं होगा और घाव भी जल्दी भर जाएंगे।
ओस की बूंदें
कान पकने के बाद ओस की बूंदों का प्रयोग करना भी काफी फायदेमंद हो सकता है। लंबे अर्से से इस तरह के नुस्खों का इस्तेमाल लोग करते आ रहे हैं। इसके लिए सुबह-सुबह दूर्बा पर पड़ी ओसों को अपने प्रभावित कान के हिस्से पर लगाएं। इससे संक्रमण और दर्द से छुटकारा मिल सकता है।
सरसों का तेल का करें इस्तेमाल
कान पकने पर आप सरसों के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। सरसों के तेल में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दर्द और सूजन को आराम दिला सकता है। इसके लिए सरसों के तेल को हल्का सा गर्म कर लें। अब इसे अपने कान के प्रभावित हिस्से पर डालें। सप्ताह में 2 से 3 बार इस नुस्खे को आजमाने से दर्द से आराम मिलेगा।