राष्ट्रपति ने छोड़ा देश: तालिबान की ताकत के आगे अफगानिस्तान पस्त.... सरकार ने टेके घुटने.... बिगड़े हालात.... देश छोड़ने की हड़बड़ी में लोग.... सड़कों पर भीषण जाम.... 129 भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुंची फ्लाइट.... देखें VIDEO....




डेस्क। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अपनी कोर टीम के साथ देश छोड़ दिया है। तालिबान आतंकवादियों के राजधानी काबुल में प्रवेश करने के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने यह फैसला लिया है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तालिबान विद्रोही "हर तरफ से" राजधानी में आ रहे थे, लेकिन उन्होंने और कोई जानकारी नहीं दी। कट्टरपंथी समूह पहले ही अफगानिस्तान के ज्यादातर शहरों और प्रांतों पर कब्जा जमाकर अपना वर्चस्व कायम कर चुका है। सिर्फ काबुल ही उसकी पहुंच से बाहर रह गया था। हालांकि समूह के प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें शहर के अंदर जाने से मना किया गया है।
129 लोगों को लेकर दिल्ली पहुंची फ्लाइट
अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने वाली है। डर के इस माहौल के बीच काबुल में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया सुरक्षित वतन वापस ले आई है। एयर इंडिया की एक फ्लाइट रविवार शाम को काबुल से भारतीयों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। एयरबस A320 फ्लाइट ने 12.43 बजे दिल्ली से उड़ान भरी और दो घंटे बाद 1.45 बजे काबुल में लैंडिंग की। इसे काबुल से शाम 4.15 पर उड़ान भरनी थी, लेकिन यह 5.03 पर उड़ान भर सकी। यह फ्लाइट 129 यात्रियों को लेकर आई है।
सड़कों पर भीषण जाम
अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। बीते कई महीनों से हिंसा के दौर से गुजर रहे अफगानिस्तान की सत्ता अब तालिबान के हाथ में आ गई है। काबुल में तालिबान के प्रवेश के साथ ही यहां पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। लोगों में राजधानी और देश छोड़कर जाने की ऐसी जल्दी थी कि कई स्थानों पर भीषण जाम की स्थिति बन गई। हालांकि, अफगानिस्तान के बाकी हिस्सों में तालिबान की हिंसा की जैसी खबरें मीडिया और सोशल मीडिया के सामने आती रही हैं, उन्हें देखते हुए लोगों में इस तरह का भय उत्पन्न होना बहुत असामान्य नहीं है।
इस दौरान यहां बनी स्थिति के वीडियो लोगों ने सोशल मीडिया पर साझा किए। 100 से अधिक दिनों से जारी संघर्ष के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा जमाया है। काबुल पर कब्जे के बाद ये तय माना जा रहा है था कि तालिबान के आगे गनी सरकार ने सरेंडर कर दिया है। इसके बाद रविवार को सत्ता सौंपने की पूरी प्रक्रिया चली। तालिबान के नंबर-2 नेता मुल्ला बरादर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से सत्ता हस्तांतरण के लिए बातचीत करने पहुंचे थे। इससे पहले तालिबान की ओर से कहा गया कि वो शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत के जरिए हल चाहते हैं। देश की जनता को डरने की जरूरत है।