गिरदालपारा प्रोजेक्ट का कमिश्नर ने लिया जायजा..किसानों से की विस्तृत चर्चा..गिरदालपारा में हाइड्रो पावर बेस्ड पम्पिंग से किसान हो रहे लाभान्वित सीएम भूपेश बघेल ने भी ट्वीट कर की थी सराहना

गिरदालपारा प्रोजेक्ट का कमिश्नर ने लिया जायजा..किसानों से की विस्तृत चर्चा..गिरदालपारा में हाइड्रो पावर बेस्ड पम्पिंग से किसान हो रहे लाभान्वित सीएम भूपेश बघेल ने भी ट्वीट कर की थी सराहना
गिरदालपारा प्रोजेक्ट का कमिश्नर ने लिया जायजा..किसानों से की विस्तृत चर्चा..गिरदालपारा में हाइड्रो पावर बेस्ड पम्पिंग से किसान हो रहे लाभान्वित सीएम भूपेश बघेल ने भी ट्वीट कर की थी सराहना

सुकमा. नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तश्विर बदलने के लिए नित नए प्रयास शासन-प्रशासन द्वारा किए जा रहे हैं।जिले में किसानों के हित के लिए कलेक्टर विनीत नन्दनवार द्वारा महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य किया गया। जिसके फलस्वरूप अब बिना बिजली के पानी आदिवासी किसानों के खेतों तक पहुँच रहा हैं। जिससे आज आदिवासी किसानों के खेत हरियाली से लहलहा रहें हैं उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही हैं । बस्तर कमिश्नर एसएल धावड़े ने गुरुवार को गिरदालपारा पहुँच इस प्रोजेक्ट का जायजा लिया और किसानों, अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कलेक्टर विनीत नन्दनवार, जिला सीईओ देव नारायण कश्यप,सुकमा एसडीएम प्रीति दुर्गम, कोन्टा एसडीएम बन सिंह नेताम समेत, सरपंच, सचिव, ग्रामीण समेत जिले के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

कमिश्नर ने कहा कि शासन की मंशा हैं कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो उस पर सुकमा कलेक्टर बेहतरीन कार्य कर रहें हैं । साथ ही उन्होंने कहा कि यह अपने आप मे अनोखा महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट हैं इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था दुरस्त और मजबूत होगी । कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि मेहनत व लगन का ही परिणाम हैं गिरदालपारा प्रोजेक्ट, आज बिना बिजली के किसानों के खेतों में पानी पहुँच रहा हैं और वो रबी की फसल ले रहें हैं इसी तरह आगे भी मन लगाकर कार्य करे । वही कमिश्नर ने किसानों से भी चर्चा की जिस पर किसान परदेसी राम ने उन्हें बताया कि पहले वे बारिश पर निर्भर रहते थे लेकिन अब बिना बिजली के 24 घंटे पानी उपलब्ध हैं, खेती-किसानी कर रहें हैं अब आय भी अच्छा हो रहा हैं । वही बस्तर कमिश्नर ने डुब्बाटोटा पहुँचकर मछली प्रसंस्करण केंद्र का भी निरीक्षण किया

 

बिना बिजली 24 घंटे पानी की उपलब्धता

इस योजना की खासियत यह है कि योजना में सम्मलित टर्बाइन , जिसके मदद से पानी को पम्प करके नदी सतह से 22 मीटर ऊंचे स्थान पर पानी पहुचाना हैं , उसमें किसी भी प्रकार के ईंधन जैसे पेट्रोल , डीजल , मिट्टी तेल का उपयोग नहीं किया जाता हैं और न ही बिजली का उपयोग किया जाता हैं । केवल पानी से पम्पिंग की जाती हैं। और लगभग 2 किलोमीटर दूर एक 25×25 मीटर का एक टैंक है जिसकी गहराई 1.20 मीटर की है। जहां यह पानी स्टोर होगा और यहां से पूरे 80 एकड़ भूमि को सिंचित किया जाना है। इस तरह योजना बहुत ही किफायती हैं। किसानों को बिना किसी खर्च के पानी मिल रहा हैं जिससे आज उनके खेत हरियाली से लहलहा रहे हैं । सब्जी, मूंग व भुट्टा की खेती कर एक अच्छा आय उनको प्राप्त हो रहा है।