CG- मां और बच्चें को मिला जीवनदान: गर्भवती के पेट में 2 किलो का फ्राईब्राइड ट्यूमर... डॉक्टरों ने निकाला बाहर... 8 सदस्यों की मेडिकल टीम ने इस जटिल सर्जरी को दिया अंजाम......
Chhattisgarh 2 kg fibroid tumor in pregnant woman stomach दुर्ग 8 सितंबर 2022। चिकित्सा सुविधा के क्षेत्र में लगातार जिले में बेहतर प्रदर्शन किया जा रहा है, इसी कड़ी में लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय सुपेला भिलाई में नीतू यादव नामक गर्भवती महिला के गर्भाशय से 2 किलोग्राम के फ्राईब्राइड ट्यूमर को संबंधित चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर सफलतापूर्वक निकाला। नीतू यादव जो की जलेबी चौक की निवासी है, डिलीवरी के लिए लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय सुपेला भिलाई में अपना रेगुलर चेकअप करा रही थी।




Chhattisgarh 2 kg fibroid tumor in pregnant woman stomach
दुर्ग 8 सितंबर 2022। चिकित्सा सुविधा के क्षेत्र में लगातार जिले में बेहतर प्रदर्शन किया जा रहा है, इसी कड़ी में लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय सुपेला भिलाई में नीतू यादव नामक गर्भवती महिला के गर्भाशय से 2 किलोग्राम के फ्राईब्राइड ट्यूमर को संबंधित चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर सफलतापूर्वक निकाला। नीतू यादव जो की जलेबी चौक की निवासी है, डिलीवरी के लिए लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय सुपेला भिलाई में अपना रेगुलर चेकअप करा रही थी।
सोनोग्राफी जांच के पश्चात उनके गर्भाशय में फ्राईब्राइड ट्यूमर डायग्नोज किया गया। इसके पश्चात लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय के डॉक्टरों द्वारा मरीज को जिला अस्पताल दुर्ग के मातृत्व शिशु वार्ड में रिफर किया गया। यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ ममता पाण्डे, के अधीन मरीज की अवस्था की जांच की गई और जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए आपरेशन करने का निर्णय लिया गया। क्योकि आपरेशन की प्रक्रिया जटिल थी।
इसलिए 8 सदस्यों वाली चिकित्सकीय दल का गठन किया गया। इस पर जानकारी देते हुए डॉ. ममता पाण्डे ने बताया कि ट्यूमर की आकृति बड़े होने के कारण मां और बच्चें दोनों को क्षति से बचाना बहुत ही चुनौतीपूर्ण था परंतु जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों की दक्ष टीम ने इस 2 किलो के फ्राईब्राइड ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर, सिजेरियन डिलीवरी को अंजाम दिया।
वर्तमान में मां और नवजात दोनों ही पूर्ण रूप से स्वस्थ्य है और नवजात का टीकाकरण भी किया जा चुका है। चिकित्सकीय दल की टीम में डॉ.ममता पाण्डेय स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, डॉ. विनिता ध्रुव, डॉ. अर्चना, वरिष्ठ चिकित्सक, डॉ. पूजा (निश्चेतना) स्टॉफ नर्स सीमा, कीर्ति, ममता शर्मा, शोभना कुमार ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।