CG- पशुपालकों से अपील: सड़कों पर पशुओं के बैठे होने से सीईओ एवं सीएमओ होंगे जिम्मेदार... की जायेगी कार्यवाही....
Chhattisgarh Appeal to the cattle owners, CEO and CMO will be responsible for the animals sitting on the roads, action will be taken बेमेतरा 14 सितम्बर 2022। सड़कों पर पशुओं के बैठे होने से जप. के सीईओ एवं नपा के सीएमओ जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने पशुपालकों से पशुओं को गौठान में भेजने की अपील की। सड़कों पर खुले में विचरण करने वाले मवेशी बैठे या घूमते पाये जाने पर संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकाय के अन्तर्गत नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी।




Chhattisgarh Appeal to the cattle owners, CEO and CMO will be responsible for the animals sitting on the roads, action will be taken
बेमेतरा 14 सितम्बर 2022। सड़कों पर पशुओं के बैठे होने से जप. के सीईओ एवं नपा के सीएमओ जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने पशुपालकों से पशुओं को गौठान में भेजने की अपील की। सड़कों पर खुले में विचरण करने वाले मवेशी बैठे या घूमते पाये जाने पर संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकाय के अन्तर्गत नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी।
यह चेतावनी कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने समय-सीमा की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा के दौरान दी। इस दौरान यह बात ध्यान में आया कि सड़कों पर मवेशी बैठे रहने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। हाल ही में पड़ोसी जिले कबीरधाम के एक युवा पशुचिकित्सक की सहसपुर-लोहारा के पास महाराजपुर में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इसका कारण सड़क पर मवेशी बैठे होने के कारण उनका वाहन अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराया।
प्रदेश सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना अन्तर्गत गौठान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील किया है कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़कर गौठान में भेजें, जिससे फसलों की सुरक्षा हो सके और सड़क दुर्घटना में कमी लायी जा सके। पशुपालाकों की आय में वृद्धि करने के लिए गोधन न्याय योजना भी संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य पशुधन की खुली चराई पर रोक लगाकर खरीफ और रबी फसलों की सुरक्षा जैविक खाद की उपयोग को बढ़ावा देकर रसायनिक उर्वकों के उपयोग में कमी लाना है।