चंद्रयान ३ पहुंच गया अंतरिक्ष में जानते है वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्रा से...




चंद्रयान ३ पहुंच गया अंतरिक्ष में जानते है वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्रा से
डॉ सुमित्रा अग्रवाल
यूट्यूब वास्तु सुमित्रा
नया भारत डेस्क : आज बुधवार 23 अगस्त 2023 शाम 06:04 पर भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतर चुका है. चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पूरी दुनिया में भारत का परचम लहराएगी. ग्रहों की स्थिति इस अभियान को चुनौतियों पर विजय पाने की तरफ इशारा कर रही है. इस अभियान की सफलता के लिए पूरे देश प्रार्थना कर रहा है. कहते हैं कि प्रार्थना में भी बड़ी शक्ति होती है।
ज्योतिष के अनुसार, आज चंद्रयान-3 को चंद्रमा के जिस दक्षिणी ध्रुव पर उतरना है, वह स्थान हमें दिखाई नहीं देता है. इस स्थान पर 15 दिन अंधेरा और 15 दिन उजाला होता है. हमारे ज्योतिष विज्ञान के उन्नत होने का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि, आज आधुनिक विज्ञान चंद्रमा में पानी की खोज में है. लेकिन ज्योतिष में वर्षों पहले चंद्रमा को जलतत्व का कारण ग्रह मान लिया गया था।
केतु ग्रह का निर्माण
केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना गया है, जिसका निर्माण तब हुआ जब सूर्य की परिक्रमा करते समय पृथ्वी और चंद्रमा एक बिंदु पर मिले. दक्षिणी ध्रुव में मिलने के इस बिंदु को केतु कहा जाता है. केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह की संज्ञा दी गई है. किसी जातक की कुंडली में अगर केतु की स्थिति ठीक न हो तो इसका नकारात्मक प्रभाव उसके जीवन पर पड़ता है।
विज्ञान की नजर में केतु
विज्ञान के नजरिए से सौर मंडल में 'केतु' का स्थान वह है, जहां पृथ्वी की कक्षा का परिक्रमा पथ और चंद्रमा की कक्षा का परिक्रमा पथ पर एक-दूसरे को काटते हैं.