CG -कांग्रेस बैठक : छत्तीसगढ़ उप चुनाव को लेकर पीसीसी की बड़ी बैठक, पायलट ने बनाई रणनीति, वरिष्ठ नेताओं को दिए ये निर्देश......

रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्‍यालय आज एक बड़ी बैठक हुई। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में हुई इस बैठक में उप चुनाव के साथ ही पार्टी की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई।

CG -कांग्रेस बैठक : छत्तीसगढ़ उप चुनाव को लेकर पीसीसी की बड़ी बैठक, पायलट ने बनाई रणनीति, वरिष्ठ नेताओं को दिए ये निर्देश......
CG -कांग्रेस बैठक : छत्तीसगढ़ उप चुनाव को लेकर पीसीसी की बड़ी बैठक, पायलट ने बनाई रणनीति, वरिष्ठ नेताओं को दिए ये निर्देश......

रायपुर। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्‍यालय आज एक बड़ी बैठक हुई। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में हुई इस बैठक में उप चुनाव के साथ ही पार्टी की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। मिडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रभारी ने कहा कि बैठक में कई विषयों पर चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदेशभर का दौरा करेंगे और ब्लॉक, जिला, संभाग स्तर पर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे. पायलट ने कहा कि जहां संगठन में कमियां हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा और खाली पदों को भरने के साथ निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाकर सक्रिय लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने त्योहार से पहले इस दौरे और संगठनात्मक बदलाव का संकेत भी दिया है। इसके साथ ही पायलट ने प्रदेश में बढ़ रहे अपराध पर सरकार पर जमकर निशाना साधा है। 

रायपुर दक्षिण उपचुनाव को लेकर बनी रणनीति

सचिन पायलट ने रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में तीन महत्वपूर्ण बैठकें लीं, जिनमें रायपुर दक्षिण उपचुनाव, वरिष्ठ नेताओं और वन टू वन नेताओं से चर्चा की। रायपुर दक्षिण को लेकर पार्टी की रणनीति पर पायलट ने कहा कि ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर तक सभी लोगों की जिम्मेदारी तय की गई है। 

बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

सचिन पायलट ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 9 महीने में सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है। बहुत दुख की बात है कि गृह मंत्री के जिले में हत्या हो रही है। लगातार जो प्रदेश में हिंसा हो रही है इसके लिए बीजेपी सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकार में आपसी खींचतान के कारण इतने सारे सत्ता के केंद्र बन गए हैं। सत्ता का संचालन दिल्ली से होता है, प्रदेश की सरकार के पास कोई ताकत नहीं है। प्रदेश में अफसरशाही हावी है।