Bilashpur News : नियम को ताक में रख आंगनवाड़ी सहायिका का परियोजना अधिकारी ने किया ट्रांसफ़र,महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत शहरी परियोजना के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 143 का मामला....
Bilashpur News: Ignoring the rules, the project officer transferred the Anganwadi assistant.




*आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं /सहायिकाओं के स्थानांतरण का कोई प्रावधान नहीं है क्योंकि ये मानद कार्यकर्ता हैं ।
बिलासपुर। शहरी परियोजना अन्तर्गत आंगनवाड़ी केंद्र में पदस्थ सहायिका का स्थानांतरण आदेश प्रशासनिक दृष्टिकोण का हवाला देकर शहरी क्षेत्र की परियोजना अधिकारी ने स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया।साथ ही किसी क्लास वन अधिकारी जैसे यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया जबकि आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं /सहायिकाओं के स्थानांतरण का कोई प्रावधान नहीं है क्योंकि ये मानद कार्यकर्ता हैं । उसके बावजूद सुपरवाइज़र एवं परियोजना अधिकारी ने साँठगाँठ कर आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 143 की कार्यकर्ता से दुर्भावनापूर्वक स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया।
बता दें कतियापारा सेक्टर में वर्षों से संचालित हो रहे आंगनवाड़ी केंद्र में स्थायी रूप से कार्यकर्ता एवं सहायिका नियुक्त है बावजूद कार्यकर्ता (जुड़वा कुपोषित बच्चों की माँ) को परेशान करने के उद्देश्य से आनन-फ़ानन में आठ वर्षों से रिक्त सहायिका वाले आंगनवाड़ी केंद्र में केंद्र क्रमांक 143 की स्थायी नियुक्त सहायिका को नियम विरूद्ध स्थानांतरित आदेश जारी कर दिया गया।जारी आदेश में हटाए गए आंगनवाड़ी केंद्र को अब सहायिका विहीन कर दिया गया जिससे अब प्रतिदिन के आंगनवाड़ी केंद्र के संचालन में सहायिका नहीं होने के चलते केंद्र के नियमित कार्य भी प्रभावित होंगे।
हालाँकि शासन सभी रिक्त आंगनवाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं/सहायिका भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया कर रही है ताकि नियमतः वर्षों से बंद पड़े कार्यकर्ता/सहायिका विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन किया जा सके। लेकिन शहरी क्षेत्र में नवपदस्थ परियोजना अधिकारी द्वारा नियम विरूद्ध सहायिका के स्थानांतरण की शिकायत विभागीय मंत्री एवं कलेक्टर के साथ ही ज़िला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को भी की जा रही है ताकि नियमित संचालित आंगनवाड़ी केंद्र भी सहायिका के अभाव में प्रभावित ना हो।