BEML Privatization: सार्वजनिक क्षेत्र की एक और कंपनी का होने जा रहा निजीकरण, सरकार दिसंबर तक बेचने की तैयारी में...

BEML Privatization: Another public sector company is going to be privatized, the government is preparing to sell... BEML Privatization: सार्वजनिक क्षेत्र की एक और कंपनी का होने जा रहा निजीकरण, सरकार दिसंबर तक बेचने की तैयारी में...

BEML Privatization: सार्वजनिक क्षेत्र की एक और कंपनी का होने जा रहा निजीकरण,  सरकार दिसंबर तक  बेचने की तैयारी में...
BEML Privatization: सार्वजनिक क्षेत्र की एक और कंपनी का होने जा रहा निजीकरण, सरकार दिसंबर तक बेचने की तैयारी में...

BEML Privatization:

 

केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कम्पनियों को प्राइवेट सेक्टर के हाथों बेचने की कवायद जारी है । जहां पिछले कुछ समय में कई सार्वजनिक बैंकों के अलावा प्रमुख सेक्टर्स की कम्पनियां प्राइवेट हाथों में सौंप दी गयी हैं वहीं अब एक और सरकारी कम्पनी को बेचने की तैयारी में केन्द्र सरकार लगी हुई है. इस कंपनी का नाम से बीईएमएल या भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, सरकार दिसंबर तिमाही में इसके निजीकरण के लिए,

वित्तीय बोलियां आमंत्रित कर सकती है. एक अधिकारी द्वारा इस संबंध में जानकारी साझा की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में बीईएमएल की जमीन और गैर-प्रमुख संपत्तियों को अलग कर बीईएमएल लैंड एसेट्स लिमिटेड में शामिल करने को मंजूरी दी थी. (BEML Privatization)

अक्टूबर की शुरुआत में बोलियां : 

पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि बीईएमएल के हर शेयरधारक (Stockholders) को बीईएमएल लैंड एसेट्स लिमिटेड में हिस्सा मिलेगा और इसे अलग करने की प्रक्रिया सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत तक पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने कहा कि सितंबर के अंत तक या अक्टूबर की शुरुआत में अलग होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीईएमएल की रणनीतिक बिक्री के लिए वित्तीय बोलियां आमंत्रित की जाएंगी. (BEML Privatization)

सोमवार को शेयरों में रही गिरावट : 

सरकार ने पिछले साल जनवरी में प्रबंधन नियंत्रण के साथ बीईएमएल में 26 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए प्रारंभिक बोलियां आमंत्रित की थीं. गौरतलब है कि सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन BEML के शेयर NSE पर 1.23 फीसदी की गिरावट के साथ 1,814.70 रुपये के स्तर पर बंद हुए. इसके भाव में 22.55 रुपये की गिरावट दर्ज की गई.(BEML Privatization)

ये है केंद्र का विनिवेश लक्ष्य :

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए 24,544 रुपये जुटाए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 के अंत तक इस प्रक्रिया से 65,000 रुपये जुटाने का विनिवेश लक्ष्य  निर्धारित किया गया है. (BEML Privatization)

सरकार को 2000 करोड़ रुपये मिलेंगे : 

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय बोलियां अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में आने की संभावना है. तब तक शेयर खरीद समझौते के मसौदे को भी अंतिम रूप दे दिया जाएगा. बता दें सरकार का रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम बीईएमएल में 54.03 फीसदी हिस्सा है. अगर मौजूदा मार्केट प्राइस के आधार पर देखें को बीईएमएल में सरकार की 26 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री से लगभग 2,000 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे. (BEML Privatization)

1964 में शुरू हुई थी कंपनी : 

बीईएमएल लिमिटेड को 11 मई 1964 को रक्षा उत्पादन और आपूर्ति मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के नाम से एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के रूप में शामिल किया गया था. कंपनी ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से 600 लाख रुपये के मूल्य पर भूमि निर्माण संयंत्र और मशीनरी के साथ रेलवे कोच निर्माण सुविधाओं के हस्तांतरण के साथ बैंगलोर में परिचालन शुरू किया. (BEML Privatization) 

रेल-मेट्रो समेत इन क्षेत्रों में काम :

बीईएमएल लिमिटेड एशिया में हेवी अर्थ मूविंग उपकरण की अग्रणी निर्माता है और रक्षा मंत्रालय के तहत एक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है. यह एक मिनी रत्न श्रेणी – I सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है जो तीन अलग-अलग व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों में संचालित होता है, जैसे खनन और निर्माण रक्षा और एयरोस्पेस और रेल और मेट्रो. (BEML Privatization)