आंगनबाड़ी भवन मरम्मत के अभाव में खंडर में हुआ तब्दील, हादसे के डर से बच्चे पेड़ के नीचे बैठने को है मजबूर..जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान...

आंगनबाड़ी भवन मरम्मत के अभाव में खंडर में हुआ तब्दील, हादसे के डर से बच्चे पेड़ के नीचे बैठने को है मजबूर..जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान...
आंगनबाड़ी भवन मरम्मत के अभाव में खंडर में हुआ तब्दील, हादसे के डर से बच्चे पेड़ के नीचे बैठने को है मजबूर..जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान...

सुकमा:- जिले के कौटा ब्लाक के अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत दोरनापाल के वार्ड क्रमांक -5 में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र की स्थिति दयनीय है । हादसा होने के डर से बच्चे आंगनवाड़ी भवन में न बैठकर पेड़ के नीचे बैठरहे हैं । बता दें कि इस आंगनवाड़ी की हालात देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है जिम्मेदार अधिकारी अपने कार्य के प्रति कितने ईमानदार है । केंद्र की जर्जर अवस्था के बारे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि कई बार उच्च अधिकारियों को एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है , लेकिन अब तक जिम्मेदारों ने आश्वासन देने के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया है । नगर में कई वर्ष पहले बना यह आंगनबाड़ी भवन जर्जर हालत में है और बच्चे खुले आसमान में पेड़ के नीचे बैठने को मजबूर है ।

आंगनवाड़ी केंद्र कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है , भवन की स्थिति इतनी दयनीय है किवर्षा केसमय छत से वर्षा का पानी टपकने लगता है , जिसके कारण बच्चों को वर्षा के दिनों बैठने के लिए भी जगह नही रहती हैं । • कई बार छत के बड़े - बड़े हिस्से गिरने से बच्चों के साथ बड़े हादसे होने से बच गए हैं जिसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने सभी बच्चों को सुरक्षित रखने और किसी तरह की अनहोनी होने से रोकने के लिए बाहर पेड़ के नीचे बैठाना शुरू कर दिया है ।

आंगनवाड़ी भवन के खिड़की दरवाजे का हाल बुरा है । खिड़की दरवाजे टूटे होने के कारण जहरीले सांप कीड़े मकोड़े के आने का डर बना रहता है । इसके चलते अभिभावक बच्चों को केंद्र में भेजने से डर रहे हैं । अभिभावकों ने बताया कि वर्षा के मौसम में इसकी हालात और भी खराब हो जाती है । भवन की जर्जर हालत को देखते हुए केंद्र को बंद करने से अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का डर होने के कारण केंद्र का सुचारू रूप से संचालन एवं क्रियान्वयन करना कार्यकर्ता एवं साहिका की मजबूरी है । विभागीय अधिकारियों व वार्ड पार्षद को अवगत कराने ने बावजूद इस आंगनवाड़ी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है । आने वाले भविष्य में यदि कोई अनहोनी हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है ।

भवन कई वर्ष पुराना है और मरम्मत करने के हालात में नहीं है । जिला में अधिकारियों से बातचीत कर नए अंगावडी केंद्र के निर्माण के लिए वर्क सेशन करवा लिया गया है । वर्षा खत्म होते ही उसी स्थान पर नए आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण करवाया जाएगा । -ईमरान अस्तर , सीडीपीओ दोरनापाल