पत्रकार की मौत LIVE VIDEO: महानदी में फंसे हाथी को बचाने की कोशिश में 4 लोगों की मौत.... रेस्क्यू अभियान के दौरान पलटी नाव.... लाइव कवरेज कर रहे पत्रकार ने भी गंवाई जान.... कैमरामैन गंभीर.... बचावकर्मी लापता.... देखें VIDEO.......




डेस्क। ओडिशा के कटक जिले में महानदी में फंसे एक हाथी को बचाने के अभियान को कवर करने के दौरान एक पत्रकार की मौत हो गई। पत्रकार समेत 4 की मौत हो गई है जबकि एक बचावकर्मी लापता हो गया है। हादसे में कुल 4 लोगों की मौत की खबर है। जंगली हाथी ‘महानदी’ नदी में फंस गया था और उसे बचाने के लिए दो डिवीजनों के 80 वन अधिकारियों की एक टीम और ओडिशा आपदा रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ) के सदस्यों ने बड़ा उभियान शुरू किया था।
पत्रकार अरिंदम दास और फोटोपत्रकार प्रभात भी इस बचाव अभियान में शामिल हुए थे। ओडीआरएएफ की टीम और पत्रकार जिस नाव पर थे वह अभियान के दौरान पलट गई। अरिंदम और अन्य लोगों को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डॉक्टर बी मोहराणा ने बताया कि अरिंदम दास को जब तक अस्पताल लाया गया था तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
फोटो पत्रकार प्रभात और ओडीआरएएफ के एक सदस्य का फिलहाल आईसीयू में इलाज चल रहा है। इसके अलावा ओडीआरएएफ के तीन और कर्मचारियों का अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। हाथी की मदद के लिए नदी में घुसी बचाव दल की नाव पानी के भारी बहाव के कारण पलट गई। इस हादसे में कुल 4 लोगों की मौत हो गई है। वहीं इस घटना में रिपोर्टर ने भी लाइव करते हुए अपनी जान गंवा दी है। वन अधिकारियों के अनुसार, हाथी 17 सदस्यीय झुंड का हिस्सा था, जो गुरुवार देर रात चांडका की ओर से ‘महानदी’ नदी को पार करने की कोशिश कर रहा था।
पानी में तेज बहाव के कारण करीब 10 हाथी नदी में फंस गए थे। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह तक तीन हाथियों को नदी में देखा जा सकता था। उनमें से दो ने संघर्ष किया और एक साथ नदी पार करने में कामयाब रहे, जबकि अकेला हाथी पुल के पास फंस गया था। हाथी पिछले छह घंटे से अधिक समय से फंसा हुआ है और नदी के किनारे तक पहुंचने के लिए उसे 20 मीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी।
दका डिवीजन के सहायक वन संरक्षक संग्राम मोहंती ने कहा, ”अन्य हाथियों ने सुरक्षित रूप से नदी पार कर ली है लेकिन यह एक हाथी अभी भी फंसा हुआ है। पानी की धारा बहुत तेज थी जिससे हाथी थक गया है। अन्यथा हाथी बहुत अच्छे तैराक होते हैं। ओडीआरएएफ, अग्निशमन विभाग और वन विभाग की टीमों को बचाव अभियान में लगाया गया है।”
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