युवा मितान के 13 सदस्यीय टीम ने 5 दिनों तक कोंटा बाढ़ प्रभावित लोगो की मदद की..स्थिति सामान्य होते ही लोगो को घरों तक सामानों को पहुंचाने में की सहायता




सुकमा :इस वर्ष कोन्टा वासियों ने भीषण बाढ़ की कल्पना भी नहीं कि थी देखते ही देखते गोदावरी के बैकवाटर के वजह से शबरी का जलस्तर तेजी से बढ़ता गया और घर के भीतर भी जलभराव होने लगे तभी जिला पंचायत अध्यक्ष कवासी हरीश लखमा के निर्देश में जनपद पंचायत उपध्यक्ष माड़वी देवा के नेतृत्व मैं 13 सदस्य युवा मितान के द्वारा राहत कार्य में अपना सहयोग देना शुरु कर दिया ।
वहीं कोन्टा वासियों ने बताया कि 3 दशक बाद ऐसे बाढ़ देखने को मिला जो कोन्टा के लोगों ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी और कोन्टा नगर पंचायत के 13 वार्ड पूरे 8 दिन तक जलमग्न रहा इन परेशानियों को देखते हुए कांग्रेस के युवा मितान के सदस्य बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए हर संभव कोशिश करनी शुरू कर दी ताकि जो लोग बाढ़ प्रभावित हैं!
उन्हें सुरक्षित निकाल कर राहत शिविर पर शिफ्ट किया गया और उनके सामान को भी सुरक्षित जगह निकाल कर रखा गया इस दौरान युवा मितान के लोग कोंटा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत पहुंचाने के कार्य में 5 दिनों तक नगर में डंटे रहे। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और हर संभव मदद करने युवा मितान के 13 सदस्यों की टीम ने पूरी जिम्मेदारी से कार्य की
13 सदस्यीय टीम में माड़वी देवा,यूथपति यादव,मड़कम सुभाष,दुलेश सोडी,सुनील यादव,कृष्णा ठाकुर,सलमान,सागर कश्यप,पवन बघेल,आदर्श तोमर,जीतू बघेल,कमलेश साहू, आदर्श तोमर जो कोन्टा के बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित निकालने से लेकर उनके खाने-पीने की भी व्यवस्था करने में युवा मितान के लोग आगे रहे।
युवा मितान के साथ स्वयं जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी और जनपद उपाध्यक्ष माड़वी देवा इस आपदा की घड़ी में मौजूद रहे
जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी भी स्वयं बढ़ पीड़ितों के बीच लगातार दो दिनों तक कोंटा में रह कर लोगों की मदद करते रहे साथ परिस्थितियों को देखते हुए हर वार्ड की का जायजा लेते रहे। और नगर के साफ सफाई व लोगों को राशन बांटने आदि समस्याओं के लिए 13 सदस्यों का एक टीम गठित किया,जिसके नेतृत्व कोंटा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष माड़वी देवा ने किया कोंटा में देवा और साथी हाथ बढ़ाना टीम आई सदस्यों ने कोंटा में आये इस विपदा के घड़ी में साथी हाथ बढ़ाना के तहत सेवा में लगे हुए थे। बाढ़ का जलस्तर कम होने के बाद 13 सदस्यीय टीम के लोगों ने सामानों को प्रभावितों के घरों तक पहुंचने का कार्य भी किया।