कृतिम आंख नहीं लगाने से क्या होता है , जानते है डॉ सुमित्रा से कृतिम आंख के फायदे...

कृतिम आंख नहीं लगाने से क्या होता है , जानते है डॉ सुमित्रा से कृतिम आंख के फायदे...
कृतिम आंख नहीं लगाने से क्या होता है , जानते है डॉ सुमित्रा से कृतिम आंख के फायदे...

कृतिम आंख नहीं लगाने से क्या होता है , जानते है डॉ सुमित्रा से कृतिम आंख के फायदे 


डॉ सुमित्रा अग्रवाल


कोलकाता : जिन लोगों की आँखें किसी कारणवश (जैसे कि ब्लैक फंगस) निकालनी पड़ी हैं, यदि वे कृत्रिम आँख (प्रोस्थेटिक आई) नहीं लगवाते हैं, तो उन्हें कुछ विशेष समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यहाँ उन संभावित नुकसान और समस्याओं की सूची दी गई है :-


नुकसान और समस्याएँ :

१ ।  सौंदर्य और आत्मसम्मान : सौर्न्दर्य का आत्मसम्मान से सीधा सम्बन्ध है।  किसी भी प्रकार की विकलांगता दोनों में कमी लाती है फिर वो आँखों की खराबी ही क्यों न  हो। 


२। असामान्य दिखावट : आँख निकालने के बाद आँख का खोखला हिस्सा चेहरे की सामान्य संरचना को बिगाड़ सकता है।

आत्मविश्वास में कमी : चेहरे की असमानता के कारण व्यक्ति का आत्मविश्वास कम हो सकता है, जिससे सामाजिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है।

३।  खाली ऑर्बिट का संकुचन : आंख के नष्ट होने पर कृतिम आंख नहीं लगाने से  ऑर्बिट में संकुचन होना। 

४।  ऊतकों का संकुचन : बिना प्रोस्थेसिस के, खोखले हिस्से में स्थित ऊतक समय के साथ संकुचित हो सकते हैं, जिससे भविष्य में प्रोस्थेसिस फिट करना कठिन हो सकता है।

५। हड्डियों का परिवर्तन : आँख के खोखले हिस्से की हड्डियों की संरचना में भी बदलाव आ सकता है।

६। संक्रमण और जलन : धूल और गंदगी का प्रवेश खोखले हिस्से में धूल और गंदगी का प्रवेश अधिक होता है, जिससे संक्रमण और जलन का खतरा बढ़ सकता है।

७। सूखापन : आँख का खोखला हिस्सा सूख सकता है, जिससे असुविधा और दर्द हो सकता है।

८।  फेसियल असंतुलन या  चेहरे का असंतुलन : एक आँख के न होने से चेहरे का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे मांसपेशियों में तनाव और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

९। गहराई की धारणा में समस्या : दूसरी आँख के साथ समन्वय में कमी के कारण गहराई की धारणा में समस्या हो सकती है, जिससे दैनिक कार्यों में कठिनाई हो सकती है।


प्रोस्थेटिक आँख के फायदे :

प्राकृतिक दिखावट : प्रोस्थेटिक आँख चेहरे की सामान्य संरचना को बहाल करती है और एक प्राकृतिक दिखावट प्रदान करती है।

संरक्षण : प्रोस्थेसिस ऊतकों और खोखले हिस्से की हड्डियों को संकुचित होने से बचाता है।

आत्मविश्वास में वृद्धि : एक सामान्य दिखावट के साथ व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और सामाजिक जीवन में सुधार होता है।

संक्रमण से सुरक्षा : प्रोस्थेसिस आँख के खोखले हिस्से को धूल, गंदगी और संक्रमण से बचाता है।

 

कृत्रिम आँख लगवाना उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जिनकी आँखें निकालनी पड़ी हैं, ताकि वे सौंदर्य, स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण से जुड़ी समस्याओं से बच सकें। प्रोस्थेटिक आँख न केवल सौंदर्य को बहाल करती है बल्कि चेहरे की संरचना को भी स्थिर रखती है और संक्रमण से बचाती है। सही विशेषज्ञ की सलाह और मार्गदर्शन के साथ प्रोस्थेटिक आँख का उपयोग किया जा सकता है।