बारिश और शीतलहर अलर्ट: अगले 5 दिन इन 10 राज्यों में बढ़ेगी मुसीबत.... पड़ेगी कड़ाके की ठंड.... मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी.... यहां हो सकती है बारिश.... देखें CG समेत अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम.....

बारिश और शीतलहर अलर्ट: अगले 5 दिन इन 10 राज्यों में बढ़ेगी मुसीबत.... पड़ेगी कड़ाके की ठंड.... मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी.... यहां हो सकती है बारिश.... देखें CG समेत अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम.....

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नई दिल्ली। कड़ाके की ठंड का सामना कर रहे लोगों की मुसीबत बढ़ने वाली है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कुछ राज्यों में हल्की बारिश और शीतलहर चलने को लेकर अलर्ट जारी किया है. साथ ही मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में घना कोहरा पड़ने की भी चेतावनी दी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि पंजाब में 20 दिसंबर तक और हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तरी राजस्थान में 18 से 20 दिसंबर तक शीतलहर चलने की आशंका है. इसके साथ ही आईएमडी ने सुबह के समय पंजाब, असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम के अलग-अलग हिस्सों में घना कोहरा पड़ने की भी चेतावनी दी है.

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश और बर्फबारी की आशंका है, जबकि उत्तराखंड में 17 दिसंबर को बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल छाए रहने और हल्की बारिश हो सकती है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में में बुधवार को पारा 7.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढक गया, जबकि अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री रहा. 

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम रहा. मौसम कार्यालय ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार से पश्चिमी विक्षोभ के कारण आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम को बूंदाबांदी होने का अनुमान लगाया है. मौसम विभाग ने कहा है कि पंजाब में 20 दिसंबर तक और हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तरी राजस्थान में 18 से 20 दिसंबर तक शीतलाहर का प्रकोप देखने को मिल सकता है. अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट आने के आसार हैं.

CG में मौसम

प्रदेश में उत्तर-पूर्व से हवा आ रही है .  दिनांक 17 दिसंबर को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.