भारत के खाते में एक और मेडल: पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास.... चीनी खिलाड़ी को हराकर जीता ब्रॉन्ज मेडल.... दो ओलंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनींं.... भारतीय हॉकी टीम ने दोहराया इतिहास, 49 साल बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची.....

भारत के खाते में एक और मेडल: पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास.... चीनी खिलाड़ी को हराकर जीता ब्रॉन्ज मेडल.... दो ओलंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनींं.... भारतीय हॉकी टीम ने दोहराया इतिहास, 49 साल बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची.....

 

डेस्क। पीवी सिंधु स्टार भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीत लिया है। रविवार को खेले गए ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उन्होंने वर्ल्ड नंबर-9 चीन की हे बिंग जियाओ को 21-13, 21-15 से हराया। वर्ल्ड नंबर-7 सिंधु को इस मुकाबले को जीतने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई और उन्होंने महज 52 मिनट में यह मुकाबला अपने नाम कर लिया। टोक्यो ओलंपिक में भारत का यह तीसरा पदक है। 

 

 

सबसे पहले मीराबाई चनू ने वेटलिफ्टिंग के 49 किलो भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। वहीं, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने 69 किलो वेल्टरवेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए मेडल पक्का कर चुकी हैं। सिंधु ने चीन की खिलाड़ी के खिलाफ पहला सेट आसानी के साथ जीता, लेकिन दूसरे सेट में उन्हें जीतने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इस जीत के साथ ही सिंधु भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने लगातार दो ओलंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीता है।

 

 

दिग्गज पहलवान सुशील कुमार बीजिंग 2008 खेलों में ब्रॉन्ज और लंदन 2012 खेलों में सिल्वर पदक जीतकर ओलंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। सिंधु ने इससे पहले ब्राजील के शहर रियो में हुए ओलंपिक खेलों में सिल्वर मेडल हासिल किया था, लेकिन वह गोल्ड लाने से महज एक कदम दूर रह गईं थीं। तब उन्हें फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी। पिछले ओलंपिक में भारतीय दल ने सिर्फ दो मेडल ही हासिल किए थे। इसमें सिंधु के अलावा कुश्ती में साक्षी मलिक ने ब्रॉन्ज मेडल कर कब्जा जमाया था।

 

 

सिंधु के अलावा टोक्यो में अब तक वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने ही पदक पर मुहर लगाई है। मीराबाई ने महिलाओं की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा के 49 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। इसके लिए उन्होंने 202 किलो का कुल भार उठाया, जबकि लवलीना ने महिलाओं की 69 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की निएन चिन चेन को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया और इस ओलंपिक में देश के लिए दूसरा पदक पक्का किया था।

 

 

26 साल की सिंधु का ओलंपिक खेलों में यह दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2016 के रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था। इसके साथ ही सिंधु ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय बन गई हैं। उनसे पहले रेसलर सुशील कुमार यह अनोखी उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। सुशील ने बीजिंग ओलंपिक(2008) में कांस्य और लंदन ओलंपिक(2012) में रजत पदक जीता था। ओवरऑल ओलंपिक के बैडमिंटन इवेंट में भारत का यह तीसरा पदक है। सिंधु के अलावा साइना नेहवाल भी ओलंपिक में पदक जीत चुकी है। साइना 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने में कामयाब रही थीं। 

 

भारतीय हॉकी टीम ने दोहराया इतिहास, 49 साल बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची

 

भारतीय हॉकी टीम ने इतिहास दोहराते हुए ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। 1972 के बाद पहली बार भारतीय हॉकी टीम अंतिम 4 में पहुंची है। भारतीय हॉकी टीम ने इतिहास दोहराते हुए 49 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची। मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम ने रविवार को क्वार्टर फाइनल में ब्रिटेन को 3-1 से मात दी। यह 41 साल बाद है जब पुरुष हॉकी में भारत ने ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल में जगह बनाई है।


इस मुकाबले में भारत के लिए दिलप्रीत सिंह, गुरजंत सिंह और हार्दिक सिंह ने 1-1 गोल किया जबकि ब्रिटेन का एकमात्र गोल वार्ड ने तीसरे क्वार्टर की समाप्ति से कुछ क्षण पहले पेनल्टी कॉर्नर पर किया। ओलंपिक में भारत और ब्रिटेन का सामना 9वीं बार हुआ और भारत ने अब जीत-हार का अपना रिकॉर्ड 5-4 कर लिया है।