Tax Saving Scheme: टैक्स बचाने के आसान तरीके! इस सरकारी स्कीम्स में करें निवेश, टैक्स भी बचेगा और रिटर्न भी मिलेगा...जानिए पूरी डिटेल्स...

Tax Saving Schemes: Easy Ways To Save Tax! Invest in this government schemes, tax will also be saved and returns will also be available...Know full details... Tax Saving Schemes: टैक्स बचाने के आसान तरीके! इस सरकारी स्कीम्स में करें निवेश, टैक्स भी बचेगा और रिटर्न भी मिलेगा...जानिएपूरी डिटेल्स...

Tax Saving Scheme: टैक्स बचाने के आसान तरीके! इस सरकारी स्कीम्स में करें निवेश, टैक्स भी बचेगा और रिटर्न भी मिलेगा...जानिए पूरी डिटेल्स...
Tax Saving Scheme: टैक्स बचाने के आसान तरीके! इस सरकारी स्कीम्स में करें निवेश, टैक्स भी बचेगा और रिटर्न भी मिलेगा...जानिए पूरी डिटेल्स...

Income Tax Saving Investment Plan :

 

नया भारत डेस्क : इस बार के बजट में भी मोदी सरकार की तरफ से टैक्स बचाने के लिए टैक्सपेयर्स को कोई खास रियायत नहीं दी है. हर करदाता (Taxpayer) ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचाना चाहता है, हालांकि ऐसा करना आसान नहीं है. यदि आप भी अधिक टैक्स बचाना चाहते हैं तो फाइनेंशियल प्लानिंग (Financial planning) करना बेहद जरूरी है. अगर आपकी सैलरी का बड़ा हिस्‍सा इनकम टैक्‍स में जाता है तो आपको ऐसी जगह निवेश करना चाहिए जहां से बेहतर रिटर्न मिले, साथ ही  आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं. अगर आप भी इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए ऐसा कोई विकल्‍प ढूंढ रहे हैं, तो यहां जानिए कूछ ऐसी स्मॉल सेविंग स्कीम्स (Small Savings Schemes) के बारे में, जो आपके लिए मददगार हो सकती हैं. (Tax Saving Schemes)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) :

इस मामले में आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश कर सकते हैं. यह एक शानदार टैक्स सेविंग स्कीम साबित हो सकती है. इसमें आपको आपको 7.1% का रिटर्न मिलता हैं. साथ ही 3 स्तरों पर टैक्स छूट मिलती है. इस स्कीम में सालाना 1.50 लाख रुपए तक निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है. इसके अलावा इस पर मिलने वाले ब्‍याज और मैच्‍योरिटी की रकम पर भी टैक्‍स फ्री रहती है. पीपीएफ में महज 500 रुपए प्रतिमाह से निवेश की शुरुआत की जा सकती है और एक वित्त वर्ष में आप इसमें 1.5 लाख रुपए तक का निवेश कर सकते हैं. इसके अलावा Tax Saving Fixed Deposit में पैसा लगाकर आप पैसे बचा सकते हैं. (Tax Saving Schemes)

इसके अलावे आप 5 साल की टैक्स सेवर Fixed Deposit Scheme में निवेश करें तो आप आसानी से टैक्स बचा सकते हैं. क्योंकि इसमें निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है. इस फिक्स्ड डिपॉजिट में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट ली जा सकती है. हालांकि, सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाने के लिए एक और तरीका वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड भी है, जो इन दोनों से बेहतर है. वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड स्कीम, पीपीएफ और एफडी की तुलना में बेहतर ब्याज दर प्रदान करती है. (Tax Saving Schemes)

वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) क्या है :

अगर आप नौकरी करते हैं तो आप प्रोविडेंट फंड (EPF) बेनिफट के हकदार होते हैं. हालांकि, VPF, EPF से अलग है. VPF, जैसा कि नाम से पता चलता है, सैलरीड कर्मचारियों के लिए उपलब्ध एक वॉलंटरी कंट्रिब्यूशन फैसिलिटी है. बता दें कि 15 साल के अनिवार्य लॉक-इन के साथ पीपीएफ के तहत मौजूदा ब्याज दर 7.1% है. जबकि VPF में, लॉक-इन पीरियड सिर्फ 5 वर्ष है और वर्तमान ब्याज दर 8.1% है. PPF डिपॉजिट से अर्जित ब्याज टैक्स-फ्री है, जबकि VPF के मामले में, कंबाइंड डिपॉजिट (VPF+EPF) पर 2.5 लाख रुपये तक का ब्याज टैक्स-फ्री है. वीपीएफ से किसी भी समय इमरजेंसी निकासी की अनुमति है. हालांकि, PPF के मामले में आप 5 साल बाद ही इमरजेंसी में निकासी कर सकते हैं. (Tax Saving Schemes)

इन बातों का रखें ध्यान :

VPF स्कीम, PPF या 5 साल की एफडी की तुलना में बेहतर टैक्स-सेविंग स्कीम है, लेकिन आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि EPF + VPF से 2.5 लाख रुपये से अधिक के कंबाइंड कंट्रिब्यूशन से ऊपर अर्जित ब्याज टैक्सेबल है. इसलिए अगर आपका एनुअल कंट्रिब्यूशन 2.5 लाख रुपये से कम होगा, तो आप पीपीएफ और एफडी पर वीपीएफ पसंद कर सकते हैं. आप अपनी कंपनी में HR रिप्रेजेंटेटिव से बात करके वीपीएफ स्कीम में निवेश कर सकते हैं. (Tax Saving Schemes)

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (Post Office) :

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (Post Office Time Deposit) या पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट 1, 2, 3 और 5 सालों के लिए होती है. इंडिया पोस्‍ट की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के हिसाब से सभी के लिए इंटरेस्‍ट रेट्स अलग-अलग हैं जैसे – एक साल के डिपॉजिट पर 5.50 फीसदी ब्याज, दो साल के डिपॉजिट पर 5.70 फीसदी ब्याज, तीन साल के डिपॉजिट पर 5.80 फीसदी ब्याज और पांच साल के डिपॉजिट पर 6.70 फीसदी ब्याज. ये योजन बैंक की एफडी की तरह है. इस योजना सिर्फ 5 साल में आयकर की धारा 80सी के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है. इस योजना में मिलने वाला रिटर्न कर योग्य होता है. (Tax Saving Schemes)

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) :

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (Senior Citizen Savings Scheme) में 7.6% वार्षिक ब्‍याज मिलता है. इस स्कीम की मैच्योरिटी 5 साल की होती है, लेकिन बाद में उसे 3 साल के लिए बढ़ा सकते हैं. हालांकि अगर एक साल में ब्‍याज की राशि 50,000 रुपए से अधिक हो, तो उसका TDS कटेगा. (Tax Saving Schemes)

सुकन्या समृद्धि योजना (SY) :

आप अपनी 10 साल से कम उम्र की बिटिया के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में खाता खुलवाकर टैक्स सेविंग (Tax Saving) कर सकते हैं. यह एक छोटी बचत योजना है, जिसे मोदी सरकार ने लॉन्‍च किया है. इस स्‍कीम में अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा करके इनकम टैक्‍स की छूट ली जा सकती है. फिलहाल सरकार इस योजना पर 7.6 फीसदी सालाना ब्याज दे रही है. (Tax Saving Schemes)

ईपीएफ (EPF) सेविंग्स स्कीम :

अगर आपका ईपीएफ खाता है, तो आपको उसमें अधिक से अधिक निवेश करना चाहिए. ईपीएफ के निवेश पर आपको अच्‍छा खासा ब्‍याज मिलता है. वर्तमान में ईपीएफ पर ब्‍याज 8.1%  है. नए नियमों के मुताबिक किसी कर्मचारी के पीएफ खाते में सालाना 2.5 लाख रुपए के योगदान पर लगने वाला ब्याज टैक्स-फ्री होगा. हालांकि 2.5 लाख रुपए से अधिक के योगदान पर अर्जित ब्याज पर टैक्‍स देना होगा. (Tax Saving Schemes)

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) :

नेशनल पेंशन स्कीम भी इस मामले में मददगार साबित होती है.  एनपीएस टिअर-1 अकाउंट के मामले में अकाउंट होल्डर को इनकम टैक्स एक्ट 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक और 80सीसीडी (1बी) के तहत 50 हजार रुपये के टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है. एनपीएस खाता खोलते समय प्रारंभिक राशि 500 रुपए है जिसमें न्यूनतम वार्षिक योगदान 1000 रुपए है. अधिकतम अंशदान की कोई ऊपरी सीमा नहीं है. NPS के तहत, फिक्स्ड रिटर्न रेट ऑफर नहीं किया जाता है. ये एक मार्केट लिंक्ड फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है. (Tax Saving Schemes)