CG ब्रेकिंग: वंदे भारत एक्सप्रेस में पत्थरबाजी... नाबालिग ने मस्ती में मारी थी ट्रेन में पत्थर… मामला दर्ज.....

Stone pelting in Vande Bharat Express, case registered

CG ब्रेकिंग: वंदे भारत एक्सप्रेस में पत्थरबाजी... नाबालिग ने मस्ती में मारी थी ट्रेन में पत्थर… मामला दर्ज.....
CG ब्रेकिंग: वंदे भारत एक्सप्रेस में पत्थरबाजी... नाबालिग ने मस्ती में मारी थी ट्रेन में पत्थर… मामला दर्ज.....

Stone pelting in Vande Bharat Express, case registered

नयाभारत डेस्क। गाडी संख्या 20826 नागपुर- बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई। अपचारी बालक ने पूछताछ करने पर मस्ती में कांच तोडने के लिये पत्थर मारना स्वीकार किया। रेल्वे अधिनियम के धारा 153 का दोषी पाते हुये उसे अभिरक्षा में लेकर अपराध क्रमांक 1567/2023 दिनांक 10.03.2023 धारा 153 रेल्वे अधिनियम दर्ज किया गया। अपचारी बालक होने के कारण बालक को लिखित में उसके माता- पिता को अभिरक्षा में दिया गया।

गाडी संख्या 20826 नागपुर- बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में सरोना- रायपुर के मघ्य किमी संख्या 833/25 के पास किसी बालक जो कि काले रंग का पेन्ट एवं काले रंग को टी शर्ट जिसमें सामने कुछ लिखा हुआ है। गाडी संख्या 20826 नागपुर- बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई है।जो कि कोच संख्या सी-13 में आकर लगा है। सूचना के आधार पर किमी संख्या 834/07 एम्स अस्पताल के पीछे डयुटी में तैनात प्रधान आरक्षक पी.के गौरहा तथा उसी क्षेत्र में चोरी की पतासाजी में तैनात सउनि डी.के वर्मा एवं प्रधान आरक्षक जे.एल. कौशल को तुरन्त घटना स्थल पर पहुंचने हेतु निर्देशित किया गया ।

निरीक्षक एम.के मुखर्जी उपनि के.बी.गुप्ता के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल के आस- पास क्रिकेट खेल रहे बच्चों से घटना के सम्बंध में जानकारी ली गई। सूचना , हुलिया, एवं पहनावा के आधार पर राजीव नगर घटनास्थल के पास ही एक अपचारी बालक को रोका गया जिससे पूछताछ करने पर स्वैच्छा से उपरोक्त गाडी में मस्ती में कांच तोडने के लिये पत्थर मारना स्वीकार किया। अपचारी बालक द्वारा अपना गलती कबूल करने पर अपचारी बालक को अभिरक्षा में लेकर उसके माता- पिता के साथ रेल्वे सुरक्षा बल पोस्ट रायपुर लाया गया। 

अपचारी बालक के कथनानुसार उनका बयान उसके माता- पिता के समक्ष दर्ज किया गया। अपचारी बालक को रेल्वे अधिनियम के धारा 153 का दोषी पाते हुये उसे अभिरक्षा में लेकर अपराध क्रमांक 1567/2023 दिनांक 10.03.2023 धारा 153 रेल्वे अधिनियम दर्ज किया गया। सूर्यस्त होने तथा अपचारी बालक होने के कारण बालक को लिखित में उसके माता- पिता को अभिरक्षा में दिया गया। मामले की जांच निरीक्षक एम.के. मुखर्जी के द्वारा कि जा रही है।