भाजपा की महतारी हुंकार रैली पर औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब नें कसा तंज… स्मृति ईरानी को लेकर कही बड़ी बात…
On the Mahatari Hunkar rally, the Vice President of the Pharmaceutical Plant Board, Guru Khushwant Saheb took a jibe




नया भारत डेस्क : छत्तीसगढ़ में बीजेपी की महातारी हुंकार रैली पर औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने तंज कसा कहा कि भाजपा को पहले उत्तर प्रदेश, बिहार, गोवा और गुजरात को देखना चाहिए। वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध की क्या स्थिति है?
औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही बीजेपी महिलाओं को मिस कर रही है. स्मृति ईरानी की महतारी हुंकार रैली चुनावी दुष्प्रचार है.
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को हुंकार रैली में शामिल होने से पहले कम से कम होमवर्क करना चाहिए था और पता होना चाहिए था कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ महिला अपराध के मामले में देश में हमेशा अव्वल रहा है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, बिहार जैसे राज्य देश में छत्तीसगढ़ से काफी आगे हैं। ये सभी राज्य छत्तीसगढ़ से काफी आगे हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ बीजेपी अब इस तरह से दुष्प्रचार कर रही है.छत्तीसगढ़ में 15 साल सत्ता में रही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में नसबंदी, गर्भाशय और आंख फोड़वा कांड हुए, लेकिन तब भाजपाई चुप्पी साधे रहे। क्या उस समय हुए इस तरह के कांड सही थे।
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा इन दिनों महंगाई चरम पर है, क्या यह सही है। महंगाई पर भाजपाइयों क्यों नहीं बोल रहे हैं विपक्ष रहते हुये स्मृति ईरानी महंगाई के खिलाफ खूब आंदोलन किया था गैस सिलेंडर लेकर सब्जियों की माला पहनकर फोटो खिचवाया था, जब सिलेंडर की कीमत 400 रू. था तब विरोध किया था। आज सिलेंडर के दाम 1150 रू. हो गया तब स्मृति ईरानी क्यों चुप है? जब आलू, प्याज की कीमत 14 रू. थी तब स्मृति ने उसकी माला पहनी थी, आज आलू, प्याज 40 रू. है स्मृति जी क्या अब भी आलू, प्याज की माला पहनेगी? जब खाद्य तेल, सरसों के तेल की कीमत, शक्कर, आटा, दालों की कीमत आज की अपेक्षा आधी थी तब स्मृति को महंगाई अधिक लग रही थी, आज देश में महंगाई की कीमत बेतहाशा बढ़ गयी स्मृति क्यों चुप है? कब मुखर होगी?एक बार फिर से भाजपा की एक और नेता स्मृति ईरानी ने झूठ बोला कि कांग्रेस ने शराबबंदी के लिये गंगाजल की कसम खाई थी, जबकि कांग्रेस ने सिर्फ कर्जमाफी के लिये कसम खाया था। जब रमन सिंह ने शराब का सरकारीकरण किया तब विरोध क्यों नहीं किया? छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति शराब की खपत रमन राज में देश में पहले नंबर पर था, तब रमन सिंह से सवाल क्यों नहीं किया? जब छत्तीसगढ़ में शराब का राजस्व 300 से बढ़कर 5000 करोड़ हो गया तब भाजपा महिला मोर्चा ने विरोध नहीं किया। आज छत्तीसगढ़ प्रति व्यक्ति शराब की खपत में देश में 18वें नंबर पर है। रमन राज की अपेक्षा कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अंग्रेजी शराब में 15 प्रतिशत देशी शराब में 10 प्रतिशत की कमी आई है।एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2018 में छत्तीसगढ़ बलात्कार के मामलों में पांचवें नंबर पर था, 2021 में भूपेश सरकार की महिला सुरक्षा नीतियों के कारण छत्तीसगढ़़ 11 वे स्थान पर आ चुका था। बलात्कार के प्रयास की घटनाओं में भी एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ 2018 तक 10वें स्थान पर था, जबकि भूपेश सरकार के बाद 2021 में छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थिति में सुधार किया है और ये 16वें स्थान पर है। महिला के विरूद्ध घटित अपराध में छत्तीसगढ़ की स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर 18वें स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति लाख आबादी पर महिला के विरूद्ध घटित अपराध की दर 63.3 है। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रति लाख आबादी पर महिला के विरूद्ध घटित अपराध की दर 49.8 है। सितम्बर 2013 में (यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम) की रिपोर्ट आई कि रमन सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ मानव तस्करी का केंद्र बन चुका था। दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों में रेड लाइट इलाकों में पाई जाने वाली अधिकतर लड़कियां छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों से लाई गई थी। महिलाओं और बालिकाओं की तस्करी के आंकड़ों के मामले में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल था। रमन शासनकाल में 27000 से अधिक महिलाएं लापता थी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मानव तस्करी के अपराध में 72 प्रतिशत की कमी आई है। नवंबर 2014 में बिलासपुर में आयोजित नसबंदी शिविर मे सभी स्वास्थ्य मापदंडों की अवहेलना करते हुए केवल 4 घंटे में 83 महिलाओं की नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया गया था। इस दौरान 18 महिलाओं की मौत हो गई थी। झलियामारी कांड में सरकारी कन्या आश्रम मे 6 से 14 वर्ष की नाबालिग बच्चियों के साथ महीनों तक अनाचार होता रहा मगर कोई कार्यवाही नहीं हुई। गर्भाशय कांड-केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए वर्ष 2007 में शुरू की गई स्वास्थ्य बीमा योजना की राशि हड़पने के लिए हज़ारों ग़रीब महिलाओं का बिना वजह ऑपरेशन कर गर्भाशय निकाल दिया गया था।